सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   bihar police constable coaching roshan anand sir vs khan sir controversy explainer patna bihar news

Explainer : रौशन आनंद और फैजल खान सर के बीच क्यों मची गदर, शिक्षा के बाजार से मौत की खबर तक क्यों आई बात?

विज्ञापन
सार

Bihar News : आज बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा ली गई है। रौशन आनंद और फैजल खान सर के विवाद के पीछे भी सिपाही भर्ती और पुलिस की अहम भूमिका रही है। कैसे-क्यों? इन सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़ें हर पहलू।

bihar police constable coaching roshan anand sir vs khan sir controversy explainer patna bihar news
फैजल खान की कोचिंग में तोड़फोड़ के आरोप में रौशन आनंद ने जेल भुगता, भाई की मौत भी। - फोटो : amar ujala digital
विज्ञापन

विस्तार

पटना को प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए उसी तरह माना जाता है, जैसे इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा। पटना में 2300 से अधिक छोटे-बड़े कोचिंग संस्थान हैं और इनका 12 हजार करोड़ का कारोबार बताया जाता है। लेकिन, आंकड़ों की बाजीगरी और पढ़ाई के स्तर से दूर, इन दिनों कोचिंग संस्थानों के बीच वर्चस्व की लड़ाई, पुलिस-कोर्ट का चक्कर, मारपीट से मौत तक की खबरें ही निकल कर सामने आ रही हैं। ऐसे में इन घटनाओं को परत-दर-परत समझने और किरदारों की भूमिका को आंकने के लिए 'अमर उजाला' हर पहलू को सामने रख रहा है।



विज्ञापन
विज्ञापन

यूपी से बिहार आकर मौके पर चौका के मास्टर बने फैजल खान सर
उत्तर प्रदेश के देवरिया वाले फैजल खान को नहीं जान सके होंगे, लेकिन बिहार की राजधानी पटना से लेकर देश-दुनिया ने इन्हें 'खान सर' के नाम से जाना। साइंस में बैचलर और मास्टर के साथ फैजल खान की ज्योग्राफी में भी मास्टरी है। फैजल खान मौके का सही फायदा उठाने में माहिर हैं। सनातन की संवेदना के लिए राखियों से भरा हाथ वायरल कराना हो या राष्ट्रभक्ति के नाम पर पाकिस्तान को गालीबाजी- दोनों में मौके पर चौका जड़ा और खूब चर्चित हुए।
विज्ञापन


जब पूरी दुनिया लॉकडाउन से परेशान थी और डिजिटल-वर्चुअल का शोर शुरू हो रहा था तो फैजल खान ने 2019 के अंत में यूट्यूब और फिर 2021 में अपने एप के जरिए छात्रों को साधा। निकाह को भी बड़ा सोशल सेंसेशन बनाया और पत्नी के चेहरे के साथ नाम को भी नकाब में रखा। लोग पत्नी का नाम ए. एस. खान ही जानते हैं। 20 से 40 करोड़ की संपत्ति बताई जाती है, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए कागजात कहीं उपलब्ध नहीं हैं।

खुद फेल, मगर 'दरोगा फैक्ट्री' के मालिक रौशन आनंद सर
कहा जाता है कि खुद सफल रहे लोगों को ही लोग सफलता का गुरु मानते हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में कई अपवाद भी सामने आते रहे हैं। उन्हीं में से एक नाम है रौशन आनंद। बिहार के सहरसा से 15 साल का लड़का प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए पटना से कोटा तक का सफर कर आया, मगर सफल नहीं रहा। 2014 तक प्रयास किया। बीपीएससी प्रिलिम्स और दरोगा लिखित परीक्षा तक में पास होने के बावजूद सरकारी नौकरी नसीब में नहीं आई तो 2017 में पटना में पढ़ाना शुरू किया।

आज उनका कोचिंग संस्थान शिक्षा के इस बाजार में खान ग्लोबल एकेडमी को टक्कर देता नाम है। सफल छात्रों के कारण इनके संस्थान को 'दरोगा फैक्ट्री' भी कहा जाता है। बिहार की सबसे बड़ी जाति से आते हैं, मतलब यादव हैं। जो फैजल खान के पास नहीं जाते या नहीं जाना चाहते, उनके लिए रौशन आनंद सबसे ज्यादा चर्चित ठिकाना हैं। फैजल खान की तरह रौशन आनंद पर भी सफल परीक्षार्थियों को खरीदने का आरोप लगता रहा है। 


