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बिहार पंचायत चुनाव : नौवें चरण के मतदान के लिए बूथों पर लगी भीड़ , नालंदा में गोलीबारी से एक युवक घायल

बिहार पंचायत चुनाव के नौवें चरण का मतदान जारी है। प्रदेश के 35 जिलों की 875 पंचायतों में आज वोट डाले जा रहे हैं। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लंबी देखी जा रही हैं। मतदान के दौरान नालंदा जिले में गोलीबारी की खबर है। जिले के हिलसा पंचायत में बूथ के बाहर हुई गोलीबारी में एक युवक  घायल हो गया है। घायल युवक को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गाय है। इससे पहले रविवार की देर रात पूर्वी चंपारण के हरसिद्ध में मतदाताओं को धमकाने और प्रभावित करने का मामला भी सामने आया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हसुआहां मानिकपुर पंचायत में मुखिया राजेन्द्र पांडेय के भाई ने सरेया गांव में ददन प्रसाद के घर में देर रात घुसकर मारपीट कर बंधक बना लिया। 

इधर निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। मतदान के लिए बनाए गए 7,754 बूथों में से 554 नक्सल प्रभावित हैं। इस कारण नौवें चरण में सुरक्षाबलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है। 

पंचायत चुनाव को लेकर बुजुर्गों में भी उत्साह का माहौल बना हुआ है। ठंड जैसी  सभी बूथों पर मतदाताओं की कतारें लगातार लंबी होती जा रहीं हैं। हर उम्र के मतदाता बूथों पर पहुंच रहे हैं। पूर्वी चंपारण के अरेराज प्रखंड की चटिया चिंतामनपुर पंचायत के बूथ संख्या 21 पर 105 साल की बुजुर्ग महिला भी वोट देने आईं।

समस्तीपुर जिले के वारिसनगर और कल्याणपुर ब्लॉकों में मतदान जारी है। वारिसनगर और कल्याणपुर में कुल 5293 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला जनता के हाथों में है। इसके पहले 129 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं।
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बिहार : सीएम नीतीश कुमार ने कहा- विदेशों से आने वाले लोगों पर रखें नजर, कोरोना के नए स्वरूप की करें जांच

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विदेशों से आने वाले लोगों पर विशेष नजर रखें। उनकी कोरोना जांच पॉजिटिव आने पर नए कोरोना वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर भी जांच कराएं । मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना के प्रति पूरी तरह सतर्क व सचेत रहें।

सभी लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते रहें। कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के संभावित खतरे को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर पता करते रहें कि कोई भी टीका लेने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना टीकाकरण की रफ्तार कम है और कोरोना जांच भी कम रहे हैं, मुख्यालय स्तर से उन जिलों की निगरानी करें।
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बिहार: चिराग पासवान का बड़ा आरोप, बोले- बिहार अब भी पिछड़ा राज्य, इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेदार

लोक जनशक्ती पार्टी (राम विलास) के मुखिया और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार अभी भी पिछड़ा राज्य है इसका जिम्मेदार कौन है? इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं उन्हीं की वजह से बिहार पिछड़ा है और पिछड़ता जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में 50 फीसदी से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं लेकिन मुख्यमंत्री और संभवत: उनके कई अधिकारी भी गरीबी रेखा को पार करके बहुत आगे चले गए हैं। ये लोग किस बात का जश्न मना रहे हैं जबकि नीति आयोग की रिपोर्ट कह रही है कि इतने लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं।

इससे पहले नीति आयोग ने बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) जारी किया था। इसके मुताबिक, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश भारत के सबसे गरीब राज्यों के रूप में उभरे हैं। सूचकांक के अनुसार, बिहार की 51.91 प्रतिशत जनसंख्या गरीब है, इसके बाद झारखंड में 42.16 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 37.79 प्रतिशत लोग गरीब हैं। सूचकांक में मध्य प्रदेश (36.65 प्रतिशत) को चौथे स्थान पर रखा गया है, जबकि मेघालय (32.67 प्रतिशत) पांचवें स्थान पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि महत्वपूर्ण रूप से यह सूचकांक परिवारों द्वारा सामना किए जाने वाले कई अभावों को दर्ज करता है। इसमें कहा गया है कि भारत के एमपीआई में तीन समान आयाम हैं- स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर। ये पोषण, बाल और किशोर मृत्यु दर, प्रसवपूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पीने का पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते जैसे 12 संकेतकों द्वारा दर्शाए जाते हैं। 
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बिहार : कैग ने कहा- सरकार के विभागों ने बिना मंजूरी आदेश के 7213 करोड़ रुपये के चालान किए जमा 

