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सीट का समीकरण: 2022 और 2024 में सहयोगी बदलकर भी जीता रालोद, कैसा है मीरापुर सीट का चुनावी इतिहास?
Fri, 14 Aug 2026 05:40 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 14 Aug 2026 05:40 PM IST
सार
मुजफ्फरनगर की मीरापुर विधानसभा सीट पर पिछले चार चुनावों में तीन अलग दलों को जीत मिली है। इस सीट पर मुस्लिम, एससी, जाट और गुर्जर मतदाता अहम भूमिका निभाते हैं। आइये जानते हैं मीरापुर सीट का चुनावी इतिहास, जातीय समीकरण और 2027 के चुनाव से पहले सियासी गणित...
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मीरापुर विधानसभा सीट का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। देश की राजनीति का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनावी बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सत्ताधारी भाजपा अपनी सत्ता बचाए रख पाती है या विपक्ष उसके 10 साल के वर्चस्व को खत्म कर देगा। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में हमारी खास सीरीज 'सीट का समीकरण' में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
पहले जानते हैं मीरापुर सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला मुजफ्फरनगर है। जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, खतौली और मीरापुर सीटे सामिल हैं। 'सीट का समीकरण' में आज हम मीरापुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद हुआ। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में आयोजित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक जमील अहमद कासमी बने, जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
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पहले जानते हैं मीरापुर सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक जिला मुजफ्फरनगर है। जिले में कुल छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें- बुढ़ाना, चरथावल, पुरकाजी, मुजफ्फरनगर, खतौली और मीरापुर सीटे सामिल हैं। 'सीट का समीकरण' में आज हम मीरापुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट का गठन वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद हुआ। इस क्षेत्र में पहला विधानसभा चुनाव वर्ष 2012 में आयोजित किया गया था। इस विधानसभा क्षेत्र के पहले विधायक जमील अहमद कासमी बने, जिन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।
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मीरापुर विधानसभा सीट का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले बात 2022 विधानसभा चुनाव की
2022 के चुनावों की बात करें तो, इसमें मीरापुर विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के प्रशांत चौधरी को 27,000 से अधिक वोटों से हराया। इस चुनाव में आरएलडी के चंदन चौहान को 1,07,421 वोट मिले, जबकि भाजपा के प्रशांत चौधरी को 80,041 वोट मिले। चुनाव में बसपा के मोहम्मद सलीम तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 23,797 वोट मिले।
2024 में हुए उपचुनाव में क्या हुआ?
2024 के लोकसभा चुनाव में चंदन चौहान रालोद के टिकट पर बिजनौर लोकसभा सीट से जीते। सांसद चुने जाने के बाद चंदन चौहान ने मीरापुर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां उपचुनाव कराए गए। 2024 के उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल की मिथिलेश पाल विजयी हुईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की सुम्बुल राणा को 30,426 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में मिथिलेश पाल को 83,852 वोट मिले, जबकि सुम्बुल राणा को 53,426 वोट मिले। ये रालोद की यहां लगातार दूसरी जीत थी।
मीरापुर विधानसभा सीट का जातीय समीकरण क्या?
मीरापुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC) और जाट आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 36% हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति (SC) के लगभग 20%, जाट लगभग 12% और गुर्जर मतदाता लगभग लगभग 10% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं।
2022 के चुनावों की बात करें तो, इसमें मीरापुर विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल के चंदन चौहान ने जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के प्रशांत चौधरी को 27,000 से अधिक वोटों से हराया। इस चुनाव में आरएलडी के चंदन चौहान को 1,07,421 वोट मिले, जबकि भाजपा के प्रशांत चौधरी को 80,041 वोट मिले। चुनाव में बसपा के मोहम्मद सलीम तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 23,797 वोट मिले।
2024 में हुए उपचुनाव में क्या हुआ?
