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ED: आलू-प्याज के निर्यात की पोंजी स्कीम, निवेशकों को 200 फीसदी रिटर्न का वादा, ₹400 करोड़ जुटाकर लगाई चपत

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 17 Jun 2026 05:38 PM IST
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ED: Potato-onion export Ponzi scheme; promised 200 percent returns to investors
ईडी ने जब्त की कारें। - फोटो : अमर उजाला
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ईडी के चेन्नई जोनल दफ्तर ने मेसर्ज यूनिक एक्सपोर्ट्स और अन्य के खिलाफ पोंजी स्कीम मामले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में तमिलनाडु के कई जिलों में छापेमारी की है। आरोपियों ने आलू-प्याज और दूसरे कृषि उत्पादों के निर्यात की पोंजी स्कीम शुरू की। उन्होंने निवेशकों से 200 फीसदी रिटर्न का वादा किया। इस तरह के झूठे वादे कर आरोपियों ने 400 करोड़ रुपये जुटा लिए। अपराध की इस रकम को अचल संपत्ति खरीदने और फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश किया। जिन लोगों का पैसा लगा था, वे खाली हाथ रह गए। 



ईडी ने मंगलवार को चेन्नई, इरोड, कोयंबटूर और कृष्णगिरि जिलों में आठ व्यावसायिक व रिहायशी ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 (1) के तहत रेड की है। इस मामले में तमिलनाडु पुलिस और कर्नाटक पुलिस द्वारा विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी आधार पर ईडी ने उक्त केस की जांच शुरू की थी।
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जांच से पता चला कि एस नवीन कुमार ने अपने साथियों, जीवलथा, के प्रभु, के. मथन कुमार, मुथुसेल्वम, जे. फ्रैंकलिन और अन्य लोगों के साथ मिलकर मेसर्ज यूनिक एक्सपोर्ट्स' के नाम से एक पोंजी स्कीम शुरू की थी। इस स्कीम में प्याज, आलू और दूसरी कृषि उपज के एक्सपोर्ट के कारोबार में निवेश के नाम पर सैकड़ों निवेशकों को धोखा दिया गया। निवेशकों को कई तरह की फर्जी स्कीमें दी गईं, जिनमें कम समय में 200 फीसदी से ज़्यादा रिटर्न का वादा किया गया था। साथ ही, निवेशकों को अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से निवेश लाने पर कमीशन का लालच देकर भी लुभाया गया। 
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जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने कई कंपनियां बनाई थीं, जैसे यूनिक एक्सपोर्ट, ईस्ट वेली एग्रो फार्म, यूनिक रबड़ इंडस्ट्री, यूनिक इंटरनेशनल ग्रुप, सारा एक्सपोर्ट, इंडो रशियन रेयर अर्थ मेटल और इंडो रशियन बिजनेस एसोसिएट्स। इन कंपनियों का इस्तेमाल निवेशकों से पैसे लेने के लिए बैंक खाते खोलने और फंड की लेयरिंग (पैसे को इधर-उधर घुमाकर छिपाने) के लिए किया गया था। 

यह भी पता चला है कि लोगों से धोखाधड़ी करके लगभग 400 करोड़ रुपये जुटाए गए। अपराध से मिली इस रकम को अचल संपत्ति में निवेश, फिक्स्ड डिपॉजिट, विदेशी लेन-देन और सहयोगियों व संबंधित कंपनियों को ट्रांसफर करने में खपा दिया गया। तलाशी अभियान के दौरान ईडी ने लैपटॉप, पेन ड्राइव और मोबाइल फोन जैसे डिजिटल डिवाइस बरामद और ज़ब्त किए हैं। पोंज़ी स्कीम और अचल संपत्ति में निवेश से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी बरामद और ज़ब्त किए गए हैं। इसके अलावा, तलाशी अभियान के दौरान दो लग्ज़री गाड़ियाँ भी ज़ब्त की गईं। 

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