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24 घंटे में तीन मुलाकातें: अब जयशंकर से मिले ईरान के उप विदेश मंत्री, किस मुद्दे पर हुई बात?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Love Gaur
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:28 PM IST
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सार
Iran US War: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पिछले 24 घंटों में भारत और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच तीन बार संपर्क हुआ है। आज, शुक्रवार को नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 के मंच पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह के बीच अहम बैठक हुई।
जयशंकर और ईरान के उप-विदेश मंत्री की मुलाकात
- फोटो : IANS
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विस्तार
राजधानी दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2026 के मंच पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के उप-विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। यह मुलाकात पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अहम मानी जा रही है। पिछले 24 घंटों में भारत और ईरान के शीर्ष राजनयिकों के बीच यह तीसरी बार संपर्क है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच मुलाकात
यह बैठक 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद हुई, जिसका उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमताओं और सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करना था। इस ऑपरेशन की शुरुआती लहर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए, जिसके जवाब में तेहरान ने अमेरिकी संपत्तियों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
भारत-ईरान कूटनीतिक संपर्क में वृद्धि
पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच तीन बार संपर्क स्थापित हुआ है, जो इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। शुक्रवार को जयशंकर और खातिबजादेह के बीच हुई मुलाकात का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह बैठक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर केंद्रित रही होगी।
जयशंकर की ईरान से बातचीत और विदेश सचिव की शोक संवेदना
इस मुलाकात से पहले गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की थी। इसी दिन भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया था। दूतावास में ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित एक शोक सभा में मिसरी ने शोक संवेदना वाले रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।
ये भी पढ़ें: ट्रंप को ईरान की दो टूक: उप विदेश मंत्री बोले- 'न्यूयॉर्क का मेयर चुन नहीं सकते, तेहरान पर दावा कर रहे'
रायसीना डायलॉग: वैश्विक चुनौतियों पर मंथन का मंच
रायसीना डायलॉग, भारत का भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर आधारित एक प्रमुख सम्मेलन है, जिसका 11वां संस्करण नई दिल्ली में गुरुवार को शुरू हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और रणनीतिक विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) द्वारा विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन, दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के नेताओं, थिंक टैंक और मीडिया को महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करता है।
ये भी पढ़ें: Jaishankar: 'कोई देश खुद को नहीं कह सकता सर्वोच्च ताकत', वैश्विक तनाव के बीच विदेश मंत्री जयशंकर का बयान
जयशंकर की अन्य द्विपक्षीय बैठकें
विदेश मंत्री जयशंकर ने रायसीना डायलॉग के इतर अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इनमें यूरोप के लिए फ्रांसीसी मंत्री बेंजामिन हद्दाद, जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय में राज्य सचिव नील्स एनेन और तंजानिया के उप-विदेश मंत्री न्ग्वारू जुमान मघेम्बे शामिल थे। उन्होंने GLOBESEC थिंक-टैंक के संस्थापक और अध्यक्ष रॉबर्ट वास और यूरोपीय परिषद ऑन फॉरेन रिलेशंस (ECFR) के सह-संस्थापक और निदेशक मार्क लियोनार्ड से भी मुलाकात की।
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यह बैठक 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों के बाद हुई, जिसका उद्देश्य तेहरान की मिसाइल क्षमताओं और सैन्य बुनियादी ढांचे को कमजोर करना था। इस ऑपरेशन की शुरुआती लहर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई वरिष्ठ नेता मारे गए, जिसके जवाब में तेहरान ने अमेरिकी संपत्तियों, क्षेत्रीय राजधानियों और सहयोगी बलों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले किए।
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भारत-ईरान कूटनीतिक संपर्क में वृद्धि
पिछले 24 घंटों में दोनों देशों के राजनयिकों के बीच तीन बार संपर्क स्थापित हुआ है, जो इस क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। शुक्रवार को जयशंकर और खातिबजादेह के बीच हुई मुलाकात का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यह बैठक दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों और वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर केंद्रित रही होगी।
जयशंकर की ईरान से बातचीत और विदेश सचिव की शोक संवेदना
इस मुलाकात से पहले गुरुवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की थी। इसी दिन भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया था। दूतावास में ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए आयोजित एक शोक सभा में मिसरी ने शोक संवेदना वाले रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की थी।
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रायसीना डायलॉग: वैश्विक चुनौतियों पर मंथन का मंच
रायसीना डायलॉग, भारत का भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर आधारित एक प्रमुख सम्मेलन है, जिसका 11वां संस्करण नई दिल्ली में गुरुवार को शुरू हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और रणनीतिक विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) द्वारा विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन, दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों, मंत्रियों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत के नेताओं, थिंक टैंक और मीडिया को महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श के लिए एक मंच प्रदान करता है।
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जयशंकर की अन्य द्विपक्षीय बैठकें
विदेश मंत्री जयशंकर ने रायसीना डायलॉग के इतर अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की। इनमें यूरोप के लिए फ्रांसीसी मंत्री बेंजामिन हद्दाद, जर्मनी के संघीय आर्थिक सहयोग और विकास मंत्रालय में राज्य सचिव नील्स एनेन और तंजानिया के उप-विदेश मंत्री न्ग्वारू जुमान मघेम्बे शामिल थे। उन्होंने GLOBESEC थिंक-टैंक के संस्थापक और अध्यक्ष रॉबर्ट वास और यूरोपीय परिषद ऑन फॉरेन रिलेशंस (ECFR) के सह-संस्थापक और निदेशक मार्क लियोनार्ड से भी मुलाकात की।
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