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने कहा है कि बिहार सरकार के विभिन्न विभागों ने बिना मंजूरी आदेश के सक्षम अधिकारी को 7,213.26 करोड़ रुपये के वाउचर और चालान पेश किए।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने पाया है कि प्रमुख मुद्दे जो वाउचरों की जाँच के दौरान देखे गए हैं, वे स्वीकृति आदेशों या चल रहे बिलों या उप-वाउचरों की गैर-अनुलग्नन हैं। सभी वाउचर और चालानों को वर्ष 2019-20 के खातों को अंतिम रूप दिए जाने तक सुधारा नहीं गया था, यह एक रिपोर्ट में कहा गया था, जिसे हाल ही में विधानसभा में पेश किया गया था।

इसमें कहा गया, प्रधान महालेखाकार (पीएजी) के कार्यालय ने अब तक 7,149.67 करोड़ रुपये के 22,857 वाउचर और 63.59 करोड़ रुपये के 316 चालानों पर आपत्ति जताई है। विशेष रूप से बिहार सरकार ने वित्तीय गतिविधियों के जीवन चक्र को स्वचालित करने और विरासत प्रणालियों को बदलने के उद्देश्य से अप्रैल 2019 से व्यापक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली लागू की है। ऑडिटर की यह टिप्पणी सीएफएमएस के लागू होने के बाद आई है।

कैग ने आगे कहा कि ई-वाउचर, सब-वाउचर की स्कैन की गई प्रतियां, चालान और अन्य सहायक दस्तावेजों के साथ ट्रेजरी खातों को पीएजी के कार्यालय में जमा करना आवश्यक है।
वित्तीय नियमों में कहा गया है कि सरकारी खजाने से कोई पैसा तब तक नहीं निकाला जाना चाहिए जब तक कि तत्काल वितरण के लिए इसकी आवश्यकता न हो।
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भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग)

जातिगत जनगणना: केंद्र सरकार नहीं मान रही मांग, अब बिहार सीएम बोले- राज्य में अलग से कराएंगे गिनती

जाति जनगणना का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वह जल्द ही राज्य में जाति जनगणना कराने के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे। बैठक के बाद राज्य में इसकी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जाति जनगणना के संबंध में अंतिम निर्णय राज्य सरकार सर्वदलीय बैठक के बाद ही लेगी। नीतीश कुमार के बयान आने के बाद राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य में जाति जनगणना कराने के लिए मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी । 


बिहार में जाति जनगणना की मांग एक भावनात्मक मुद्दा रहा है और इस साल की शुरुआत में नीतीश कुमार ने इस मुद्दे पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया था। हालांकि, केंद्र ने जाति जनगणना आयोजित करने की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह संभव नहीं है। बिहार में जातिगत जनगणना की मांग कई सालों से उठ रही है। राजनीतिक दल भी समर्थन के लिए आगे आ रहे हैं। जदयू, राजद समेत अन्य दलों का तर्क है कि  पिछड़ी जातियों के उत्थान के लिए उनकी सही गणना का पता चलना बहुत जरूरी है। ओबीसी समुदाय चाहता है कि एससी-एसटी की तर्ज पर उनकी भी अलग से जनगणना हो और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले। 
 
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नीट में नकलबाजी: 50 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने की हुई थी डील, पुलिस ने बेटी-पिता को किया गिरफ्तार

नीट परीक्षआ में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। स्कॉलर के माध्यम से पास होने वाली अभ्यर्थी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभ्यर्थी त्रिपुरा के धलाई जिले की रहने वाली है।  वाराणसी के सारनाथ पुलिस ने त्रिपुरा के धलाई जिले से पकड़ा है। नाबालिग छात्रा का नाम उस समय सामने आया था, जब पटना के बहादुरपुर निवासी व बीडीएस की छात्रा जूली को स्कॉलर के तौर पर वाराणसी के परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया था।

स्कॉलर जूली ने पुलिस के सामने इसका खुलासा किया था। जूली ने नीट परीक्षा पास कराने के लिए त्रिपुरा के धलाई जिले की अभ्यर्थी से 50 लाख रुपये की मांग की थी। दोनों के बीच इस पर सहमति भी बन गई। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नीट की परीक्षा हुई, जिसमें पटना की स्कॉलर जूली बैठी। चेकिंग के दौरान पुलिस को इस पर थोड़ा शक हुआ। पुलिस ने  जूली से पूछताछ शुरू की, उस वक्त जूली कुछ भी बताने के इनकार कर दी।  पुलिस की सख्ती से पूछताछ में जूली ने पूरे मामले का खुलासा किया। वाराणसी पुलिस के समक्ष नीट में सेटिंग करने वाले गिरोह के सरगना समेत कई लोगों के नाम सामने आया था।


