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Bihar Cabinet : बिहार के 11 टाउनशिप क्षेत्रों की जमीन अब बेची जा सकेगी; खरीदार कौन होगा, क्यों लिया फैसला?
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 17 Jun 2026 07:31 PM IST
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सार
Bihar News : बिहार सरकार ने राज्य के जिन 11 टाउनशिप क्षेत्रों को चिह्नित कर जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी, उसपर बड़ा फैसला आया है। इन इलाकों के रैयतों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने तीन रास्ते निकाले हैं।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने आते ही बड़ा फैसला लिया था। पटना, सोनपुर, गया, पूर्णिया समेत 11 जिलों में टाउनशिप बनाने का और इस चिह्नित क्षेत्र में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक का। बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम के तहत मास्टर प्लान अधिसूचित किए जाने तक सभी प्रकार के भूमि क्रय-विक्रय, हस्तांतरण और भवन निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। इस रोक से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने अब गाड़ी बढ़ा दी है। एक तरह से राहत देने के लिए और दूसरी तरह से काम शुरू कराने के लिए।
बुधवार को सम्राट चौधरी कैबिनेट ने औद्योगिक/विशिष्ट क्षेत्र में भूमि क्रय-विक्रय/स्थानांतरण पर अधिरोपित रोक के मद्देनजर भू-स्वामियों की तात्कालिक आवश्यकता बताते हुए तीन प्रावधानों पर फैसला लिया। इसमें बताया गया कि बिहार राज्य आवास बोर्ड को इस अधिसूचित भूमि के क्रय के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही, सरकारी प्राधिकार को भू-अर्जन तथा राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद द्वारा अनुमोदित निवेश परियोजना हेतु संबंधित निवेशक को भूमि क्रय/लीज करने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
कहां-कहां की जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगी थी
अब आगे क्या होगा और कैसे मिलेगी राहत?
इन 11 चिह्नित क्षेत्रों में टाउनशिप डेवलपमेंट के लिए सरकार ने जमीन की हदबंदी बताते हुए इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। इस रोक के कारण उन जमीनों के मालिक (किसान या भू-स्वामी) जरूरत पड़ने पर भी अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे थे। उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं (जैसे शादी, बीमारी या संकट) से संबंधित आवेदनों और व्यापक मांग को देखते हुए सरकार ने यह रास्ता निकाला है। सरकार इन जमीनों को तीन तरीके से खरीदेगी।
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1. अब राज्य सरकार ने 'बिहार राज्य आवास बोर्ड' को यह अधिकार दे दिया है कि वह 'बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026' के नियमों के तहत सीधे किसानों/रैयतों से उनकी इन चिह्नित जमीन को खरीदे। इससे किसानों को अपनी जमीन का सही पैसा मिल जाएगा और आवास बोर्ड को नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन मिल सकेगी।
2. अगर 'राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद' (State Investment Promotion Board) ने किसी बिजनेस या फैक्ट्री के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, तो उस निवेशक (Investor) को उद्योग लगाने के लिए जमीन की जरूरत होगी। इस नियम के तहत सरकारी प्राधिकार निवेशक को जमीन खरीदने या लीज (Lease) पर लेने की अनुमति दे सकेंगे।
3. टाउनशिप विकास के लिए संबंधित प्राधिकार कैबिनेट के इस फैसले के बाद जमीन का अधिग्रहण (Acquisition) कर सकते हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग अपनी योजना तैयार कर जमीन के उपयोग का खाका तैयार करेगा और फिर उसके लिए संबंधित टाउनशिप के रैयतों से अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया कराएगा।
बुधवार को सम्राट चौधरी कैबिनेट ने औद्योगिक/विशिष्ट क्षेत्र में भूमि क्रय-विक्रय/स्थानांतरण पर अधिरोपित रोक के मद्देनजर भू-स्वामियों की तात्कालिक आवश्यकता बताते हुए तीन प्रावधानों पर फैसला लिया। इसमें बताया गया कि बिहार राज्य आवास बोर्ड को इस अधिसूचित भूमि के क्रय के लिए अधिकृत किया गया है। साथ ही, सरकारी प्राधिकार को भू-अर्जन तथा राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद द्वारा अनुमोदित निवेश परियोजना हेतु संबंधित निवेशक को भूमि क्रय/लीज करने की अनुमति प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।
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कहां-कहां की जमीन खरीद-बिक्री पर रोक लगी थी
| जिला / शहर | प्रस्तावित टाउनशिप का नाम |
|---|---|
| पटना | पाटलिपुत्र |
| सोनपुर | हरिहरनाथपुरम |
| गया | मगध |
| दरभंगा | मिथिला |
| सहरसा | कोसी |
| पूर्णिया | पूर्णिया |
| मुंगेर | अंग |
| भागलपुर | विक्रमशिला |
| मुजफ्फरपुर | तिरहुत |
| छपरा | सारण |
| सीतामढ़ी | सीतापुरम |
अब आगे क्या होगा और कैसे मिलेगी राहत?
इन 11 चिह्नित क्षेत्रों में टाउनशिप डेवलपमेंट के लिए सरकार ने जमीन की हदबंदी बताते हुए इसकी खरीद-बिक्री पर रोक लगाई थी। इस रोक के कारण उन जमीनों के मालिक (किसान या भू-स्वामी) जरूरत पड़ने पर भी अपनी जमीन बेच नहीं पा रहे थे। उनकी तात्कालिक आवश्यकताओं (जैसे शादी, बीमारी या संकट) से संबंधित आवेदनों और व्यापक मांग को देखते हुए सरकार ने यह रास्ता निकाला है। सरकार इन जमीनों को तीन तरीके से खरीदेगी।
1. अब राज्य सरकार ने 'बिहार राज्य आवास बोर्ड' को यह अधिकार दे दिया है कि वह 'बिहार रैयती भूमि क्रय नीति 2026' के नियमों के तहत सीधे किसानों/रैयतों से उनकी इन चिह्नित जमीन को खरीदे। इससे किसानों को अपनी जमीन का सही पैसा मिल जाएगा और आवास बोर्ड को नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन मिल सकेगी।
2. अगर 'राज्य निवेश प्रोत्साहन पर्षद' (State Investment Promotion Board) ने किसी बिजनेस या फैक्ट्री के प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, तो उस निवेशक (Investor) को उद्योग लगाने के लिए जमीन की जरूरत होगी। इस नियम के तहत सरकारी प्राधिकार निवेशक को जमीन खरीदने या लीज (Lease) पर लेने की अनुमति दे सकेंगे।
3. टाउनशिप विकास के लिए संबंधित प्राधिकार कैबिनेट के इस फैसले के बाद जमीन का अधिग्रहण (Acquisition) कर सकते हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग अपनी योजना तैयार कर जमीन के उपयोग का खाका तैयार करेगा और फिर उसके लिए संबंधित टाउनशिप के रैयतों से अधिग्रहण के लिए प्रक्रिया कराएगा।