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ED: नारकोटिक्स मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का मास्टर माइंड गिरफ्तार, क्रिप्टो-हवाला का ये है ब्राजील-थाईलैंड लिंक

Thu, 23 Jul 2026 11:15 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 23 Jul 2026 11:15 PM IST
सार

इस कार्रवाई में फोकस ड्रग्स ले जाने वाले अकेले लोगों से हटकर पूरे ड्रग-ट्रैफिकिंग नेटवर्क, डार्कनेट ऑपरेटरों, सरगनाओं और उनके सीमा-पार फाइनेंशियल मददगारों को निशाना बनाने पर केंद्रित हो गया है। ईडी की जांच में सामने आया है कि अवैध नशे की कमाई से जो आपराधिक आय हुई, उसे शेल कंपनियों के जरिए विदेशों तक पहुंचाया गया। इस केस में अवैध कमाई को लेकर ब्राजील और थाईलैंड का क्रिप्टो-हवाला लिंक सामने आया है।   

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ED Arrests Mastermind of International Narcotics Money Laundering Syndicate
ED - फोटो : ED

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय की पणजी इकाई ने क्रिप्टो-हवाला और इंटरनेशनल नारकोटिक्स मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दुबई के रहने वाले निहाल वीएन को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में फोकस ड्रग्स ले जाने वाले अकेले लोगों से हटकर पूरे ड्रग-ट्रैफिकिंग नेटवर्क, डार्कनेट ऑपरेटरों, सरगनाओं और उनके सीमा-पार फाइनेंशियल मददगारों को निशाना बनाने पर केंद्रित हो गया है। ईडी की जांच में सामने आया है कि अवैध नशे की कमाई से जो आपराधिक आय हुई, उसे शेल कंपनियों के जरिए विदेशों तक पहुंचाया गया। इस केस में अवैध कमाई को लेकर ब्राजील और थाईलैंड का क्रिप्टो-हवाला लिंक सामने आया है।   
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अवैध कमाई को क्रिप्टोकरेंसी/देशी मुद्रा में बदलता था 
ईडी के मुताबिक, दुबई के रहने वाले निहाल वीएन को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है। विशेष अदालत (पीएमएलए), गोवा ने उसे 28 जुलाई  तक सात दिनों के लिए ईडी की कस्टडी में भेज दिया है। जांच से पता चला कि दुबई से काम करने वाला निहाल वीएन, कई महाद्वीपों में काम करने वाले अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफियाओं के लिए मुख्य फाइनेंशियल नोड और मनी लॉन्ड्रर के तौर पर काम करता था। वह भारत में अवैध ड्रग्स की बिक्री से मिलने वाले कैश और गैर-कानूनी कमाई को प्रोसेस करता था। अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से हुई बड़ी मात्रा में आपराधिक कमाई को अलग-अलग क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी मुद्रा में बदलता था। 
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ये है ब्राजील और थाईलैंड का लिंक 
भारत में तस्करी के लिए लाए जाने वाले हाई-ग्रेड नशीले पदार्थों और सिंथेटिक ड्रग्स को खरीदने के लिए, लॉन्डर किए गए क्रिप्टो और विदेशी मुद्रा को ब्राज़ील और थाईलैंड में मौजूद इंटरनेशनल कार्टेल और सप्लायर्स तक पहुंचाया गया। फोरेंसिक और डिजिटल जांच में कई ऐसे गैर-कानूनी क्रिप्टो-वॉलेट, विदेशी बैंक अकाउंट और घरेलू शेल कंपनियों की पहचान की गई है, जिनका इस्तेमाल अपराध से हुई कमाई को लॉन्डर करने के लिए किया गया था। इससे पहले, ईडी के पणजी ज़ोनल ऑफिस ने इसी मामले में कई राज्यों (गोवा, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, ओडिशा और दिल्ली) में 26 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था। 
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3 करोड़ की नकदी और आपत्तिजनक दस्तावेज  
यह कार्रवाई गोवा पुलिस के एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी द्वारा दर्ज ईसीआईआर के बाद की गई थी। इस मामले में कमर्शियल मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी और एक संगठित अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के होने का पता चला था। इसके अलावा, कई राज्यों (गोवा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, ओडिशा और केरल) में बिज़नेस-टू-बिज़नेस आधार पर नशीले पदार्थों के वितरण का भी पता चला। ईडी ने लगभग 3 करोड़ रुपये नकद, साथ ही आपत्तिजनक दस्तावेज़ और डिजिटल डिवाइस ज़ब्त किए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी मधुपन एसएस को पहले ही 17/01/2026 को गिरफ़्तार किया गया था। वह अभी न्यायिक हिरासत में है।


ड्रग तस्करी नेटवर्क की फाइनेंशियल नींव 
ईडी संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करने और अपराध से हुई कमाई को लॉन्डर करने (अवैध धन को वैध बनाने) के लिए इस्तेमाल होने वाले फाइनेंशियल चैनलों को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' और अन्य संबंधित कानूनों के प्रावधानों का असरदार और व्यापक इस्तेमाल करके ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से निपटने के अपने संकल्प को दोहराता है। ईडी, ड्रग तस्करी नेटवर्क की फाइनेंशियल नींव को निशाना बनाकर उन्हें खत्म करने के लिए निर्णायक कदम उठा रहा है। ड्रग से जुड़ी कमाई से बनाई गई संपत्तियों की पहचान करके, उनका पता लगाकर और उन्हें ज़ब्त करके, ईडी नशा-मुक्त भारत के राष्ट्रीय मिशन को मजबूत कर रहा है। यह ऑपरेशन अवैध ड्रग व्यापार पर रोक लगाने, अपराध से हुई कमाई का पता लगाने और उसे जब्त करने, तथा ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ कड़ा संदेश देने के लिए ईडी की लगातार कोशिशों को दिखाता है।
 
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