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पूर्व CEC एसवाई कुरैशी का बड़ा बयान: विपक्ष के साथ बहुत अन्याय कर रहा चुनाव आयोग, उसकी साख को गहरी चोट पहुंची

Tue, 14 Jul 2026 07:29 PM IST
Pavan एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Tue, 14 Jul 2026 07:29 PM IST
सार

एसवाई कुरैशी ने कहा कि चुनाव आयोग को केवल निष्पक्ष होना ही नहीं चाहिए, बल्कि लोगों को यह भी दिखना चाहिए कि वह पूरी तरह निष्पक्ष है। उन्होंने कहा कि आयोग में तीन सदस्य हैं और उन्हें उम्मीद है कि आयोग के भीतर भी उसकी कार्यप्रणाली और छवि को लेकर चर्चा होती होगी। उनके अनुसार, जनता जब आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने लगे तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

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EC 'very unfair' to opposition, its credibility has taken 'severe beating': Ex-CEC Quraishi
एसवाई कुरैशी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एसवाई कुरैशी ने मौजूदा चुनाव आयोग (ईसी) के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आयोग विपक्षी दलों के साथ बहुत अन्याय कर रहा है और इसी वजह से उसकी विश्वसनीयता और छवि को गहरी चोट पहुंची है। पीटीआई को दिए एक विशेष साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग देश की सबसे भरोसेमंद संस्थाओं में से एक माना जाता था, लेकिन अब उसकी साख कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन्हें बेहद दुख पहुंचाती है।
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'विपक्ष को ज्यादा सहयोग मिलना चाहिए'
2010 से 2012 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहे कुरैशी ने कहा कि उनके कार्यकाल में उनकी स्पष्ट नीति थी कि विपक्षी दलों को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि वे सत्ता में नहीं होते और उन्हें आयोग के सहयोग की ज्यादा जरूरत होती है। उन्होंने कहा, 'सरकार के पास पहले से ही कई संसाधन और अधिकार होते हैं। इसलिए चुनाव आयोग को विपक्ष का भरोसा जीतना चाहिए। मैंने अपने अधिकारियों से कहा था कि यदि सरकार और विपक्ष दोनों की मुलाकात का अनुरोध आए तो पहले विपक्ष को समय दें'। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में मुख्य विपक्षी दल भाजपा थी और उनकी इस नीति का सबसे ज्यादा लाभ भाजपा को ही मिला।
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'सिर्फ थोड़ा नहीं, बहुत अन्याय हुआ'
जब उनसे पूछा गया कि क्या मौजूदा चुनाव आयोग विपक्ष के साथ थोड़ा अन्याय कर रहा है, तो उन्होंने कहा, 'इसे 'थोड़ा अन्याय' कहना सही नहीं होगा। आयोग विपक्ष के साथ बहुत अन्याय कर रहा है'। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में विपक्षी दलों को अपनी शिकायत लेकर दो बार सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा। हाल ही में 24 विपक्षी दलों ने भी मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दे रहा है। एसवाई कुरैशी ने कहा, 'अगर विपक्ष बार-बार मुलाकात का समय मांग रहा है और उसे समय नहीं मिल रहा, तो यह स्वीकार्य नहीं है। चुनाव आयोग का काम सभी पक्षों को साथ लेकर चलना है'।

मीडिया की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने मीडिया की भूमिका पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, लेकिन आज एक बड़ा वर्ग विपक्ष से सवाल पूछने में ज्यादा व्यस्त दिखाई देता है। उन्होंने कहा, 'सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना जरूरी है'।


अपने कार्यकाल की उपलब्धियां भी गिनाईं
एसवाई कुरैशी ने अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए चार प्रमुख सुधारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे अधिक गर्व उन पहलों पर है, जो आज भी सफलतापूर्वक चल रही हैं और लगातार मजबूत हुई हैं।
  • मतदाता जागरूकता के लिए अलग विभाग की स्थापना।
  • चुनावी खर्च पर निगरानी के लिए व्यय निगरानी प्रभाग की शुरुआत।
  • राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुरुआत।
  • इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट की स्थापना।

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'चुनाव आयोग की साख को गहरी चोट लगी'
एसवाई कुरैशी ने कहा कि चुनाव आयोग की सबसे बड़ी पहचान उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता रही है, लेकिन अब लोग लगातार उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यह मुझे व्यक्तिगत रूप से दुख पहुंचाता है। ऐसा लगता है जैसे कोई मुझे ही थप्पड़ मार रहा हो, क्योंकि चुनाव आयोग की साख से मेरा भी जुड़ाव रहा है। मुझे लगता है कि उसकी विश्वसनीयता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हालांकि मैं उम्मीद करता हूं कि मेरी यह आशंका गलत साबित हो'। हालांकि, इस पूरे मामले पर चुनाव आयोग की ओर से इस साक्षात्कार में लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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