ताजा विवाद के पीछे की वजह क्या?
मुसल्लहपुर कभी सब्जी की थोक मंडी के कारण जाना जाता था, लेकिन लगभग दो दशक से यह कोचिंग मंडी के रूप में स्थापित है। इस जगह पर कोचिंग के पोस्टर-बैनर-गेट-पर्चे जैसे मुद्दों पर वर्चस्व की लड़ाई होती रहती है। छात्रों को अपने पाले में जोड़ने के लिए चाय-पान दुकान तक एजेंट फैले रहते हैं। पाले में करने के इन हथकंडों के कारण झंझट होता रहता है। जो जिस तरह की कोचिंग कराता है, उसका उसी तरह के प्रतिद्वंद्वी से संघर्ष रहता है। पिछले दिनों दरोगा परीक्षा का रिजल्ट आया। खान ग्लोबल स्टडीज़ और रौशन आनंद के ज्ञान बिंदु का अपना-अपना दावा था। उन दावों को मिला दें तो उत्तीर्ण परीक्षार्थियों से ज्यादा इन्हीं दोनों की कोचिंग से पास हो गए थे!

इस बार यह बवाल इसी से शुरू हुआ। 31 मई को आयोजित 'बिहार पुलिस सम्मान समारोह' के बोर्ड-बैनर खान ग्लोबल स्टडीज़ के पास कार्यक्रम के बाद भी लगे हुए थे। इसी को वहां लगाए रखने पर फैजल खान के लोग अड़े थे, जबकि रौशन आनंद के लोग हटाने पर। मंगलवार, दो जून की रात इसी को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट-रोड़ेबाजी की घटना हुई। फायरिंग भी हुई। फैजल खान सर ने पहले दावा किया था कि उनके सामने, प्रतिद्वंद्वी पक्ष ने फायरिंग की थी। फिर, प्राथमिकी में फायरिंग का जिक्र नहीं किया। प्राथमिकी के अगले दिन वीडियो में सामने आया कि फैजल खान सर के बॉडीगार्ड ही फायरिंग कर रहे थे। कोर्ट में चार राउंड हवाई फायरिंग की बात फैजल खान सर के वकील ने स्वीकार भी की है।

जेल, मौत, जमानत- क्या नहीं हुआ!
मुसल्लहपुर में कोचिंग वालों के बीच संघर्ष नई बात नहीं, लेकिन इस बार बात आगे निकल गई। वजह समझने के लिए क्रम को भी समझना होगा। दो कोचिंग संस्थानों के बीच संघर्ष की शुरुआत हुई। सबसे प्रसिद्ध खान ग्लोबल स्टडीज़ के सर्वेसर्वा फैजल खान सर ने पहले दिन, 2 जून को सामने वाले पर फायरिंग का आरोप लगाया। फिर, तीन जून को जब प्राथमिकी दर्ज कराई तो इस बात का जिक्र नहीं किया। फैजल खान ने जिसपर तोड़फोड़-फायरिंग का आरोप लगाया, उसपर पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई।

ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रौशन आनंद, उनके भाई अभिषेक और स्टाफ गौरव को गिरफ्तार कर लिया। जेल भेज दिया। 15-20 अज्ञात लोगों सहित रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव ने फरार होने में भलाई समझी। तोड़फोड़-फायरिंग के आरोप पर इन तीनों को जेल हो गई, लेकिन अगले दिन चार जून को सामने आया कि फायरिंग तो फैजल खान के दो अंगरक्षकों ने ही की थी। 

पहले इन अंगरक्षकों ने कहा कि फैजल खान सर ने फायरिंग करने नहीं कहा था। फिर पुलिस को बताया कि सर ने ही कहा था फायरिंग के लिए। फिर कोर्ट में फैजल खान के वकील ने आत्मरक्षार्थ हवा में चार राउंड फायरिंग किए जाने की बात स्वीकार की। इधर रौशन आनंद सहित तीन लोग जेल में थे और उधर फायरिंग करने वाले दोनों बॉडीगार्ड भी जेल पहुंच गए। लेकिन, फैजल खान को पुलिस ने नामजद आरोपी बनने के बावजूद गिरफ्तार नहीं किया। उलटा, पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा भी फायरिंग को कभी गलत तो कभी सही मानते रहे। फैजल खान ने पुलिस को सहयोग देने के आधार पर कोर्ट से गिरफ्तारी में छूट हासिल कर ली और एक दिन के अंतराल पर इसी 'सहयोग देने' के आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की कि उनपर दर्ज प्राथमिकी को रद्द किया जाए। 

यह मामला फिर भी ठंडा हो जाता, लेकिन फैजल खान की कोचिंग में तोड़फोड़ के आरोपी प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध मौत की खबर सामने आई। आंख पर चोट के निशान भी थे। इस मौत की खबर के अगले दिन कोर्ट ने रौशन आनंद को जमानत दी तो उन्होंने मीडिया के सामने साफ-साफ कहा कि फैजल खान ने प्रिंस की हत्या कराई है और उन्हें भी जेल में मारने की साजिश रची जा रही थी। फैजल खान ने प्रिंस की मौत पर संवेदना प्रकट करते हुए वीडियो जारी किया तो बाकी चर्चित शिक्षकों ने उन्हें 'रीलबाज' से लेकर 'नौटंकीबाज' तक कहते हुए पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए और रसूख के बेज़ा इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। 
 

bihar police constable coaching roshan anand sir vs khan sir controversy explainer patna bihar news
तेजस्वी यादव ने CBI जांच की मांग की। सीएम सम्राट दो कदम आगे क्या-क्या बोल गए? - फोटो : amar ujala digital

सबसे खराब भूमिका पुलिस की रही
फैजल खान बनाम रौशन आनंद मामले में पटना पुलिस की भूमिका बेहद खराब नजर आई। रौशन आनंद को तुरंत गिरफ्तार किया गया तो फैजल खान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनकी पुलिस की शान में तत्काल एक से बढ़कर एक कसीदे गढ़ दिए। पुलिस ने एक तरह से फैजल खान सर की बात ही बार-बार दुहराई। जब फैजल खान ने फायरिंग की बात कही तो पुलिस ने भी 'प्रथम दृष्ट्या' यही कहा। फिर, प्राथमिकी में फायरिंग की बात नहीं लिखी गई तो पुलिस ने भी गोलीबारी से इनकार कर दिया। फिर, जब फायरिंग का वीडियो आया तो फैजल खान सर के साथ पुलिस की भी फजीहत हो गई। इस फजीहत के बाद पुलिस ने फैजल खान सर के दोनों बॉडीगार्ड को तो गिरफ्तार कर लिया, लेकिन ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद की तरह खान ग्लोबल स्टडीज के सर्वेसर्वा पर कार्रवाई नहीं की। इतनी देर तक राहत दी कि गिरफ्तारी पर सिविल कोर्ट से 20 जून तक छूट मिल गई और उसके एक दिन के अंतराल पर हाईकोर्ट से 13 जुलाई की नई तारीख इस नाम पर मिल गई कि प्राथमिकी ही रद्द हो जाए। मतलब, सिविल कोर्ट की राहत अवधि 20 जून के बाद, हाईकोर्ट से भी एक तरह से 13 जुलाई तक फैजल खान को राहत मिली हुई है। पुलिस ने तोड़फोड़ कराने के आरोपी रौशन आनंद को गिरफ्तार किया तो वह 13 दिन बाद, भाई को गंवाने के अगले दिन जेल से निकले। दूसरी तरफ, फैजल खान सर पर फायरिंग कराने के मामले में गंभीर धाराओं में नामजद प्राथमिकी के बावजूद गिरफ्तारी की जगह जमानत का मौका देने का आरोप है। रौशन आनंद ने जमानत के बाद कहा भी कि रसूख की बदौलत फैजल खान सर को पुलिस की मदद मिली, जबकि उन्हें परेशान किया गया। भाई की जान ले ली गई। 

अदालत की अब खास तारीखें यह हैं
20 जून को सिविल कोर्ट यह सुनवाई करेगा कि फैजल खान सर की गिरफ्तारी से छूट को बरकरार रखा जाए या नहीं। संभव है कि सिविल कोर्ट में फैजल खान सर के अधिवक्ता पटना हाईकोर्ट से 13 जुलाई की मिली तारीख का हवाला दें। सिविल कोर्ट से गिरफ्तारी में छूट के बाद फैजल खान सर ने हाईकोर्ट में अपील की थी कि उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी ही रद्द कर दी जाए। इसमें सरकार को चार हफ्ते के अंदर जवाब मांगा गया और 13 जुलाई की तारीख दी गई। मतलब, 20 जून को अगर हाईकोर्ट की उस तारीख का हवाला दिया जाए तो सिविल कोर्ट से फौरी राहत मिलना आश्चर्यजनक नहीं होगा। फिर सभी की नजर उसी तारीख पर रहेगी। इस बीच तभी कुछ बड़ा हो सकेगा, जब नेपाल में प्रिंस यादव की हत्या का तार पुलिस फैजल खान सर से जोड़ सके। इस बीच, फैजल खान सर ने जान-बूझ कर एक नया बयान दिया है कि उन दोनों की लड़ाई और यह सब, किसी तीसरे के कारण है। इससे उस तीसरे को फायदा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed