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जामनगर में जुटे 30 देशों के वन्यजीव विशेषज्ञ: वंतारा में वार्षिक सम्मेलन; संरक्षण के लिए साझा करेंगे तकनीक

Fri, 30 Oct 2026 08:27 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जामनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जामनगर Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 30 Oct 2026 08:27 PM IST
सार

गुजरात के जामनगर में वंतारा की मेजबानी में आयोजित EARAZA सम्मेलन में 30 देशों के 98 संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वन्यजीव संरक्षण, नई तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा के साथ कई नई पहल भी सामने आईं।

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EARAZA Annual Conference 2026: Wildlife Experts from 30 Countries Gather at Vantara in Jamnagar
30 देशों के वन्यजीव विशेषज्ञ जुटे - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण और अनुसंधान को लेकर दुनिया के कई देशों के विशेषज्ञ गुजरात के जामनगर में जुटे हैं। वंतारा की मेजबानी में 26 से 29 अक्तूबर तक यूरेशियन रीजनल एसोसिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम (EARAZA) का वार्षिक सम्मेलन 2026 आयोजित किया गया। इसमें 30 देशों के 98 संस्थानों और भारत के 29 चिड़ियाघर संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना, जानकारियां साझा करना और पशुओं की देखभाल के बेहतर तरीके विकसित करना है।

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एक साल तक मुफ्त मिलेगा ANTZ सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में तीन बार ग्रैमी पुरस्कार जीत चुके संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने प्रस्तुति दी। इसके बाद EARAZA की अध्यक्ष स्वेतलाना अकुलोवा, भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर रमन सुकुमार और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. वी. क्लेमेंट बेन ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
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मेजबान संस्था वंतारा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवान करानी ने घोषणा की कि ANTZ सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म एक साल तक EARAZA के सभी सदस्यों को मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा। यह क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म चिड़ियाघरों के प्रबंधन में मदद करता है। इसमें ओपन डेटा एक्सचेंज की सुविधा भी है, जिससे सदस्य संस्थान आपस में जानकारियां साझा कर सकेंगे।
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करानी ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण का काम किसी एक संस्था तक सीमित नहीं रह सकता। इसके लिए अलग-अलग संस्थानों को एक-दूसरे से सीखने और मिलकर काम करने की जरूरत है।

बाघ, हाथी और दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण पर चर्चा
सम्मेलन में अलग-अलग देशों में चल रहे वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों और उनके अनुभवों को साझा किया गया। इसमें अमूर बाघ, ओरिएंटल स्टॉर्क, ब्लैकिस्टन ईगल आउल और ग्रेट बस्टर्ड जैसी प्रजातियों के संरक्षण पर विशेष चर्चा हुई। इसके अलावा बोइगा सांपों और लंबे कान वाले हेजहॉग को उनके प्राकृतिक आवास में दोबारा बसाने से जुड़े प्रयासों पर भी जानकारी साझा की गई।

EARAZA की अध्यक्ष स्वेतलाना अकुलोवा ने जैव विविधता संरक्षण के लिए वैश्विक डेटा नेटवर्क विकसित करने की जरूरत बताई। इसका उद्देश्य एक संस्था के शोध और अनुभव का लाभ दूसरी संस्थाओं तक पहुंचाना है।

पशु कल्याण से लेकर आपदा प्रबंधन तक पर मंथन
सम्मेलन में केवल प्रजातियों के संरक्षण पर ही नहीं, बल्कि चिड़ियाघरों में पशुओं की देखभाल और उनके स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने पशु कल्याण को बेहतर तरीके से मापने, वन्यजीव केंद्रों में आपात स्थिति से निपटने और पशु चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत बनाने पर विचार रखे।

