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Congress: ओवैसी के बढ़ते कद से परेशान हैं ये कांग्रेसी नेता, पार्टी के खिलाफ खोला मोर्चा; दे डाली चेतावनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 25 Jan 2026 01:41 PM IST
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सार
कांग्रेस में असंतोष के स्वर लगातार तेज हो रहे हैं। पहले शशि थरूर, फिर शकील अहमद और अब पार्टी के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। राशिद अल्वी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी में संवाद की भारी कमी है और शीर्ष नेताओं से मिलना मुश्किल है। साथ ही अल्वी ने आरोप लगाया कि पार्टी में मुस्लिम नेतृत्व की उपेक्षा हो रही है।
कांग्रेस नेता पार्टी नेतृत्व पर उठा रहे सवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शशि थरूर के पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर करने के बाद अब एक के बाद एक कई नेताओं की नाराजगी बाहर आ रही है। शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने राहुल गांधी और पार्टी नेतृत्व के प्रति खुलकर शिकायत की। अब कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राशिद अल्वी ने पार्टी को चेतावनी दी है कि अगर पार्टी में मुस्लिम नेताओं को तवज्जो नहीं दी गई तो देश में असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं का उभार होगा। राशिद अल्वी ने पार्टी को नसीहत देते हुए चेतावनी भी दी।
क्या बोले राशिद अल्वी
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस में कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। जिस तरह से नेपाल में कानून है कि राजा के मुंह से जो निकला, वहीं कानून है, उसी तरह से कांग्रेस पार्टी में भी राहुल गांधी जो बोलते हैं, वही होता है। शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गांधी सभी को साथ लेकर चलतीं थी और नेताओं से समय-समय पर मुलाकात करती रहतीं थी, लेकिन राहुल गांधी नेताओं से नहीं मिलते।
ये भी पढ़ें- Tharoor: 'मैं थरूर को वोट देना चाहता था, लेकिन...', शकील अहमद के बयान पर कांग्रेस सांसद ने कही ये बात
मुस्लिम नेताओं की उपेक्षा से नाराजगी
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क्या बोले राशिद अल्वी
- कांग्रेस नेता शकील अहमद ने एक बयान में पार्टी नेतृत्व की तीखी आलोचना की। जब इसे लेकर राशिद अल्वी से प्रतिक्रिया मांगी गई तो उनकी भी नाराजगी खुलकर सामने आ गई।
- राशिद अल्वी ने पार्टी में मौजूद समस्या के बारे में बताते हुए कहा, 'कांग्रेस पार्टी में एक बड़ी समस्या यह है कि कोई ऐसा मंच नहीं है जहां मुद्दों पर चर्चा हो सके। नेताओं से मिलना आम तौर पर मुश्किल होता है। अगर लोग अपनी चिंताएं जाहिर करना चाहते हैं, तो वे कहां जाएं?'
- 'निश्चित रूप से पार्टी के बीच संवाद की कमी है। यह कांग्रेस पार्टी के अंदर एक बड़ी समस्या है, और बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि कांग्रेस हाई कमांड से मिलना आसान नहीं है। संवाद की कमी को निश्चित रूप से खत्म किया जाना चाहिए।'
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बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस में कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। जिस तरह से नेपाल में कानून है कि राजा के मुंह से जो निकला, वहीं कानून है, उसी तरह से कांग्रेस पार्टी में भी राहुल गांधी जो बोलते हैं, वही होता है। शकील अहमद ने कहा कि सोनिया गांधी सभी को साथ लेकर चलतीं थी और नेताओं से समय-समय पर मुलाकात करती रहतीं थी, लेकिन राहुल गांधी नेताओं से नहीं मिलते।
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मुस्लिम नेताओं की उपेक्षा से नाराजगी
- राशिद अल्वी ने कांग्रेस पार्टी में मुस्लिम नेताओं की उपेक्षा का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'कई मुस्लिम नेताओं ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी है। लेकिन कोई इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि एक भी नेता भाजपा में शामिल नहीं हुआ। उन्होंने सत्ता के लालच में पार्टी नहीं छोड़ी, जबकि दूसरे गैर-मुस्लिम जिन्होंने कांग्रेस छोड़ी, वे सभी सत्ता के लिए गए और सभी बीजेपी में शामिल हो गए।'
- 'कल, अगर कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है, तो वे वापस आकर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे। मुस्लिम नेताओं ने सत्ता के लालच में पार्टी नहीं छोड़ी है। उन्होंने पार्टी छोड़ी है, और यह चिंता का विषय है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी में मुस्लिम नेतृत्व को नजरअंदाज किया गया है।'
- 'मेरी अपनी पार्टी और दूसरी सेक्युलर पार्टियों को मेरा सुझाव यह है: अगर मुस्लिम नेतृत्व को नजरअंदाज किया जाता है, तो ओवैसी जैसे नेता देश में उभरते रहेंगे। आज, ओवैसी एक शक्तिशाली ताकत बन रहे हैं।'