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Goa Nightclub: 1999 से अलग-अलग नामों से चल रहा था नाइटक्लब, CM प्रमोद सावंत ने कहा- सभी उल्लंघनों की होगी जांच

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: शिवम गर्ग Updated Fri, 16 Jan 2026 03:26 PM IST
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सार

गोवा के अरपोरा में आग से 25 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि विवादित नाइटक्लब 1999 से अलग-अलग नामों से चल रहा था। सरकार सभी नियम उल्लंघनों की गहराई से जांच करेगी।

Fire-Hit Goa Nightclub Ran Under Multiple Names Since 1999, Probe to Cover All Violations CM Pramod Sawant
गोवा सीएम प्रमोद सावंत - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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गोवा के अरपोरा गांव में पिछले महीने हुए भीषण नाइटक्लब अग्निकांड, जिसमें 25 लोगों की जान चली गई थी, को लेकर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने विधानसभा में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक यह नाइटक्लब पिछले कई वर्षों से अलग-अलग नामों से संचालित होता रहा है और सरकार अब इसके 1999 से अब तक के सभी नियम उल्लंघनों की जांच करेगी।
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विधानसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नाइटक्लब जिस जमीन पर बना है, वह किरायेदारी की थी और इसी आधार पर इसे वर्ष 1999 में अनुमति दी गई थी। इसके बाद वर्षों तक नाम बदलकर क्लब का संचालन किया गया।
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अवैध पर्यटन प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई
प्रमोद सावंत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने बिना वैध अनुमति चल रहे पर्यटन प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान (crackdown) शुरू किया है और किसी भी वीआईपी या वीवीआईपी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि
  • उत्तर गोवा में 47 प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिनमें से 17 सील किए गए।
  • दक्षिण गोवा में 39 प्रतिष्ठानों की जांच हुई, जिनमें 5 सील किए गए।
  • कुल 22 प्रतिष्ठान ऐसे पाए गए जो फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज और गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जरूरी एनओसी के बिना चल रहे थे।
सीआरजेड उल्लंघन और सीजेडएमए पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष यूरी अलेमाओ ने कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ) कानूनों के उल्लंघन का मुद्दा उठाते हुए तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (CZMA) पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस पर मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच CZMA को 534 शिकायतें मिलीं,  इनमें से 336 मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए। उन्होंने यह भी बताया कि कोस्टल जोन मैनेजमेंट प्लान 2011 पहले ही लागू है, जबकि 2019 की योजना एक साल में अंतिम रूप ले लेगी।

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नाइटक्लब में बदले गए नियम
सीएम सावंत ने बताया कि कई मामलों में पहले रेस्टोरेंट की अनुमति ली गई और बाद में फीस देकर शराब परोसने का समय बढ़ाया गया, जिसके बाद इन्हें नाइटक्लब में तब्दील कर दिया गया जो नियमों का खुला उल्लंघन है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अरपोरा नाइटक्लब अग्निकांड की मजिस्ट्रियल जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन चार्जशीट दाखिल होने से पहले रिपोर्ट विधानसभा में पेश नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि क्लब के मालिक सुरिंदर खोसला के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।

विपक्ष का हंगामा
आम आदमी पार्टी के विधायक वेंजी वीगास ने मोरजिम स्थित बैस्टियन क्लब का मुद्दा उठाते हुए सिस्टम में खामियों का आरोप लगाया। जांच रिपोर्ट सदन में पेश करने की मांग को लेकर विपक्षी विधायक वेल में भी पहुंचे।

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