Fact Check: एक साल से इंटरनेट पर मौजूद वीडियो को पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर किया जा रहा शेयर
Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि सीआरपीएफ का काफिला पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए पहुंच गया है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ दिन बचे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में रात की समय सड़क से कई गाड़ियां जाती नजर आ रही हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल का है, जहां चुनाव के दौरान सीआरपीएफ की एंट्री हो गई है।
अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एक साल से इंटरनेट पर मौजूद है।
क्या है दावा
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में सीआरपीएफ की एंट्री हो गई है।
ocean jain (@ocjain4) नाम के एक्स यूजर ने लिखा है, ’बंगाल में CRPF की एंट्री से माहौल बदल गया अब बातचीत नहीं सीधा तगड़ा एक्शन शुरू बंगाल में मियां राज नहीं सिर्फ हिंदू राज चलेगा।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।
पड़ताल
इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें नेहा गुरुंग नाम के एक्स यूजर के अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। इस वीडियो को 17 फरवरी 2025 को साझा किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि भारतीय सेना ने जनता को सूचित किया कि वे शांति बहाल करने आए हैं और लोगों से घर पर रहने का आग्रह किया। मणिपुर में प्रतिबंध लागू होने के बाद, एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें भारतीय सेना इम्फाल शहर में फ्लैग मार्च करते हुए लोगों से घर के अंदर रहने का आग्रह कर रही है और कह रही है कि अब जब वे आ गए हैं, तो वे शांति सुनिश्चित करेंगे।
इसके बाद हमें thebharatsquad नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी वायरल वीडियो देखने को मिला। यह वीडियो 17 फरवरी 2025 को साझा किया गया है। पोस्ट में बताया गया है कि भारतीय सेना ने मणिपुर पर नियंत्रण कर लिया है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद, एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें भारतीय सेना इम्फाल शहर में फ्लैग मार्च करती हुई दिखाई दे रही है और लोगों से घरों में रहने का आग्रह करते हुए कह रही है कि अब जब वे आ गए हैं, तो वे शांति सुनिश्चित करेंगे।
यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एक साल पहले से इंटरनेट पर मौजूद है। हालांकि हमें इस वीडियो का कोई विश्वसनीय रिपोर्ट मिली।
पड़ताल का नतीजा
हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एक साल पहले से इंटरनेट पर मौजूद पाया है।

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