सरगना को दिया गया था पांच लाख रुपये एडवांस
जानकारी के अनुसार, नाबालिग अभ्यर्थी के पिता ने सॉल्वर गिरोह का सहारा लेकर अपनी बेटी को नीट परीक्षा पास कराने की कोशिश की। उन्होंने इसके लिए सॉल्वर गिरोह से 50 लाख रुपये में डील की थी और एडवांस के रूप में पांच लाख रुपये भी दे चुके थे।  इन्होंने त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युंजय देवनाथ व एक कोचिंग संचालक के माध्यम से सॉल्वर गिरोह के सरगना पीके से बात की थी और उसे ही पांच लाख रुपये दिये थे. काम पूरा होने पर 45 लाख रुपये देने का वादा किया था
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बिहार: दुबई से पटना आए दो लोग निकले कोरोना पॉजिटिव, ओमिक्रॉन की जांच के लिए लैब भेजे गए सैंपल

देश में ओमिक्रॉन का खतरा मंडरा रहा है। कई जगहों पर तेजी से नए कोरोना के मामले सामने आने लगे हैं। वहीं दुबई से पटना दो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। ओमिक्रॉन की पुष्टि के लिए उनके सैंपल लैब भेज दिए गए हैं। 

वहीं मीडिया खबरों की मानें तो दोनों लोग पिछले दस दिनों से पटना में ही रुके हुए थे। उन्हें ट्रेस करने का काम किया जा रहा है। दोनों 10 दिन से पटना में हैं तो उनकी कांटेक्ट हिस्ट्री भी लंबी हो चुकी है। इससे काम थोड़ा मुश्किल जरूर हो गया है।

पटना की सिविल सर्जन डॉ. विभाग कुमारी ने बताया कि दुबई से लौटे दो यात्रियों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। साथ ही कहा कि अब कंफर्मेशन जांच कराई जा रही है। ऐसे में अगर नए स्ट्रेन का मामला आया तो स्थिति गंभीर होगी।

जीनोम सीक्वेंसिंग की तैयारी चल रही है
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कुल चार लोग दुबई से पटना आए थे, सभी की कोरोना जांच की गई, इसमें पता चला कि दो कोरोना पॉजिटिव हैं। अब ओमिक्रॉन को देखते हुए कंफर्मेशन जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही कोरोना के नए स्ट्रेन के खतरे को देखते हुए जीनोम सीक्वेंसिंग की तैयारी चल रही है।

स्वास्थ्य विभाग ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है और उनकी गतिविधियों की पूरी पड़ताल कराई जा रही है। अब कांटेक्ट का पूरा डेटा तैयार कराया जा रहा है जिससे संपर्क में आए लोगों की जांच कराई जा सके। फिलहाल देश में ओमिक्रॉन के मामले 10 से ऊपर हैं।
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मुजफ्फरपुर अखफोड़वा कांड: आइजीआइएमएस में नौ मरीज भर्ती, केंद्र ने राज्य सरकार से मांगी रिपोर्ट

सांकेतिक तस्वीर
मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद ऑपरेशन में हुई घोर लापरवाही के बाद रोशनी गवाने वाले नौ मरीजों को आईजीआईएमएस पटना में भर्ती कराया गया है। शुक्रवार को  स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की और पीड़ित लोगों की आंखों की रोशनी बचाने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया। मंगल पांडेय ने कहा कि हर मरीज को बेहतर और अत्याधुनिक इलाज मुहैया करवाया जाएगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने भी आईजीआईएमएस पहुंच कर इलाज का जायजा लिया। वहीं, विपक्ष में स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ आक्रोश है। 

इस बीच मुजफ्फरपुर में स्थानीय नेत्र अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर और दवा की दुकान सील कर दी गई है। पूर्वी मुजफ्फरपुर की अतिरिक्त एसडीएम मनीषा कहती हैं, ''आज आदेश के मुताबिक ऑपरेशन थिएटर और दुकान को सील कर दिया गया है।''

मुजफ्फरपुर अंखफोड़वा कांड पर राबड़ी देवी ने स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की। विधानपरिषद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन राबड़ी ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर सीधा हमला बोला और उनका इस्तीफा मांगा। राबड़ी ने आरोप लगाया कि अभी तक सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। राबड़ी ने ये भी मांग की है कि इस कांड की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उच्च स्तरीय जांच कराएं।

