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राम मंदिर दान घोटाला: कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी बोले- इस्तीफा नहीं दूंगा, SBI कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप

Tue, 14 Jul 2026 04:16 PM IST
Pavan पीटीआई, पुणे
पीटीआई, पुणे Published by: Pavan Updated Tue, 14 Jul 2026 04:16 PM IST
सार

अयोध्या के राम मंदिर में दान के पैसों की कथित चोरी के मामले पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि मंदिर की देखरेख में कुछ चूक हुई थी, लेकिन उन्होंने खुद इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह इस चोरी के लिए खुद को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं मानते हैं।

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Donation theft row: Ram temple trust treasurer says he won't quit; 'SBI employees should have been vigilant'
गोविंद देव गिरी महाराज, कोषाध्यक्ष, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित चोरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने मंगलवार को साफ किया कि वे अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने माना कि निगरानी में कुछ चूक जरूर हुई है, लेकिन खुद को व्यक्तिगत रूप से दोषी नहीं मानते। पुणे में मीडिया से बातचीत में गिरी महाराज ने कहा कि इस मामले में अब तक जितने लोग गिरफ्तार हुए हैं, वे सभी भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति और जांच की जिम्मेदारी बैंक की थी। उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए था। उन्होंने दान चोरी की रकम को लेकर कहा कि उनका व्यक्तिगत अनुमान करीब तीन करोड़ रुपये का है, लेकिन यह आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। उन्होंने चल रही एसआईटी जांच और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी पर संतोष जताया।
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इस्तीफे की खबरें 'भ्रामक'
गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनके इस्तीफे की खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने कहा, 'मैं छत्रपति शिवाजी महाराज का अनुयायी हूं, मैं भागने वालों में से नहीं हूं। जब लड़ने का समय होता है, तब मैदान नहीं छोड़ा जाता'।
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चंपत राय के इस्तीफे पर क्या बोले?
वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि यह उनका स्वैच्छिक फैसला था। ट्रस्ट के नियमों के अनुसार इस्तीफा देने के बाद उसे स्वीकार माना जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय की लापरवाही इस स्थिति की एक वजह रही।
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दान पेटी के पैसे में गड़बड़ी, बैंक खातों में नहीं
उन्होंने स्पष्ट किया कि गड़बड़ी दान पेटियों में जमा नकदी में हुई है, ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा पैसे सुरक्षित हैं। दान पेटियों की गिनती और हिसाब-किताब स्थानीय ट्रस्टी देखते हैं, जबकि एसबीआई को इस प्रक्रिया को संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी।

सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए नए कड़े नियम
उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए ट्रस्ट ने कई कड़े कदम उठाए हैं:
  • बिना जेब वाले कपड़े: पैसे गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनने होंगे।
  • सीसीटीवी निगरानी: उन जगहों को ठीक किया गया है जहां कैमरे की नजर नहीं पहुंचती थी।
  • फर्श पर गिनती: अब पैसों की गिनती टेबल के बजाय फर्श पर चटाई बिछाकर होगी, ताकि नोटों के बंडल छिपाए न जा सकें।
  • कड़ी चेकिंग: पैसे गिनने वाली जगह पर प्रवेश और निकास के समय सभी की गहन तलाशी ली जाएगी।
  • संयुक्त निगरानी: पैसे गिनते समय ट्रस्ट के दो प्रतिनिधि और एसबीआई के दो अधिकारी हमेशा मौजूद रहेंगे।

'भगवान राम के खिलाफ अपराध'
गोविंद देव गिरी महाराज ने इस घटना को 'भगवान राम के खिलाफ अपराध' बताया और कहा कि इससे ट्रस्ट को गहरा दुख हुआ है। उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की।


सोने की चोरी के दावों को बताया गलत
दान में मिले सोने के गायब होने और 1400 करोड़ रुपये के नुकसान के दावों को उन्होंने पूरी तरह गलत और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने 2,926 कीमती वस्तुओं का रिकॉर्ड मीडिया के सामने रखा है और दानदाताओं को जांच के लिए आमंत्रित किया है। गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि उनका प्रायश्चित इस्तीफा देना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को दोबारा न होने देना है।
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