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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या: राजनाथ सिंह का सैनिकों को संदेश, सेना के खिलाड़ियों से भी की मुलाकात
Fri, 14 Aug 2026 06:41 PM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 14 Aug 2026 06:41 PM IST
सार
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश की सैन्य आत्मनिर्भरता और घरेलू रक्षा उद्योग की प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है, जो 2014 के मुकाबले करीब चार गुना अधिक है। उन्होंने सीमावर्ती बुनियादी ढांचे, पूर्व सैनिकों के कल्याण और महिलाओं की भागीदारी का भी उल्लेख किया। सेना के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी उन्होंने सराहना की।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सैनिकों को संदेश देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पिछले 12 वर्षों में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी पहलों के जरिए रक्षा क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में सामने आया है। हमारे प्रयासों ने रक्षा उत्पादन को नई दिशा दी है। हमने आयात पर अपनी निर्भरता कम की है और घरेलू उत्पादन को अभूतपूर्व गति दी है। आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।
घरेलू रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने कहा, "2014 तक हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन महज 46,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1,78,000 करोड़ रुपये हो गया। दूसरे शब्दों में, पिछले एक दशक में हमारे घरेलू रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले एक दशक में हुए संरचनात्मक बदलावों का प्रमाण है।"
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रक्षा मंत्री ने कहा कि इस कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की हिस्सेदारी करीब 76 प्रतिशत रही। वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 22 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी बताती है कि रक्षा क्षेत्र में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हो रहा है।
भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि सैन्य आधुनिकीकरण के तहत बड़ी संख्या में नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत, तेजस का तेजी से बढ़ता उत्पादन, हेलीकॉप्टर निर्माण और टैंक आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
राजनाथ सिंह ने मिसाइल, हाइपरसोनिक तकनीक और एयर डिफेंस के क्षेत्र में हुए परीक्षणों को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रमाण बताया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सड़क और पुल जैसी रणनीतिक आधारभूत संरचनाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया।
सेना के खिलाड़ियों से भी मिले रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात की। सिंह ने कहा कि ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।
उन्होंने कहा कि खेल आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सफलता, उत्कृष्टता और सम्मान का क्षेत्र बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है कि आज चैंपियंस देश के हर कोने से, गांवों, छोटे कस्बों और सामान्य परिवारों से निकलकर सामने आ रहे हैं। भारतीय सेना के इन खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
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राजनाथ सिंह ने कहा कि आज भारत केवल अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने वाला देश नहीं है, बल्कि वैश्विक रक्षा विनिर्माण और रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक उभरती हुई शक्ति के रूप में सामने आया है। हमारे प्रयासों ने रक्षा उत्पादन को नई दिशा दी है। हमने आयात पर अपनी निर्भरता कम की है और घरेलू उत्पादन को अभूतपूर्व गति दी है। आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं।
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घरेलू रक्षा उत्पादन में बढ़ोतरी पर क्या बोले राजनाथ सिंह?
रक्षा मंत्री ने कहा, "2014 तक हमारा घरेलू रक्षा उत्पादन महज 46,000 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर रिकॉर्ड 1,78,000 करोड़ रुपये हो गया। दूसरे शब्दों में, पिछले एक दशक में हमारे घरेलू रक्षा उत्पादन में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई है। यह पिछले एक दशक में हुए संरचनात्मक बदलावों का प्रमाण है।"
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#WATCH | Giving a message to soldiers on the eve of Independence Day, Defence Minister Rajnath Singh says, "You are all aware that under the leadership of the Prime Minister, our government has always accorded the highest priority to self-reliance in the defense sector;… pic.twitter.com/tk8TO87HNz
— ANI (@ANI) August 14, 2026
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस कुल उत्पादन में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं की हिस्सेदारी करीब 76 प्रतिशत रही। वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष 22 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी बताती है कि रक्षा क्षेत्र में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हो रहा है।
भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर क्या कहा?
उन्होंने बताया कि सैन्य आधुनिकीकरण के तहत बड़ी संख्या में नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत, तेजस का तेजी से बढ़ता उत्पादन, हेलीकॉप्टर निर्माण और टैंक आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाओं का भी जिक्र किया।
राजनाथ सिंह ने मिसाइल, हाइपरसोनिक तकनीक और एयर डिफेंस के क्षेत्र में हुए परीक्षणों को भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता का प्रमाण बताया। साथ ही सीमावर्ती इलाकों में सड़क और पुल जैसी रणनीतिक आधारभूत संरचनाओं के विस्तार को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के कल्याण और रक्षा क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी रेखांकित किया।
सेना के खिलाड़ियों से भी मिले रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने ग्लासगो में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात की। सिंह ने कहा कि ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है।
ग्लासगो की धरती पर हमारी बेटियों की उल्लेखनीय मौजूदगी और खासकर बॉक्सिंग में उनका शानदार प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि हमारी नारी शक्ति किसी से कम नहीं, और समस्त देशवासियों को आप पर गर्व है। pic.twitter.com/bGj3CWwyfO
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) August 14, 2026
उन्होंने कहा कि खेल आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सफलता, उत्कृष्टता और सम्मान का क्षेत्र बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है कि आज चैंपियंस देश के हर कोने से, गांवों, छोटे कस्बों और सामान्य परिवारों से निकलकर सामने आ रहे हैं। भारतीय सेना के इन खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीते, जिनमें आठ स्वर्ण, सात रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों और खेलों में भारत के शानदार प्रदर्शन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।