पद्मश्री सम्मानित और 'एलीफेंट डॉक्टर ऑफ एशिया' के नाम से पहचाने जाने वाले डॉ. के. के. शर्मा ने मानव-हाथी संघर्ष से निपटने के अपने अनुभव साझा किए। वहीं, मॉस्को चिड़ियाघर के मुख्य पशु चिकित्सक ने ध्रुवीय भालुओं के बचाव अभियान के बारे में बताया। वन्यजीव जीवविज्ञानी और टीवी प्रस्तोता फॉरेस्ट गलांटे ने मीडिया के जरिए संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इसके अलावा शहरी जैव विविधता, नागरिक विज्ञान, वन्यजीवों के पोषण, बीमारियों की जांच और चिड़ियाघरों में आने वाले लोगों के अनुभव को बेहतर बनाने जैसे विषय भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे।

नई तकनीक और उपकरणों का प्रदर्शन
सम्मेलन में सात देशों के 13 प्रदर्शकों ने वन्यजीवों की देखभाल और चिकित्सा से जुड़ी तकनीकें पेश कीं। इनमें पशु चिकित्सा उपकरण, जांच तकनीक, जीनोमिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित माइक्रोस्कोपी और संरक्षण प्रजनन में मददगार समाधान शामिल रहे। वंतारा के पवेलियन में भी कई तकनीकी पहल प्रदर्शित की गईं। इनमें ANTZ प्लेटफॉर्म के कुछ नए उपकरण शामिल हैं।

  • Vespr: यह एज-एआई आधारित ध्वनि निगरानी उपकरण है, जो डिवाइस पर ही जानवरों की प्रजातियों की पहचान कर सकता है।
  • Smart Egg Analysis: इसके जरिए अंडे की जांच, उसके अंदर की स्थिति और दिल की धड़कन को एक ही स्क्रीन पर देखा जा सकता है।
  • NFC डिवाइस: इसे पहनकर पशु देखभाल करने वाले कर्मचारी एक टैप के जरिए अपनी देखभाल संबंधी गतिविधियों का रिकॉर्ड दर्ज कर सकते हैं।

प्रदर्शनी में जनजातीय कला, कपड़े और हस्तशिल्प भी पेश किए गए। इसके साथ ही आगंतुकों को वर्चुअल रियलिटी के जरिए वंतारा की गतिविधियों का अनुभव कराने की व्यवस्था भी की गई।

छह हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
सम्मेलन के समापन समारोह में वन्यजीव संरक्षण और चिड़ियाघर प्रबंधन के क्षेत्र में योगदान देने वाले छह लोगों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिए गए। सम्मानित होने वालों में EARAZA की अध्यक्ष और मॉस्को चिड़ियाघर की महानिदेशक स्वेतलाना अकुलोवा, चेक गणराज्य के चेलेबी चिड़ियाघर के संस्थापक रेने फ्रानेक और बाकू जूलॉजिकल पार्क के निदेशक अजर हुसैनोव शामिल हैं।

भारत से केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के संस्थापक सदस्य सचिव एस. सी. शर्मा और पूर्व सदस्य सचिव डॉ. डी. एन. सिंह तथा बी. एस. बोनल को भी सम्मानित किया गया। इसी दौरान इंडियन जू ईयर बुक, वॉल्यूम 11 (2026) का विमोचन भी किया गया। समापन समारोह में EARAZA का ध्वज 2027 के मेजबान को सौंपा गया। इससे जामनगर में शुरू हुई साझेदारी को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

क्या है EARAZA?
यूरेशियन रीजनल एसोसिएशन ऑफ जू एंड एक्वेरियम (EARAZA) चिड़ियाघरों और एक्वेरियम संस्थानों का क्षेत्रीय नेटवर्क है। इसके सदस्य वन्यजीव संरक्षण, पशु कल्याण, अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर काम करते हैं। संस्था के अनुसार, इसके नेटवर्क में 24 देशों के 95 संस्थान शामिल हैं। वहीं, गुजरात के जामनगर स्थित वंतारा वन्यजीवों के बचाव, देखभाल और संरक्षण के क्षेत्र में काम करता है। यह सम्मेलन इसी संस्था की मेजबानी में आयोजित किया गया।

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