New Delhi: 'पूरा लेबनान जलना चाहिए', इस्राइली मंत्री के बयान पर भड़की कांग्रेस; सरकार की चुप्पी पर साधा निशाना
इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर के 'पूरा लेबनान जलना चाहिए' वाले विवादित बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्राइल के प्रति केंद्र सरकार का रवैया भारत के राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा रहा है।
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विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने शनिवार को इस्राइली मंत्री द्वारा 'पूरे लेबनान को जलाकर राख करने' की धमकी के बाद भारत की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि इससे देश के हितों को नुकसान पहुंचता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि जहां दुनिया भर में ईरान-अमेरिका शांति समझौते का सावधानी के साथ स्वागत किया गया है, वहीं वरिष्ठ इस्राइली नेताओं के बयानों से शांति और सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। अमेरिका-ईरान MoU, जिसका दुनिया भर में सावधानी के साथ स्वागत किया गया है, उसे कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें सबसे बड़ा खतरा इस्राइल से है। इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री जैसे ऊंचे पद पर बैठे व्यक्ति ने अभी-अभी पूरे लेबनान को जलाकर राख करने की बात कही है।
अमेरिका-ईरान MOU, जिसका दुनिया भर में सावधानी के साथ स्वागत किया गया है, कई खतरों का सामना कर रहा है। इनमें सबसे बड़ा खतरा इजराइल की ओर से है। इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री जैसे शीर्ष पद पर बैठे व्यक्ति ने अभी-अभी पूरे लेबनान को जलाने की बात कही है। लेकिन हमेशा की तरह मोदी…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 20, 2026
मोदी सरकार की चुप्पी पर कांग्रेस का हमला
इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री पर भारत की चुप्पी पर जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा भारत की चुप्पी और केंद्र सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'हमेशा की तरह मोदी सरकार पूरी तरह खामोश है। इस्राइल के प्रति प्रधानमंत्री की अंधी भक्ति हमारे देश के हितों को नुकसान पहुंचा रही है, ताकि किसी तरह 'मोदानी' साम्राज्य के हित सुरक्षित रहें।' बता दें कि कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी महासचिव की यह टिप्पणी इस्राइल और लेबनान के बीच बढ़ती दुश्मनी के बीच आई है।
बेन-गवीर ने क्या कहा था?
बता दें कि एक बेहद भड़काऊ पोस्ट में इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने लेबनान में सैन्य कार्रवाई तेज करने की मांग की। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि इस्राइली मां के हर आंसू के बदले एक हजार लेबनानी माताओं को रोना चाहिए। पूरा लेबनान जलना चाहिए। राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ने आगे कहा था कि अमेरिकियों का पूरा सम्मान करते हुए, इज़राइल को पूरी दुनिया को यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि हमारे बेटों का खून और हमारे नागरिकों की सुरक्षा दांव पर नहीं है। इस्राइल का सर्वोच्च कर्तव्य अपने नागरिकों और IDF के सैनिकों की रक्षा करना है और यह प्रतिबद्धता किसी भी अन्य विचार से ऊपर है। बहुत हो गया यह पिंग-पोंग। मध्य पूर्व में आप नपे-तुले जवाब और संयम से नहीं जीतते, आपको आक्रामक होना पड़ता है। पूरी तरह खत्म करने के लिए। आतंक को कुचलने के लिए।
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मनमोहन सिंह और इंदिरा गांधी का उदाहरण देकर मोदी सरकार पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की कूटनीतिक दृढ़ता का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह शांत और गरिमापूर्ण नेता थे, लेकिन राष्ट्रीय हितों के मुद्दों पर अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने भी मजबूती से खड़े होते थे। खेड़ा ने देवयानी खोबरागड़े प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में भारत ने 24 घंटे के भीतर अमेरिकी दूतावास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव कर स्पष्ट संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया ने उस समय भारत के कड़े रुख को देखा था। खेड़ा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा राष्ट्रीय हितों के सवाल पर मुखर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार संबंधित घटनाओं की निंदा नहीं कर सकती थी, तो कम से कम भारतीय नाविकों की मौत पर जवाब मांगते हुए माफी की मांग तो कर सकती थी।