केंद्र ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
मुजफ्फरपुर आई अस्पताल में मोतियाबंद का मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है। केंद्र ने राज्य सरकार से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्वास्थ्य विभाग को यह बताने को कहा है कि यह घटना कैसे हुई, इसमे कितने पीड़ित हुए है और राज्य सरकार उनके इलाज के लिए क्या कर रही है? केंद्र को रिपोर्ट देने के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने मुजफ्फरपुर जाकर आई हॉस्पिटल का निरीक्षण किया व एसकेएमसीएच में भर्ती रोगियों से बातचीत की।  अस्पताल से लिये गये सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नही मिली है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार को सोमवार या मंगलवार को पूरी स्थिति की रिपोर्ट भेज दी जायेगी.

राबड़ी देवी ने मांगा इस्तीफा
मुजफ्फरपुर अंखफोड़वा कांड पर राबड़ी देवी ने स्वास्थ्य मंत्री से इस्तीफे की मांग की।। विधानपरिषद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन राबड़ी ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पर सीधा हमला बोला और उनका इस्तीफा मांगा। राबड़ी ने आरोप लगाया कि अभी तक सरकार ने इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। राबड़ी ने ये भी मांग की है कि इस कांड की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उच्च स्तरीय जांच कराएं।
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नहीं रहे महंत कन्हैयादास: राममंदिर आंदोलन में निभाई थी अहम भूमिका, पटना के अस्पताल में ली अंतिम सांस

अपनी ओजस्वी वाणी के लिए पहचाने जाने वाले, राममंदिर आंदोलन के अहम किरदार महंत कन्हैयादास रामायणी का 61 वर्ष की उम्र में शुक्रवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से फेफडे़ की समस्या से जूझ रहे थे। पटना के महावीर कैंसर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, शुक्रवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन पर रामनगरी के संत-धर्माचार्यों सहित विहिप के पदाधिकारियों ने शोक-संवेदना व्यक्त की है।

राममंदिर आंदोलन के अहम किरदारों में शामिल संत समिति अयोध्या के अध्यक्ष व विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल के सदस्य महंत कन्हैयादास रामायणी इस साल हरिद्वार संत सम्मेलन से लौटने के बाद कोरोना ग्रसित हो गए थे। 

पटना के महावीर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। उनकी गणना विहिप के ओजस्वी वक्ताओं में होती रही। मंदिर आंदोलन में अपने भाषणों के जरिए युवाओं में जोश भरने के लिए वे जाने जाते थे। उन्हें विहिप का फायरब्रांड नेता कहा जाता था। 

उनके उत्तराधिकारी शिष्य संतोष दास ने बताया कि सद्गुरूदेव का 1992 के आंदोलनों में अहम योगदान रहा वे विपरीत परिस्थितियों में भी संघ, विहिप के साथ डटे रहे। धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों में उनकी रुचि रहती थी। 
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बिहार: नीतीश सरकार के मंत्री का पुलिस ने किया अपमान, विधानसभा के गेट पर रोका, सदन हैरान

बिहार विधानसभा परिसर के द्वार पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर रहे पुलिस जवानों ने गुरुवार को नीतीश सरकार के मंत्री का अपमान कर दिया। जब यह खबर विधानसभा में पहुंची तो सदन ने हैरानी जताई। 

राज्य के श्रम संसाधन मंत्री जिबेश कुमार मिश्रा ने सदन में कहा कि वह इसलिए लेट हो गए, क्योंकि ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने रोक दिया। उन्होंने जब तक पटना के कलेक्टर व एसपी का काफिला वहां से नहीं गुजरा तब तक उन्हें परिसर में नहीं घुसने दिया। 

कलेक्टर व एसएसपी मंत्री से बड़े हैं?
स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को संबोधित करते हुए मंत्री मिश्रा ने कहा कि मुझे लगा कि मुख्यमंत्री या आपका काफिला हो सकता है, लेकिन बाद में पता चला कि यह कलेक्टर व एसएसपी का काफिला था, तो मैं हैरान रह गया। क्या कलेक्टर व एसएसपी मंत्री से बड़े हैं? मंत्री के अपमान पर विपक्षी, खासकर राजद विधायकों आलोक मेहता, ललित यादव, प्रहलाद यादव और कांग्रेस के अजीत शर्मा व माकपा माले के महबूब आलम ने तीखी प्रतिक्रिया दी। 

