Railways: अब ट्रेन टिकट बुकिंग होगी आसान! नई IRCTC वेबसाइट में आएंगे ये 4 बड़े बदलाव
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स के इस्तेमाल को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रेलवे के अनुसार, इसमें कुछ सुधार हुआ है, लेकिन यह लगातार चलने वाली चुनौती है। इसे रोकने के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।
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ट्रेन टिकट बुकिंग को पहले से आसान, तेज और बेहतर बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रेलवे जल्द ही नई आईआरसीटीसी वेबसाइट का बीटा वर्जन लॉन्च करेगा। लॉन्च से पहले जयपुर स्थित एमएनआईटी के छात्रों को इसका डेमो दिखाया गया। इस दौरान छात्रों से फीडबैक लिया गया। रेलवे का कहना है कि छात्रों के सुझावों के आधार पर वेबसाइट में कई बड़े बदलाव किए गए हैं, ताकि यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान बेहतर अनुभव मिल सके।
नई आईआरसीटीसी वेबसाइट को भारतीय रेलवे के नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। रिजर्वेशन सिस्टम का अपग्रेड भी साथ-साथ चल रहा है। ऐसे में नई सुविधाओं वाली आईआरसीटीसी वेबसाइट अगले कुछ महीनों में यात्रियों के लिए शुरू कर दी जाएगी। दरअसल,एमएनआईटी जयपुर के छात्रों ने सबसे पहले आईआरसीटीसी वेबसाइट की कमियों की ओर ध्यान दिलाया था। इसी कारण 10 जुलाई को नई वेबसाइट के बीटा वर्जन की समीक्षा भी उन्हीं छात्रों से कराई गई।
- नई वेबसाइट के बीटा वर्जन में चार बड़े बदलाव किए गए हैं। यात्रियों को अब अनावश्यक कैप्चा, पॉप-अप और फ्लैशिंग ग्राफिक्स नहीं होंगे।
- सभी श्रेणियों (क्लास) में सीटों की उपलब्धता एक साथ दिखाई देगी।
- टिकट बुकिंग के लिए पहले की तुलना में कम चरण पूरे करने होंगे, जिससे बुकिंग तेज होगी।
- ब यात्रियों की जानकारी सेव रहने से दोबारा टिकट बुक करना भी आसान हो जाएगा।
भारतीय रेलवे ने बताया, विभिन्न ट्रेन टिकट बुकिंग ऐप्स को संचालित करने वाले करीब 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम को भी अपग्रेड किया जा रहा है। अपग्रेड के दौरान भी सिस्टम को लगातार चालू रखा गया। नया पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम जल्द लॉन्च किया जाएगा। वहीं, रेल वन ऐप के डाउनलोड 4 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुके हैं। यह देश का सबसे बड़ा रेलवे टिकट बुकिंग ऐप बन गया है, जहां यात्रियों को रेलवे की सभी प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती हैं।
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स के इस्तेमाल को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। रेलवे के अनुसार, इसमें कुछ सुधार हुआ है, लेकिन यह लगातार चलने वाली चुनौती है। इसे रोकने के लिए आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।