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Dalai Lama: वैश्विक संघर्षों पर दलाई लामा ने जताई चिंता, शांति की अपील करते हुए कहा- बातचीत से सुलझेंगे विवाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:56 PM IST
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सार
दलाई लामा ने वैश्विक संघर्षों के बीच शांति की अपील की है। उन्होंने पाम संडे पर पोप के संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि हिंसा का कोई समाधान नहीं है। केवल बातचीत और आपसी सम्मान से ही स्थायी शांति संभव है।
दलाई लामा
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इस्राइल, अमेरिका और यूरोप में रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के बीच तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही उन्होंने पाम संडे के मौके पर पोप की ओर से की गई शांति की अपील समर्थन किया है। दलाई लामा ने कहा कि हथियारों को डाल देने और हिंसा को पूरी तरह छोड़ देने की यह पुकार उनके विचारों से गहराई को छू गई।
दलाई लामा ने जोर देकर कहा कि दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों की मूल शिक्षा एक ही है। चाहे वह ईसाई धर्म हो, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म या यहूदी धर्म हो, सभी महान आध्यात्मिक परंपराएं हमें प्यार और करुणा का पाठ पढ़ाती हैं। इन सभी धर्मों में सहनशीलता और आत्म-अनुशासन को सबसे ऊपर रखा गया है। किसी भी धर्म की सच्ची शिक्षाओं में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
उन्होंने कहा इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा हमेशा और अधिक हिंसा को ही जन्म देती है। हिंसा कभी भी स्थायी शांति की नींव नहीं हो सकती। दलाई लामा ने पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्षों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन विवादों का अंत केवल बातचीत, कूटनीति और आपसी सम्मान के जरिए ही हो सकता है।
ये भी पढ़ें: West Asia: होर्मुज पर नेतन्याहू ने सुझाया स्थाई समाधान, बोले- सैन्य कार्रवाई कुछ समय के लिए दे सकती है स्थिरता
उन्होंने कहा हम सभी एक-दूसरे के भाई-बहन हैं। हमें इसी समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दलाई लामा ने अंत में प्रार्थना की कि दुनिया भर में जारी हिंसा और युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हों। उन्होंने सभी से शांति के मार्ग पर चलने का आग्रह किया है।
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दलाई लामा ने जोर देकर कहा कि दुनिया के सभी प्रमुख धर्मों की मूल शिक्षा एक ही है। चाहे वह ईसाई धर्म हो, बौद्ध धर्म, इस्लाम, हिंदू धर्म या यहूदी धर्म हो, सभी महान आध्यात्मिक परंपराएं हमें प्यार और करुणा का पाठ पढ़ाती हैं। इन सभी धर्मों में सहनशीलता और आत्म-अनुशासन को सबसे ऊपर रखा गया है। किसी भी धर्म की सच्ची शिक्षाओं में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है।
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Tibetan Spiritual leader Dalai Lama (@DalaiLama) posts, "I wholeheartedly endorse the powerful appeal for peace made by the Holy Father, Pope Leo, during his Palm Sunday Mass. His call for the laying down of arms and the renunciation of violence resonated profoundly with me, as… pic.twitter.com/0eaFaZOfbW
— Press Trust of India (@PTI_News) March 31, 2026
उन्होंने कहा इतिहास ने हमें बार-बार दिखाया है कि हिंसा हमेशा और अधिक हिंसा को ही जन्म देती है। हिंसा कभी भी स्थायी शांति की नींव नहीं हो सकती। दलाई लामा ने पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्षों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन विवादों का अंत केवल बातचीत, कूटनीति और आपसी सम्मान के जरिए ही हो सकता है।
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उन्होंने कहा हम सभी एक-दूसरे के भाई-बहन हैं। हमें इसी समझ के साथ आगे बढ़ना चाहिए। दलाई लामा ने अंत में प्रार्थना की कि दुनिया भर में जारी हिंसा और युद्ध जल्द से जल्द समाप्त हों। उन्होंने सभी से शांति के मार्ग पर चलने का आग्रह किया है।
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