फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Congress terms VBSA Very Bad Shiksha Act asks Naidu to have courage to oppose it

Congress: कांग्रेस ने वीबीएसए को बताया 'वेरी बैड शिक्षा एक्ट', चंद्रबाबू नायडू से क्यों की विरोध की अपील?

Fri, 10 Jul 2026 03:41 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, अमर उजाला
पीटीआई, अमर उजाला Published by: नितिन गौतम Updated Fri, 10 Jul 2026 03:41 PM IST
सार

कांग्रेस ने बीसीएसए कानून की आलोचना करते हुए इससे संविधान के संघीय ढांचे का उल्लंघन होगा और राज्यों के अधिकारों का हनन होगा। कांग्रेस ने तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू से इस बिल के विरोध की अपील की है। 

विज्ञापन
Congress terms VBSA Very Bad Shiksha Act asks Naidu to have courage to oppose it
जयराम रमेश, कांग्रेस महासचिव - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कांग्रेस ने उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों के लिए लाए जा रहे विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक को संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ बताया। साथ ही कांग्रेस ने नए विधेयक को देश के विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के लिए खतरा बताते हुए इसे 'वेरी बैड शिक्षा एक्ट' करार दिया। यह विधेयक फिलहाल संसद की एक समिति के समक्ष विचाराधीन है और 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में इस पर चर्चा और पारित किए जाने की संभावना है।
विज्ञापन


कांग्रेस ने चंद्रबाबू नायडू से बिल के विरोध की मांग क्यों की?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एनडीए शासित राज्यों, खासकर आंध्र प्रदेश से इस विधेयक का विरोध करने की अपील की और संसद में इस विधेयक का विरोध करने की हिम्मत दिखाने की अपील की। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'वीबीएसए वास्तव में 'वेरी बैड शिक्षा एक्ट' साबित होगा। इसकी वजह है कि इसमें संविधान के दायरे से बाहर जाकर अधिकारों का विस्तार किया गया है, अनुदान परिषद का अभाव, राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों पर असर होगा और इससे यूजीसी की परामर्श संबंधी व्यवस्था भी कमजोर होगी।'
विज्ञापन


उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से इस विधेयक का विरोध करने की अपील करते हुए कहा कि चंद्रबाबू नायडू परिसीमन विधेयकों के खिलाफ थे, लेकिन उन्हें उनका समर्थन करना पड़ा। रमेश ने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है। जयराम रमेश ने कहा, 'अब मोदी सरकार के अस्तित्व के लिए टीडीपी पहले जैसी जरूरी नहीं रह गई है, क्योंकि एनडीए में उसकी जगह तीन साल पुरानी, कम चर्चित और संदिग्ध 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' ने जगह ले ली है। इसलिए अगर नायडू को लगता है कि वीबीएसए राज्यों के हित में नहीं है, तो उन्हें खुलकर इसका विरोध करना चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


कांग्रेस ने बिल को लेकर क्या चिंता जताई?
उन्होंने आरोप लगाया कि वीबीएसए विधेयक आयोग को व्यापक अधिकार देता है और राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करता है। उन्होंने दावा किया, यह विधेयक संविधान के संघीय ढांचे का उल्लंघन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीबीएसए विधेयक आयोग को व्यापक अधिकार देता है और राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करता है। उन्होंने दावा किया, यह विधेयक संविधान के संघीय ढांचे का उल्लंघन करता है। जयराम रमेश ने कहा कि मौजूदा विधेयक में केवल तीन परिषदों का प्रावधान है और अनुदान देने वाली परिषद को इसमें शामिल नहीं किया गया है।


रमेश ने आरोप लगाया कि इससे अनुदान देने की शक्तियां शिक्षाविदों द्वारा संचालित स्वायत्त संस्थाओं, जैसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), से वापस मंत्रालय के पास चली जाएंगी, जिसे राजनेता चलाते हैं। राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों पर प्रभाव का उल्लेख करते हुए रमेश ने कहा कि विधेयक के दायरे में आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, आईआईआईटी और आईआईएसईआर जैसे संस्थानों को भी शामिल किया गया है, जिन्हें अब तक स्वायत्तता मिली हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed