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गुजरात के दाहोद में शादी का जश्न पड़ा फीका: दावत में आमरस पीने के बाद 230 लोग बीमार, FSSAI ने मांगी रिपोर्ट
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 21 Apr 2026 05:28 PM IST
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सार
दाहोद में शादी के दौरान दूषित भोजन खाने से 230 लोग बीमार हो गए। संदिग्ध फूड पॉइजनिंग का कारण आमरस माना जा रहा है। 59 लोग अस्पताल में भर्ती हैं, हालांकि सभी की स्थिति अब खतरे से बाहर है। इस बीच मामले में FSSAI ने हस्तक्षेप किया है। संस्था ने गुजरात प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
एफएसएसएआई
- फोटो : Social Media
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विस्तार
गुजरात के दाहोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां एक शादी समारोह में दावत खाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया। अभलोद गांव में आयोजित इस समारोह में करीब 230 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। अचानक इतने लोगों की तबीयत बिगड़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में सभी प्रभावित लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
रात 11 बजे शुरू हुआ संकट
जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह का प्रीतिभोज चल रहा था। रात करीब आठ बजे लगभग 400 मेहमानों ने एक साथ खाना खाया। भोजन के मेन्यू में आमरस यानी मैंगो जूस भी शामिल था। खाना खाने के करीब तीन घंटे बाद मेहमानों को परेशानी शुरू हुई। रात 11 बजे के आसपास कई लोगों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और उल्टी की शिकायत की। देखते ही देखते बीमारों की संख्या 200 के पार पहुंच गई।
प्रशासन ने संभाली कमान
दाहोद के जिला कलेक्टर योगेश निरगुडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्थिति काफी गंभीर थी। कुल 230 लोगों ने उल्टियां और दस्त की शिकायत की। प्रशासन ने तुरंत मेडिकल टीमों को सक्रिय किया। बीमारों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों में भेजा गया। कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है।
मरीजों की स्थिति अब स्थिर
रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राजीव डामोर ने ताजा जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 59 मरीजों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किसी की भी जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। प्रारंभिक जांच में शक की सुई आमरस की ओर घूम रही है। आशंका है कि गर्मी या दूध की खराबी के कारण जूस विषाक्त हो गया होगा। स्वास्थ्य विभाग ने खाने के नमूने ले लिए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के असली कारण का पता चल सकेगा।
यह भी पढ़ें: ये रहा गर्मी का डाइट चार्ट: गर्मी में भूलकर ना खाएं 5 चीजें, वरना पक्का लगेगा हॉस्पिटल का चक्कर
एफएसएसएआई ने मांगी रिपोर्ट
इस मामले को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। देश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुजरात के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एक्शन मोड में केंद्रीय नियामक
एफएसएसएआई के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने गुजरात के खाद्य आयुक्त से इस पूरी घटना की बारीक जानकारी मांगी है। नमूनों की जांच और साक्ष्य जुटाने में राज्य के अधिकारियों की तकनीकी मदद भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सबूत मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह का प्रीतिभोज चल रहा था। रात करीब आठ बजे लगभग 400 मेहमानों ने एक साथ खाना खाया। भोजन के मेन्यू में आमरस यानी मैंगो जूस भी शामिल था। खाना खाने के करीब तीन घंटे बाद मेहमानों को परेशानी शुरू हुई। रात 11 बजे के आसपास कई लोगों ने पेट में तेज दर्द, मरोड़ और उल्टी की शिकायत की। देखते ही देखते बीमारों की संख्या 200 के पार पहुंच गई।
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प्रशासन ने संभाली कमान
दाहोद के जिला कलेक्टर योगेश निरगुडे ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्थिति काफी गंभीर थी। कुल 230 लोगों ने उल्टियां और दस्त की शिकायत की। प्रशासन ने तुरंत मेडिकल टीमों को सक्रिय किया। बीमारों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक केंद्रों में भेजा गया। कुछ मरीजों को निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है।
मरीजों की स्थिति अब स्थिर
रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर राजीव डामोर ने ताजा जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि 59 मरीजों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। राहत की बात यह है कि सभी मरीजों की हालत अब स्थिर है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। किसी की भी जान को फिलहाल कोई खतरा नहीं है। प्रारंभिक जांच में शक की सुई आमरस की ओर घूम रही है। आशंका है कि गर्मी या दूध की खराबी के कारण जूस विषाक्त हो गया होगा। स्वास्थ्य विभाग ने खाने के नमूने ले लिए हैं। इन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही संक्रमण के असली कारण का पता चल सकेगा।
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एफएसएसएआई ने मांगी रिपोर्ट
इस मामले को केंद्र सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। देश की सर्वोच्च खाद्य नियामक संस्था, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने गुजरात के अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
एक्शन मोड में केंद्रीय नियामक
एफएसएसएआई के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने गुजरात के खाद्य आयुक्त से इस पूरी घटना की बारीक जानकारी मांगी है। नमूनों की जांच और साक्ष्य जुटाने में राज्य के अधिकारियों की तकनीकी मदद भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सबूत मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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