2024 के लोकसभा चुनाव में चंदन चौहान रालोद के टिकट पर बिजनौर लोकसभा सीट से जीते। सांसद चुने जाने के बाद चंदन चौहान ने मीरापुर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां उपचुनाव कराए गए। 2024 के उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में मुजफ्फरनगर जिले की मीरापुर विधानसभा सीट से राष्ट्रीय लोक दल की मिथिलेश पाल विजयी हुईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी की सुम्बुल राणा को 30,426 वोटों के अंतर से हराया। चुनाव में मिथिलेश पाल को 83,852 वोट मिले, जबकि सुम्बुल राणा को 53,426 वोट मिले। ये रालोद की यहां लगातार दूसरी जीत थी।
मीरापुर विधानसभा सीट का जातीय समीकरण क्या?
मीरापुर विधानसभा सीट के जातिगत समीकरण की बात करें तो कुल मतदाताओं में मुस्लिम, अनुसूचित जाति (SC) और जाट आबादी सबसे निर्णायक भूमिका निभाती है। क्षेत्र में सर्वाधिक आबादी मुस्लिम मतदाताओं की है, जो लगभग 36% हैं। इसके बाद अनुसूचित जाति (SC) के लगभग 20%, जाट लगभग 12% और गुर्जर मतदाता लगभग लगभग 10% हैं। वहीं, बाकी अन्य जातियों के मतदाता हैं।
मीरापुर विधानसभा सीट का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
मीरापुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
2008 में अस्तित्व में आई मीरापुर विधानसभा सीट पर पहले चुनाव (2012) में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जीत हासिल की थी। चुनावों में बसपा की तरफ से मैदान में उतरे जमील अहमद कासमी ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मिथिलेश पाल और भाजपा के वीरपाल निर्वाल को हराकर जीत हासिल की थी। इन चुनावों में बसपा के जमील अहमद कासमी को सबसे ज्यादा 56,802 वोट मिले, जबकि आरएलडी के मिथिलेश पाल और भाजपा के वीरपाल निर्वाल को क्रमशः 44,069 और 25,689 वोट मिले। वहीं सपा के महाराजुद्दीन को 21,083 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में यहां चुनाव हुए। इन चुनावों में राज्य में भाजपा का बोलबाला रहा, जिसका असर मीरापुर विधानसभा सीट पर भी पड़ा। इन चुनावों में मीरापुर विधानसभा सीट से भाजपा के अवतार सिंह भड़ाना ने कुल 69,035 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के लियाकत अली (जिन्हें 68,842 वोट मिले) को बहुत ही कम अंतर से हराया। चुनावों में बसपा के नवाजिश आलम खान तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें कुल 39,689 वोट मिले।
2008 में अस्तित्व में आई मीरापुर विधानसभा सीट पर पहले चुनाव (2012) में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने जीत हासिल की थी। चुनावों में बसपा की तरफ से मैदान में उतरे जमील अहमद कासमी ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के मिथिलेश पाल और भाजपा के वीरपाल निर्वाल को हराकर जीत हासिल की थी। इन चुनावों में बसपा के जमील अहमद कासमी को सबसे ज्यादा 56,802 वोट मिले, जबकि आरएलडी के मिथिलेश पाल और भाजपा के वीरपाल निर्वाल को क्रमशः 44,069 और 25,689 वोट मिले। वहीं सपा के महाराजुद्दीन को 21,083 वोटों से ही संतोष करना पड़ा।
2012 के बाद उत्तर प्रदेश में 2017 में यहां चुनाव हुए। इन चुनावों में राज्य में भाजपा का बोलबाला रहा, जिसका असर मीरापुर विधानसभा सीट पर भी पड़ा। इन चुनावों में मीरापुर विधानसभा सीट से भाजपा के अवतार सिंह भड़ाना ने कुल 69,035 वोट हासिल करते हुए जीत दर्ज की। उन्होंने सपा के लियाकत अली (जिन्हें 68,842 वोट मिले) को बहुत ही कम अंतर से हराया। चुनावों में बसपा के नवाजिश आलम खान तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें कुल 39,689 वोट मिले।