रहिए सतर्क: बदल दें कोरोना को न्योता देने वाली यह पांच आदतें
चाहे बात शराब, सिगरेट छोड़ने की हो या पूरी नींद लेने की, यदि आपने समय रहते कुछ गलत आदतों को नहीं बदला तो कोरोना वायरस आपको भी अपनी चपेट में ले सकता है। ऐसा मानना है स्वास्थ्य विशेषज्ञों का।
कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। लोगों से बार-बार हाथ धोने की अपील की जा रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं अपनी कुछ खराब आदतों के चलते आप कोरोना वायरस को दावत दे सकते हैं।
बार-बार दांत से नाखून काटने की आपकी आदत जहां आपको भारी पड़ सकती है वहीं शराब को अगर आप कोरोना का इलाज मान रहे हैं तो ये आपकी बड़ी भूल साबित हो सकता है। जरूरत है वक्त रहते अपनी इन पांच बुरी आदतों पर तुरंत लगाम लगा देने कि क्योंकि लॉकडाउन के दौरान बरती गईं आपकी सारी सावधानियों पर आपकी कुछ आदतें पानी फेर सकती हैं।
स्मोकिंग करने वालों को खास चेतावनी
सिगरेट या अन्य तरह का धूम्रपान सीधे फेफड़ों पर असर करता है। द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडीसिन ने हाल ही में एक अध्ययन किया है। इसमें सामने आया कि स्मोकर्स के आईसीयू में भर्ती होने, सांस लेने में ज्यादा तकलीफ यहां तक कि मरने की आशंका स्मोकिंग न करने वालों की तुलना में तीन गुना ज्यादा है।
यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डेटा के अनुसार स्मोकिंग करने वाले लोगों में कोविड-19 वायरस की जद में आने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल की एक रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू एस2 नाम का ऐसा एंजाइम बढ़ाता है, जो कोविड-19 वायरस को फेफड़ों के सेल्स से चिपकने में मदद कर सकता है। सीडीसी की ओर से जारी नई गाइडलाइन में स्मोकिंग करने वालों को खास चेतावनी दी गई है।
क्या करें- जितनी जल्दी संभव हो सके अपनी इस आदत को बदलें। क्योंकि स्मोकिंग की वजह से आपके फेफड़े इतने मजबूत नहीं होते कि वायरस का मुकाबला कर सके। इसका परिणाम ये होगा कि ये आदत आपके लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है।
कम नींद लेना
अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो किसी न किसी वजह से अपनी नींद पूरी नहीं करते तो आपकी यह आदत ठीक नहीं। नींद पूरी न होना कोरोना वायरस से ग्रसित होने की आशंका बढ़ा सकता है। वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक नींद की कमी आपके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकती है। वहीं एक और अध्ययन के मुताबिक 7 घंटे से ज्यादा सोने वालों की तुलना में 5 घंटे से कम सोने वालों में जुकाम होने की आशंका 4.5 गुना ज्यादा है।
क्या करें: एक स्वस्थ शरीर आप तभी पा सकते हैं, जब आपकी नींद पूरी हो। आपको कम से कम आठ घंटे की पूरी नींद लेने की आदत डालनी चाहिए। लॉकडाउन के दौरान काम की वजह से तनाव लेकर नींद कम न लें।
शराब की लत से संक्रमण का खतरा बढ़ता है
शराब की लत दुनिया भर में सबसे महत्वपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में एक है। एनएचएस के अनुसार जो लोग बहुत शराब पीते हैं उन्हें संक्रामक बीमारियां जल्दी पकड़ लेती हैं। ऐसा होता है क्योंकि ज्यादा शराब साइटोकिन बनने में रुकावट डालती है। साइटोकिन वे तत्व हैं जो शरीर की इंफेक्शन से लड़ने की ताकत में अहम भूमिका निभाते हैं।
हालांकि कोरोना को लेकर ये अफवाह भी खूब सुनने को मिल रही है कि शराब पीने वालों को कोरोना के संक्रमण का खतरा कम है। लेकिन आपको बता दें WHO इस बात से इत्तेफाक नहीं रखता है। फेफड़ों में सिलिया नाम का एक हिस्सा होता है, जो सांस लेने के लिए हवा का रास्ता साफ रखता है और उसे म्यूकस व धूल से बचाता है।
शराब इसे नुकसान पहुंचाती है। और इसकी वजह से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं एक अध्ययन में सामने आया है कि नियमित रूप से शराब पीने से गैर-मेलेनोमा त्वचा कैंसर होने का खतरा काफी अधिक है। जितनी जल्दी हो सके अपनी इस आदत को छोड़ दें।
दांत से नाखून काटने की आदत
दांत से नाखून काटने की आदत आपको कोरोना वायरस से संक्रमित कर सकती है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के लैंगोन मेडिकल सेंटर (Langone Medical Center) में एलर्जी और संक्रामक रोग विशेषज्ञ पूर्वी पारिख का कहना है कि नाखून काटना संक्रमण को न्योता देने जैसा है। इनके मुताबिक हमारे नाखूनों के बीच बैक्टीरिया वायरस, मैल बड़ी आसानी से फंस जाता है ऐसे में जब कोई अपने दांत से नाखून चबाता है तो ये सब चीजें बड़ी ही आसानी से शरीर में दाखिल हो जाती हैं।'
ऐसे में इस लत के शिकार लोगों को कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा है, फिर भले ही आप खुद को कितना भी स्वच्छ क्यों न रख लें, आप बीमार हो सकते हैं। अगर आप भी दांत से नाखून काटते हैं तो सावधान हो जाएं।
चेहरे से जुड़ी ये पांच आदतें
कुछ लोगों के द्वारा यह भी देखा जा रहा है कि वह छोटी-छोटी बातों और सावधानियों पर भी लापरवाही बरत रहे हैं। अमूमन बालों में बार-बार हाथ फेरना, नाखून से दांत साफ करना, पिंपल्स फोड़ना, चेहरे को बार-बार छूना। आंखें और मुंह ऐसी जगहें हैं जहां से वायरस आसानी से आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है।
एक अध्ययन के मुताबिक लोग एक घंटे में करीब 16 बार से भी ज्यादा अपने चेहरे को छूते हैं। पिंपल्स को बार-बार छूना भी खतरनाक हो सकता है। दरअसल पिंपल्स छूने या फोड़ने से हाथों और हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया त्वचा के अंदर प्रवेश कर जाते हैं, जहां संख्या बढ़ाकर ये बैक्टीरिया इंफेक्शन पैदा कर सकते हैं। अगर आपको ये आदत है तो जल्द इसे बदल लीजिए। क्योंकि जाने अनजाने आप वायरस को न्योता दे रहे हैं।
अपनी इन्हीं गलत आदतों की वजह से आप बार-बार बीमार पड़ते हैं। इसका सीधा अर्थ यही है कि आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है, क्योंकि जब यह क्षमता दुरुस्त रहती है तो व्यक्ति कम बीमार पड़ता है। शरीर में इंफेक्शन न फैले इसके लिए जरूरी है कि आप थोड़ी-थोड़ी देर पर धोते रहें। हाथ धोने के बाद अपने नाक, मुंह और आंख को बिल्कुल न छुएं और जल्द ही अपनी इन आदतों को बदलें। पौष्टिक आहार लें।
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