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Assam: असम में कांग्रेस को एक ओर झटका, पिता के भाजपा में शमिल होने के बाद बेटे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 19 Mar 2026 02:44 PM IST
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सार

असम में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एक ओर झटका लगा। पिता के भाजपा में शामिल होने के बाद से बेट ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। 

Congress suffers another setback in Assam as son withdraws his candidacy after father joins BJP
कांग्रेस नेता प्रतीक बोरदोलोई - फोटो : ANI
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विस्तार

कांग्रेस पार्टी को असम एक बड़ा झटका लगा है। दरअसल, मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार प्रतीक बोरदोलोई ने अपने पिता और पार्टी के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे एक पत्र में प्रतीक ने कहा कि उनके पिता के पार्टी से इस्तीफा देने के बाद उनकी उम्मीदवारी जारी रहने से लोगों और पार्टी के बीच उनकी प्रतिबद्धता को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होगी।

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पत्र में क्या लिखा? 
पत्र में लिखा है कि पार्टी के प्रति अत्यंत सम्मान और गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ मैं मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का निर्णय लेता हुूं। मेरे पिता दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने के वजह से वर्तमान परिस्थितियों में मुझे लगता है कि मेरे लिए उम्मीदवार के रूप में बने रहना उचित नहीं होगा। मेरा मानना है कि मार्गेरिटा के लोगों और अनगिनत समर्पित कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पार्टी के उम्मीदवार के प्रति पूर्ण स्पष्टता और विश्वास प्राप्त होना चाहिए। यदि मेरी प्रतिबद्धता या पार्टी के रुख के संबंध में कोई भ्रम या गलत धारणा उत्पन्न होती है, तो यह उनके साथ अन्याय होगा।"
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किसी भी भूमिका में काम करना जारी रखूंगा

यह कहते हुए कि यह निर्णय पूरी तरह से पार्टी के प्रति सम्मान पर आधारित है। प्रतीक ने "नेतृत्व द्वारा उचित समझे जाने वाली किसी भी क्षमता में निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करना जारी रखने का अनुरोध किया। उन्होंने लिखा, "मेरा निर्णय पूरी तरह से संगठन के प्रति मेरे सम्मान और कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और अनुशासन को बनाए रखने की मेरी इच्छा से प्रेरित है। हालांकि, मैं यह दोहराना चाहता हूं कि कांग्रेस के आदर्शों में मेरा विश्वास अटूट है। मैं पार्टी के लिए और मार्गेरिटा के विकास के लिए नेतृत्व द्वारा उचित समझे जाने वाली किसी भी भूमिका में काम करना जारी रखूंगा।"

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कांग्रेस के बारे में क्या कहा?
प्रतीक ने पत्र में लिखा "मुझे बहुत कम उम्र से ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पार्टी के आदर्शों ने हमेशा मेरी राजनीतिक सोच और जनजीवन के प्रति मेरी प्रतिबद्धता को आकार दिया है। कांग्रेस ने मुझे जनता की सेवा करने और समावेशी विकास और धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र की परिकल्पना में विश्वास रखने का मंच प्रदान किया है। वर्षों से मुझ पर दिखाए गए विश्वास और प्रोत्साहन के लिए मैं पार्टी नेतृत्व का आभारी हूं।" यह घटनाक्रम कांग्रेस नेता प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद लोकसभा सीट से इस्तीफा देने के बाद सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनका यह निर्णय लगातार आंतरिक अपमान और पार्टी नेतृत्व से समर्थन की कमी के कारण लिया गया है।

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अपने आरोपों को मनगढ़ंत बताया
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा असम विधानसभा चुनावों के लिए एक टिकट आवंटन के बजाय कई मुद्दों से संबंधित था। असम केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की एक बैठक का जिक्र करते हुए। प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा कि इमरान मसूद एक उम्मीदवार के खिलाफ उनके आरोपों को मनगढ़ंत बताकर खारिज करने के बाद उन्हें दुख हुआ, जिस पर उन्होंने आपराधिक गठजोड़ चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मीडिया से कहा, "मेरे लिए टिकट मिलना जीवन-मरण का सवाल नहीं था। कई मुद्दे थे। मेरे लिए महत्वपूर्ण था कि मैं गर्व से अपना सिर ऊंचा रखूं। कांग्रेस पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है।बोरदोलोई का इस्तीफा असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह के भाजपा में शामिल होने के एक महीने बाद आया है, जिन्होंने कांग्रेस में तीन दशकों तक सेवा की थी।

ये घटनाक्रम असम में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच सामने आए हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को घोषणा की कि सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान 9 अप्रैल को एक ही चरण में होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 


 

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