Gandhi Jayanti: महात्मा गांधी की जयंती पर प्रार्थना सभा आयोजित, पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन हुए शामिल
Gandhi Jayanti: पीएम मोदी और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को महात्मा गांधी की 156वीं जयंती पर गांधी स्मृति में प्रार्थना सभा में भाग लिया। वहीं पीएम मोदी ने राजघाट पर फूलों से श्रद्धांजलि अर्पित की और एक्स पर लिखा कि बापू के साहस, सेवा और करुणा के मार्ग पर देश विकसित भारत की ओर बढ़ेगा।
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#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi attends a prayer meeting at Gandhi Smriti, in remembrance of Mahatma Gandhi on his birth anniversary today.
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(Video Source: DD News) pic.twitter.com/K7wfoB64Qj— ANI (@ANI) October 2, 2025
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi attends a prayer meeting at Gandhi Smriti, in remembrance of Mahatma Gandhi on his birth anniversary today.
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/MvnAAI3HG0— ANI (@ANI) October 2, 2025
#WATCH | Delhi | Vice President C.P. Radhakrishnan attends a prayer meeting at Gandhi Smriti, in remembrance of Mahatma Gandhi on his birth anniversary today.
(Video Source: DD News) pic.twitter.com/0n4ueDrcZG— ANI (@ANI) October 2, 2025
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पीएम मोदी ने गांधीजी के मूल्यों को किया याद
इससे पहले पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में गांधी जी की साहस, सेवा और करुणा के मूल्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि देश महात्मा गांधी के रास्ते पर चलकर 'विकसित भारत' की ओर बढ़ेगा। उन्होंने लिखा- 'गांधी जयंती प्रिय बापू के असाधारण जीवन को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने दिखाया कि साहस और सरलता बड़े बदलाव के साधन बन सकते हैं। सेवा और करुणा के माध्यम से लोगों को सशक्त बनाने की उनकी सोच आज भी हमें प्रेरित करती है। हम उनके मार्ग पर चलकर विकसित भारत बनाने का प्रयास जारी रखेंगे।'
केंद्रीय गृहमंत्री ने खादी उत्पाद खरीदने का किया आग्रह
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी और खादी के विचारों से न केवल गरीबों का जीवन सुधारा बल्कि स्वतंत्रता संग्राम को भी तेज किया। अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'महात्मा गांधी ने भारत की आत्मा को पहचाना। उन्होंने लोगों को ब्रिटिशों के खिलाफ खड़ा किया। उस समय भारत अंग्रेजी कपड़ा उद्योग का बाजार था। गांधी जी ने स्वदेशी और खादी के विचारों से न केवल स्वतंत्रता आंदोलन को गति दी बल्कि कई गरीबों के जीवन में रोशनी भी लाई।' अमित शाह ने लोगों से कम से कम सालाना 5,000 रुपये के खादी उत्पाद खरीदने का आग्रह किया। उनका कहना था कि यह अभियान देश में रोजगार बढ़ाएगा और 2047 तक भारत को दुनिया में शीर्ष स्थान पर लाने के लक्ष्य से जुड़ा है।
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अहिंसक प्रतिरोध के अग्रदूत थे बापू
2 अक्तूबर, 1869 को गुजरात के पोरबंदर में जन्मे मोहनदास करमचंद गांधी, जिन्हें महात्मा गांधी के नाम से भी जाना जाता है, अहिंसक प्रतिरोध के अग्रदूत थे। अहिंसा और सत्याग्रह के अपने दर्शन के माध्यम से, उन्होंने लाखों भारतीयों को ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। भारत को स्वतंत्रता मिलने के कुछ ही महीनों बाद, 30 जनवरी, 1948 को, नई दिल्ली स्थित गांधी स्मृति में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी।