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Hindi News ›   India News ›   Eknath Shinde asks to Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Why no action taken against loot at Siddhivinayak temple

Maharashtra: 'सिद्धिविनायक मंदिर में लूट की जांच क्यों नहीं कराई', शिंदे का उद्धव गुट पर पलटवार

Sat, 11 Jul 2026 12:25 AM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Devesh Tripathi Updated Sat, 11 Jul 2026 12:25 AM IST
सार

महाराष्ट्र विधान परिषद में राम मंदिर चढ़ावा मामले पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए सिद्धिविनायक मंदिर में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर प्रकरण में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, लेकिन पूर्व सरकार ने सिद्धिविनायक मंदिर से जुड़े आरोपों की जांच क्यों नहीं कराई।

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Eknath Shinde asks to Uddhav Thackeray Shiv Sena UBT Why no action taken against loot at Siddhivinayak temple
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के हमलों का जवाब देते हुए मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हुई कथित लूट की जांच तत्कालीन सरकार ने क्यों नहीं कराई।
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विधान परिषद में मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष की ओर से लाए गए प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शिंदे ने कहा कि अयोध्या के राम मंदिर में कथित गबन की घटना से रामभक्तों को पीड़ा पहुंची है और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शिवसेना उबाठा और उद्धव पर बिना नाम लिए साधा निशाना 
एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) और उसके प्रमुख उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग आज आलोचना कर रहे हैं, उनके सहयोगियों ने देश के सबसे समृद्ध मंदिरों में शामिल सिद्धिविनायक मंदिर के दानपात्र को लूटने का पाप किया था।
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शिंदे ने कहा, "राम मंदिर में जो हुआ, उसका कोई समर्थन नहीं कर सकता। रामभक्तों को इससे पीड़ा हुई है। सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी किसी को नहीं छोड़ेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "जो लोग आज आलोचना कर रहे हैं, उनके सहयोगियों ने सिद्धिविनायक मंदिर के दानपात्र को लूटने का पाप किया था। तब की सरकार ने इसकी जांच के आदेश क्यों नहीं दिए?"

गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 से 2022 तक मुख्यमंत्री रहने के दौरान सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट में सदस्यों की नियुक्ति की थी। जून 2022 में बगावत कर सरकार गिराने तक एकनाथ शिंदे भी उसी सरकार का हिस्सा थे। शिंदे ने यह भी याद दिलाया कि उस समय महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने सिद्धिविनायक मंदिर में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था।

आदेश बांदेकर बोले- दोषी हूं तो मंदिर के सामने फांसी दे दें
विधान परिषद में शिंदे के बयान के बाद श्री सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष और मराठी अभिनेता आदेश बांदेकर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर वह किसी भी तरह की अनियमितता के दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें मंदिर के सामने फांसी पर लटका दिया जाए।

बांदेकर ने कहा, "मेरा कार्यकाल खत्म हुए तीन साल हो चुके हैं। करीब चार साल पहले भी विधानसभा सत्र के दौरान यही मुद्दा उठा था। सभी कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति मंत्रालय की ओर से होती है। अगर कोई अनियमितता थी तो उसे उसी समय सार्वजनिक किया जाना चाहिए था।"

उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से ट्रस्ट की जिम्मेदारी किसी और के पास है और उन्हें आशंका है कि इस दौरान संबंधित दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन राज्य सरकार ने जुलाई 2020 में बांदेकर को दूसरी बार ट्रस्ट का अध्यक्ष नियुक्त किया था। गौरतलब है कि पिछले रविवार शिवसेना (यूबीटी) ने राम मंदिर में चढ़ावे में कथित गबन के विरोध में राज्यभर में 'राम रक्षा' आंदोलन किया था।

उद्धव ठाकरे पर भी साधा निशाना
अपने संबोधन में शिंदे ने उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मारुति स्तोत्र लिखकर पढ़ते हैं, जबकि उनके बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे हनुमान चालीसा बिना देखे सुना सकते हैं। उन्होंने कहा, "अब उन्होंने नई कहानी गढ़ी है कि हनुमान ने जलती हुई मशाल से लंका जलाई थी। अगर उनकी पार्टी का चुनाव चिह्न लाइटर होता तो क्या होता? क्या मुझे रामानंद सागर से रामायण दोबारा सुनाने के लिए कहना चाहिए?"


शिंदे ने यह भी पूछा, "हनुमान चालीसा पढ़ने पर एक सांसद और एक विधायक को जेल किसने भेजा था?" उनका इशारा नवनीत राणा और रवि राणा की गिरफ्तारी की ओर था।

गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की घोषणा के बाद मुंबई पुलिस ने तत्कालीन लोकसभा सांसद नवनीत राणा और विधायक रवि राणा को गिरफ्तार किया था।
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