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अब नहीं बचेंगे ड्रग माफिया: सीमा पार बैठे माफियाओं पर होगा वार; NCB चीफ ने बताई क्या है रणनीति?

Mon, 06 Jul 2026 04:23 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, गुवाहाटी
पीटीआई, गुवाहाटी Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 06 Jul 2026 04:23 PM IST
सार

एनसीबी महानिदेशक अनुराग गर्ग के मुताबिक, एजेंसी ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए अब सीमा पार तस्करी के नेटवर्क चलाने वाले सरगनाओं को पकड़ने पर फोकस कर रही है। कई बड़े तस्करों की पहचान हो चुकी है और उन्हें कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया जारी है।

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Drug mafias won't escape now Operator operating from across border will be targeted NCB chief reveals plan
एनसीबी - फोटो : ANI

विस्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के महानिदेशक (DG) अनुराग गर्ग ने सोमवार को कहा कि ड्रग्स की समस्या के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए अधिकारी अब अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क में शामिल सरगनाओं को पकड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस अवैध कारोबार में शामिल कई प्रमुख तस्करों की पहचान कर ली गई है और उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया जारी है।

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किन रास्तों से आने वाली ड्रग्स पर है NCB की नजर
गर्ग ने कहा कि हम पड़ोसी देशों से पूर्वोत्तर क्षेत्र के रास्ते आने वाली ड्रग्स की समस्या से पूरी तरह वाकिफ हैं और कई स्तरों पर इससे निपटने के लिए काम कर रहे हैं। म्यांमार मेथामफेटामाइन और हेरोइन दोनों का प्रमुख स्रोत है, जहां से ये नशीले पदार्थ भारत पहुंचते हैं। हमारी वार्षिक रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख किया गया है। एनसीबी प्रमुख ब्रिक्स (BRICS) सदस्य देशों की ड्रग-रोधी एजेंसियों के प्रमुखों की दो दिवसीय बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
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अब छोटे कोरियर नहीं तो कौन होंगे निशाने पर?
महानिदेशक ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी में शामिल सरगनाओं की पहचान कर उन्हें पकड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने मई में नई दिल्ली से म्यांमार के एक प्रमुख ड्रग तस्कर की गिरफ्तारी का उदाहरण भी दिया। गर्ग ने कहा, 'सीमा पार ड्रग्स पहुंचाने वाले छोटे-मोटे कोरियर को पकड़ने के बजाय अब हमारा फोकस पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले सरगनाओं पर है। हमने सीमा के दोनों ओर सक्रिय कई लोगों की पहचान कर ली है और उन्हें कानून के दायरे में लाने की प्रक्रिया चल रही है।' 
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किसे मिल रहा सहयोग?
गर्ग ने कहा कि ड्रग्स की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एनसीबी राज्यों को अपनी ड्रग-रोधी टास्क फोर्स गठित करने में सहयोग दे रहा है, क्योंकि राज्य स्तर के अधिकारी और कर्मचारी इस लड़ाई की अग्रिम पंक्ति में हैं।


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कहां बढ़ाई जा रही एनसीबी की मौजूदगी?
उन्होंने बताया कि एनसीबी पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी क्षमता लगातार बढ़ा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न स्थानों पर नए ज़ोनल और क्षेत्रीय कार्यालय खोले गए हैं, जिससे कार्रवाई को और मजबूती मिली है। गर्ग ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान नशीले पदार्थों की ज़ब्ती के मामलों में हुई बढ़ोतरी इस अभियान की सफलता को दर्शाती है।'

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