{"_id":"6a34ceb5fd803434cd001822","slug":"bihar-tender-fraud-case-probe-team-conducts-searches-linked-to-two-ias-officers-and-rishushree-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : टेंडर घोटाले में जांच का आज बड़ा दिन, दो IAS और रिशुश्री की एक कंपनी निदेशक के घर जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : टेंडर घोटाले में जांच का आज बड़ा दिन, दो IAS और रिशुश्री की एक कंपनी निदेशक के घर जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु सिंह
Updated Fri, 19 Jun 2026 10:38 AM IST
सार
Bihar : पटना में आज सुबह से स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। टेंडर घोटाले के सामने आने के बाद निलंबित दो आईएएस और रिशुश्री के कंपनी निदेशक के घर पर जांच चल रही है।
विज्ञापन
bihar news
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सरकारी टेंडरों में कमीशनखोरी के मामले में अब स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने दबिश बढ़ा दी है। आईएएस लॉबी में ऊपर तक पहुंच के कारण सरकारी टेंडरों से खेलने वाले रिशुश्री ने पूछताछ में जिन अफसरों को भाई या बहन बताया, सबसे पहले उन्हीं पर दबिश की आंच पहुंची है। इस मामले के सामने आने के बाद निलंबित किए गए आईएएस योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा के ठिकानों पर जांच चल रही है। इसके साथ ही रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृसवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के आवास पर भी छापा पड़ा है।
अभिलाषा शर्मा को लेकर जांच में क्या सवाल?
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बेली रोड से सटे अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर धावा बोला है। एसवीयू ने अभिलाषा शर्मा से उनकी यात्राओं से संबंधित कागजात भी मांगे हैं, क्योंकि मीडिया में लंबे समय से यही जानकारी आ रही थी कि वह विदेश यात्रा पर गई थीं। बताया जा रहा है कि एसवीयू को अभिलाषा शर्मा के विदेश जाने का प्रमाण अब तक नहीं मिला है। उनका पासपोर्ट भी देखा जा रहा है। इसके अलावा उनकी पर्यटन यात्रा के खर्च और उसके लिए भुगतान का विवरण भी मांगा गया है, क्योंकि आरोप है कि रिशुश्री ने यह प्रायोजित किया था। एसवीयू की टीम यह भी देख रही है कि अभिलाषा शर्मा रिशुश्री को लाभ देने वाले पदों पर रही हैं या नहीं और रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहार आदि वास्तव में उनके पास हैं या नहीं?
योगेश सागर के किस ठिकाने पर पहुंची एसवीयू की टीम
बिहार सरकार के टेंडरों में कमीशनखोरी का सिंडिकेट चला रहे रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को निलंबित कर दिया गया था। बताया गया था कि रिशुश्री के मोबाइल चैट और डायरियों में इन्हें भइया-दीदी की तरह संबोधित किए जाने के बाद फौरी तौर पर यह कार्रवाई की गई। निलंबन से पहले इनसे शोकॉज भी नहीं किया गया था और न इस मामले में प्राथमिकी ही दर्ज हुई थी। अब करीब 20 दिन बाद जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए इनके घरों पर धावा बोला है। आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी के मकान नंबर E-2/10 पर कागजातों की पड़ताल करते हुए देखा जा रहा है कि यह जहां पदस्थापित रहे हैं, वहां रिशुश्री का नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और किस तरह का फायदा उठाया गया? रिशुश्री और योगेश सागर के जुड़ाव को साबित करने के लिए तकरीबन दो दर्जन सवालों के साथ जांच एजेंसी ने धावा बोला है।
विज्ञापन
मातृस्वा इंफ्रा की जांच में देरी पर सवाल
रिशुश्री की गिरफ्तारी के साथ ही यह सामने आ गया था कि इससे जुड़े दस्तावेज बेउर के एसके विहार कॉलोनी स्थित मातृस्वा इंफ्रा के कार्यालय और इससे जुड़े लोगों के पास मिलेंगे। ऐसे में 28 मई को गिरफ्तार रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर पर अब जाकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम पहुंची है। यहां कंपनी के सरकारी टेंडरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और उसी से संबंधित पूछताछ चल रही है।
विज्ञापन
अभिलाषा शर्मा को लेकर जांच में क्या सवाल?
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बेली रोड से सटे अभिलाषा शर्मा के सरकारी आवास पर धावा बोला है। एसवीयू ने अभिलाषा शर्मा से उनकी यात्राओं से संबंधित कागजात भी मांगे हैं, क्योंकि मीडिया में लंबे समय से यही जानकारी आ रही थी कि वह विदेश यात्रा पर गई थीं। बताया जा रहा है कि एसवीयू को अभिलाषा शर्मा के विदेश जाने का प्रमाण अब तक नहीं मिला है। उनका पासपोर्ट भी देखा जा रहा है। इसके अलावा उनकी पर्यटन यात्रा के खर्च और उसके लिए भुगतान का विवरण भी मांगा गया है, क्योंकि आरोप है कि रिशुश्री ने यह प्रायोजित किया था। एसवीयू की टीम यह भी देख रही है कि अभिलाषा शर्मा रिशुश्री को लाभ देने वाले पदों पर रही हैं या नहीं और रिशुश्री की डायरी में दर्ज उपहार आदि वास्तव में उनके पास हैं या नहीं?
विज्ञापन
योगेश सागर के किस ठिकाने पर पहुंची एसवीयू की टीम
बिहार सरकार के टेंडरों में कमीशनखोरी का सिंडिकेट चला रहे रिशुश्री की गिरफ्तारी के बाद ही अभिलाषा शर्मा और योगेश सागर को निलंबित कर दिया गया था। बताया गया था कि रिशुश्री के मोबाइल चैट और डायरियों में इन्हें भइया-दीदी की तरह संबोधित किए जाने के बाद फौरी तौर पर यह कार्रवाई की गई। निलंबन से पहले इनसे शोकॉज भी नहीं किया गया था और न इस मामले में प्राथमिकी ही दर्ज हुई थी। अब करीब 20 दिन बाद जांच एजेंसी ने पूछताछ के लिए इनके घरों पर धावा बोला है। आईएएस योगेश सागर के आईएएस कॉलोनी के मकान नंबर E-2/10 पर कागजातों की पड़ताल करते हुए देखा जा रहा है कि यह जहां पदस्थापित रहे हैं, वहां रिशुश्री का नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और किस तरह का फायदा उठाया गया? रिशुश्री और योगेश सागर के जुड़ाव को साबित करने के लिए तकरीबन दो दर्जन सवालों के साथ जांच एजेंसी ने धावा बोला है।
विज्ञापन
मातृस्वा इंफ्रा की जांच में देरी पर सवाल
रिशुश्री की गिरफ्तारी के साथ ही यह सामने आ गया था कि इससे जुड़े दस्तावेज बेउर के एसके विहार कॉलोनी स्थित मातृस्वा इंफ्रा के कार्यालय और इससे जुड़े लोगों के पास मिलेंगे। ऐसे में 28 मई को गिरफ्तार रिशुश्री से जुड़ी कंपनी मातृस्वा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पवन कुमार के घर पर अब जाकर स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम पहुंची है। यहां कंपनी के सरकारी टेंडरों से जुड़े दस्तावेजों की जांच और उसी से संबंधित पूछताछ चल रही है।