सीट का समीकरण: एक चेहरा, दो पार्टियां, तीन चुनाव; ऐसा है पिछले 15 साल का नहटौर विधानसभा सीट का समीकरण
बिजनौर की नहटौर विधानसभा सीट पर 2012 में बसपा, जबकि 2017 और 2022 में भाजपा ने जीत दर्ज की। मुस्लिम, दलित, चौहान और जाट मतदाता यहां के चुनावी समीकरण में अहम भूमिका निभाते हैं। जानिए नहटौर सीट का पूरा राजनीतिक इतिहास, जातीय गणित और चुनावी सफर...
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उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देश की राजनीति का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सत्ताधारी भाजपा अपनी सत्ता बचाए रख पाती है या विपक्ष उसके 10 साल के वर्चस्व को खत्म कर देगा। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात बिजनौर जिले की नहटौर (Nehtaur) विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास...
पहले जानते हैं नहटौर सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं। इन 75 जिलों में कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं जिलों में से एक जिला बिजनौर है। जिले में कुल आठ विधानसभा सीटें हैं। इनमें- नजीबाबाद, नगीना, बढ़ापुर, धामपुर, नहटौर, बिजनौर, चांदपुर और नूरपुर सीटें शामिल हैं। 'सीट का समीकरण' की आज की कड़ी में हम नहटौर विधानसभा सीट की बात करेंगे। बिजनौर जिले की नहटौर विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद हुआ। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में आयोजित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक ओम कुमार बने, जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
2022 के चुनावों की बात करें तो, नहटौर से भाजपा को कड़े मुकाबले में जीत मिली थी। इन चुनावों में नहटौर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ओम कुमार ने जीत हासिल की। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मुंशीराम को महज 258 वोट से हराया था। इस चुनाव में भाजपा के ओम कुमार को 77,935 वोट मिले, जबकि आरएलडी के मुंशीराम को 77,677 वोट मिले। चुनाव में बसपा की प्रिया सिंह तीसरे नंबर पर रहीं, जिन्हें 38,020 वोट मिले। ओम कुमार की नहटौर में लगातार तीसरी जीत थी।
नहटौर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, दलित, चौहान और जाट आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 25% हैं। इसके बाद दलित मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 22% है, जबकि चौहान और जाट मतदाता लगभग11-11% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं।
नहटौर विधानसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई। नहटौर विधानसभा सीट पर पहला चुनाव 2012 में हुआ। इन चुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जीत हासिल की थी। चुनावों में बसपा की तरफ से मैदान में उतरे ओम कुमार ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राजकुमार को हराकर जीत हासिल की। इन चुनावों में बसपा के ओम कुमार को सबसे ज्यादा 51,389 वोट मिले, जबकि सपा के राजकुमार 31,991 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर रहे। वहीं तीसरे और चौथे नंबर पर राष्ट्रीय लोक दल के मुंशी राम और भाजपा के सुभाष चंद्र बाल्मीकि रहे, जिन्हें क्रमशः 27,397 और 20,872 वोट मिले।
2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में चुनाव हुए। इन चुनावों में राज्य में भाजपा का बोलबाला रहा था, क्योंकि राज्य के चुनावी नतीजों में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई। इसका असर बिजनौर की नहटौर विधानसभा सीट पर भी पड़ा था। इन चुनावों में नहटौर विधानसभा सीट से भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ते हुए ओम कुमार ने कुल 76,644 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के मुन्नालाल प्रेमी को हराया, जिन्हें कुल 53,493 वोट मिले। चुनावों में बसपा के विवेक सिंह तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें कुल 47,059 वोट मिले।