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सबरीमाला सोना मामला: CPI(M) का कांग्रेस पर बड़ा हमला, बड़े नेताओं पर लगाए ये गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Tue, 10 Feb 2026 04:22 PM IST
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सार
सबरीमाला मंदिर में सोने की हेराफेरी के मामले में केरल हाई कोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके बाद सत्ताधारी सीपीएम ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए उसके बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एमवी गोविंदन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर सोना चोरी मामले में केरल हाई कोर्ट ने विजिलेंस जांच का आदेश दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद सत्ताधारी सीपीएम ने कांग्रेस के प्रमुख नेताओं पर इस मामले में साफ भूमिका होने का आरोप लगाया। मंगलवार को मलप्पुरम में सीपीएम के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि सबरीमाला मंदिर में हुई गड़बड़ी में कांग्रेस के बड़े नेताओं की साफ भूमिका थी। गोविंदन ने मीडिया के एक हिस्से पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले मीडिया इस खबर को बड़े उत्साह से दिखा रहा था, लेकिन कांग्रेस नेताओं की भूमिका सामने आती चुप्पी साध ली।
कांग्रेस नेताओं पर सीधे आरोप
यह मामला साल 2017 का है, जब सबरीमाला मंदिर में एक नया ध्वज स्तंभ (झंडे का खंभा) लगाया जा रहा था। हाई कोर्ट ने इसी में हुई सोने और पैसे की कथित हेराफेरी की जांच का आदेश दिया है। एम वी गोविंदन ने कहा कि जिस समय यह गड़बड़ी हुई, उस वक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रयार गोपालकृष्णन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष थे। वहीं, कांग्रेस नेता अजय थरायिल बोर्ड के सदस्य थे।
गोविंदन ने आगे कहा, "हाई कोर्ट के इस आदेश से अब यह साफ हो गया है कि नए ध्वज स्तंभ को लगाने में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं की अहम भूमिका थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस काम के लिए कई भक्तों ने सोना दान किया था, जो अब गायब है। साथ ही इसके नाम पर करोड़ों रुपये भी जमा किए गए थे।
कहां गया भक्तों का सोना और पैसा
सीपीएम नेता ने आरोप लगाया कि जमा किए गए सोने और पैसे का कोई सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी इसकी रसीद नहीं दी गई थी। गोविंदन ने सवाल उठाया कि सबरीमाला में नए ध्वज स्तंभ के नाम पर जमा हुआ सोना और पैसा आखिर कहां गया। उन्होंने मांग की कि इस गड़बड़ी के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के सामने लाया जाना चाहिए।
इस दौरान गोविंदन ने विपक्ष के नेता वी डी सतीशन पर भी हमला बोला। उन्होंने सतीशन से पूछा कि वह इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बीच हुई मुलाकात के बारे में सफाई दें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने सतीशन पर राज्य में बीजेपी, मुस्लिम लीग, कांग्रेस और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन बनाने का भी आरोप लगाया।
हाई कोर्ट ने सोमवार को एक भक्त की शिकायत पर यह जांच का आदेश दिया था। सबरीमाला के मुख्य विजिलेंस अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती जांच में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत जांच जरूरी है। इसमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों की आशंका जताई गई है।
यह भी पढ़ें: 'चुनाव में लिए 2 करोड़, 7 साल बाद भी नहीं लौटाए', इस कांग्रेस नेता पर लगे सनसनीखेज आरोप; जानिए पूरा मामला
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कांग्रेस नेताओं पर सीधे आरोप
यह मामला साल 2017 का है, जब सबरीमाला मंदिर में एक नया ध्वज स्तंभ (झंडे का खंभा) लगाया जा रहा था। हाई कोर्ट ने इसी में हुई सोने और पैसे की कथित हेराफेरी की जांच का आदेश दिया है। एम वी गोविंदन ने कहा कि जिस समय यह गड़बड़ी हुई, उस वक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रयार गोपालकृष्णन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के अध्यक्ष थे। वहीं, कांग्रेस नेता अजय थरायिल बोर्ड के सदस्य थे।
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गोविंदन ने आगे कहा, "हाई कोर्ट के इस आदेश से अब यह साफ हो गया है कि नए ध्वज स्तंभ को लगाने में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेताओं की अहम भूमिका थी।" उन्होंने आरोप लगाया कि इस काम के लिए कई भक्तों ने सोना दान किया था, जो अब गायब है। साथ ही इसके नाम पर करोड़ों रुपये भी जमा किए गए थे।
कहां गया भक्तों का सोना और पैसा
सीपीएम नेता ने आरोप लगाया कि जमा किए गए सोने और पैसे का कोई सही हिसाब-किताब नहीं रखा गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी इसकी रसीद नहीं दी गई थी। गोविंदन ने सवाल उठाया कि सबरीमाला में नए ध्वज स्तंभ के नाम पर जमा हुआ सोना और पैसा आखिर कहां गया। उन्होंने मांग की कि इस गड़बड़ी के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के सामने लाया जाना चाहिए।
इस दौरान गोविंदन ने विपक्ष के नेता वी डी सतीशन पर भी हमला बोला। उन्होंने सतीशन से पूछा कि वह इस मामले के मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के बीच हुई मुलाकात के बारे में सफाई दें। एक सवाल के जवाब में उन्होंने सतीशन पर राज्य में बीजेपी, मुस्लिम लीग, कांग्रेस और जमात-ए-इस्लामी का गठबंधन बनाने का भी आरोप लगाया।
हाई कोर्ट ने सोमवार को एक भक्त की शिकायत पर यह जांच का आदेश दिया था। सबरीमाला के मुख्य विजिलेंस अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि शुरुआती जांच में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिनकी विस्तृत जांच जरूरी है। इसमें धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर अपराधों की आशंका जताई गई है।
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