मंत्री का अपमान गंभीर मामला
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि यह इस सदन की परंपरा रही है कि न केवल मंत्री बल्कि प्रत्येक सदस्य को सरकार का हिस्सा माना जाता है। इस प्रकार किसी सदस्य का अपमान एक गंभीर मामला है। चूंकि घटना विधानसभा परिसर के अंदर हुई थी, इसलिए कार्रवाई के बारे में फैसला करना अध्यक्ष का विशेषाधिकार है, लेकिन सरकार अपनी ओर से पर्याप्त कार्रवाई करने का वादा करती है। स्पीकर सिन्हा ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। मैंने वर्तमान सत्र के उद्घाटन के दिन सदन की गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था। मामले को कार्य मंत्रणा समिति विचार करेगी।

बिहार भाजपा ने की कार्रवाई की मांग
मंत्री जिबेश कुमार मिश्रा के समर्थन में उनकी पार्टी उतर आई है। बिहार भाजपा के प्रमुख संजय जायसवाल ने सख्त बयान जारी किया। जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में निर्वाचित प्रतिनिधियों के प्रति अधिकारियों के विनम्र होने की आवश्यकता पर बल दिया था। यह एक परंपरा है जिसका देश भर में पालन किया जाता है। बिहार में कुछ नौकरशाह एक प्रकार के राजसी अहंकार से भरे हैं। स्पीकर को संज्ञान लेकर कार्रवाई करना चाहिए। 
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बिहार: विधानसभा में पेश की गई कैग रिपोर्ट, राज्य सरकार को लगाई फटकार

बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र चल रहा है। गुरुवार विधानसभा में कैग यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ने बिहार सरकार की खिंचाई की। कैग ने वर्ष 2019-20 की रिपोर्ट में डिफॉल्ट करने वाली सरकारी कंपनियों 18,872 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मुहैया कराने पर बिहार सरकार को फटकार लगाई है।

कैग ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में 2019-20 की अपनी रिपोर्ट में कहा कि बिहार सरकार ने उपक्रमों और 16 गैर कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को 18.872 करोड़ रूपये बजटीय सहायता (इक्विटी, ऋण, अनुदान और सब्सिडी) प्रदान की। 

गैर-कार्यरत कंपनियों में बिहार राज्य फल और सब्जी विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड, बिहार राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, बिहार राज्य मत्स्य विकास निगम लिमिटेड और बिहार हिल एरिया लिफ्ट सिंचाई निगम लिमिटेड शामिल हैं।

कैग ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने श्रम और अन्य उपकर के लेखांकन के लिए कोई नियम नहीं बनाया है। हालांकि कुछ विभागों द्वारा एकत्र किया गया उपकर बेकार पड़ा है जो उस उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता है जिसके लिए इसे लगाया गया था।
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Lalu Prasad Yadav News: राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को एम्स से छुट्टी, दिल्ली में ही रहकर कराएंगे इलाज

बीते कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को दिल्ली एम्स से गुरुवार को छुट्टी दे दी गई। हालांकि अब भी उन्हें उपचार की जरूरत है। वे दिल्ली में बेटी मीसा भारती के घर पर रहकर इलाज कराएंगे। 

गत शुक्रवार को पटना से दिल्ली पहुंचने के बाद लालू प्रसाद यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स के आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया था। लालू को तेज बुखार था और चक्कर आ रहे थे। 

लालू यादव को अस्पताल में छुट्टी मिलने पर उनके समर्थकों व परिवारजनों ने प्रसन्नता प्रकट की है। एम्स से उन्हें सीधे बड़ी बेटी मीसा भारती के सरकारी निवास पर ले जाया गया। जहां वह कुछ दिन और रहकर इलाज कराएंगे। इसके बाद ही उनके पटना लौटने का कार्यक्रम तय होगा। 

राजद सुप्रीमो व बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव चारा घोटाला के मामलों में सजा पाने के बाद फिलहाल जमानत पर हैं। रिहाई के बाद वे लंबे समय तक मीसा के घर पर ही दिल्ली में रहे थे। कुछ दिनों पूर्व वे पटना लौटे थे। 

उपचुनाव में प्रचार किया था, जीप भी दौड़ाई थी
पटना लौटने के बाद उन्होंने बिहार विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए प्रचार किया था। लेकिन इन चुनावों में राजद की हार के बाद लालू प्रसाद यादव दिल्ली लौट गए थे। इसके बाद वे बांका कोषागार के चारा घोटाला मामले में पेशी के लिए आए थे। हालांकि कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी। दिल्ली लौटने के पहले उन्होंने पटना के राजद कार्यालय में 'लालटेन' का अनावरण किया था। उन्होंने पटना की सड़कों पर अपनी पुरानी जीप भी दौड़ाई थी। 
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