सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   IGIMS becomes hi-tech with anesthesia simulation lab and robotic surgical system, Minister Mangal Pandey

Bihar: एनेस्थीसिया सिमुलेशन लैब और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम से हाईटेक बना IGIMS, मंत्री मंगल पांडेय ने क्या कहा?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Aditya Anand Updated Sun, 15 Mar 2026 08:54 PM IST
विज्ञापन
सार

अत्याधुनिक एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम के कारण आईजीआईएमएस देश का अग्रणी संस्थान बन गया है। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने जब आईजीआईएमएस पहुंचे तो उन्होंने क्या-क्या बाते कहीं आइये जानते हैं...

IGIMS becomes hi-tech with anesthesia simulation lab and robotic surgical system, Minister Mangal Pandey
डॉक्टरों के साथ मंत्री मंगल पांडेय और भाजपा विधायक संजीव चौरसिया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS)में रविवार को ’किडनी ट्रांसप्लांट मीट-2026'  का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने आईजीआईएमएस परिसर में एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री की सुविधाओं और रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है तथा लोगों को बेहतर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कार्यक्रम के दौरान

Trending Videos


रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का शुभारंभ
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पांडेय ने कहा कि रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम की सुविधाओं का भी शुभारंभ किया गया। यह अत्यंत गर्व का विषय है कि द विंची एक्सआई शल्य प्रणाली, जिसे इंट्यूटिव सर्जिकल इंक, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्मित किया गया है, जिसको इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में स्थापित किया गया है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से क्रय किया गया। यह अत्याधुनिक रोबोटिक शल्य प्रणाली, जिसमें 10 वर्षों की व्यापक वार्षिक अनुरक्षण सेवा भी शामिल है। राज्य में अति-विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अत्याधुनिक प्रणाली की स्थापना के साथ ही आईजीआईएमएस देश के उन अग्रणी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जहां रोबोटिक सहायता प्राप्त शल्य चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध है। बिहार सरकार के निरंतर सहयोग और मार्गदर्शन से आईजीआईएमएस में मार्च 2016 में किडनी प्रत्यारोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक शुरू किया गया, जिसे आज दस वर्ष पूरे हो चुके हैं। स्थापना के बाद से अब तक आईजीआईएमएस में 138 किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं, जिनके परिणाम देश के प्रमुख प्रत्यारोपण केंद्रों के समान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

Rajya Sabha Election: मंत्री विजय चौधरी के यहां NDA विधायकों की बैठक, सीएम नीतीश भी पहुंचे; संजय झा क्या बोले?

एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री की स्थापना
मंत्री ने कहा कि एनेस्थीसिया सिमुलेशन लेबोरेट्री की स्थापना इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना में की गई है। यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला एलीवेट हेल्थकेयर इंक, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा निर्मित उपकरणों से सुसज्जित है। यह लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। जिसमें 10 वर्षों की व्यापक वार्षिक अनुरक्षण सेवा भी शामिल है। यह सुविधा चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अनुकरण प्रयोगशाला के माध्यम से एनेस्थीसिया विशेषज्ञों, रेजिडेंट चिकित्सकों तथा चिकित्सा विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के समान वातावरण में प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकेगा। इस अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा की स्थापना से आईजीआईएमएस देश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में शामिल होगा। इस अवसर पर दीघा के विधायक  संजीव चौरसिया, आईजीआईएमएस के निदेशक डॉ. बिन्दे, डॉ. एन. आर. विश्वास, डॉ. हेमंत कुमार, डॉ. ओम कुमार, डॉ. विश्वास, सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, आईजीआईएमएस के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed