Droupadi Murmu Speech LIVE: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं-भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने की नीयत से कार्य करें
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। उन्होंने देश-विदेश के भारतीयों को बधाई दी और स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के आगाज पर हर नागरिक से देश की प्रगति और तरक्की में योगदान देने का आह्वान किया।
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80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। उन्होंने सभी देशवासियों को स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि अब से कुछ ही घंटों बाद हमारे देश की स्वतंत्रता के 80वें वर्ष का शुभारंभ होने जा रहा है।
देश-विदेश में भारतीय मना रहे हैं उत्सव: राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि देश और दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय इस पावन अवसर को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। उन्होंने आह्वान किया कि हम भारत के लोग अपने-अपने सपनों को साकार करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि भारत की निरंतर प्रगति और तरक्की में योगदान देना ही हमारी स्वतंत्रता की सच्ची सार्थकता है। देश के हर नागरिक का योगदान भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेगा।
राष्ट्रपति ने देश के हर वर्ग के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि निष्ठावान विद्यार्थी और शिक्षक, विकास के लिए समर्पित वैज्ञानिक और इंजीनियर, स्वास्थ्य सेवाओं में लगे डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तथा मेहनती श्रमिक और अन्नदाता किसान अपने-अपने प्रयासों से राष्ट्र-निर्माण का कार्य कर रहे हैं।
हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है- राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान जनभागीदारी पर आधारित है। देशवासी इस भावना को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं, जो हमारे लोकतंत्र की बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि सांप्रदायिक हिंसा की वजह से लाखों लोगों को शरणार्थी बनना पड़ा, फिर भी उन्होंने अपनी पहचान कभी नहीं छोड़ी।
लौहपुरुष की स्मृति को मैं नमन करती हूं-मुर्मू
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब देश आजाद हुआ तब 550 से ज्यादा रियासतों को भारत से जोड़ना चुनौती थी। सरदार पटेल ने उनका विलय किया। आधुनिक भारत के शिल्पकार लौहपुरुष की स्मृति को मैं नमन करती हूं।