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ED: फ्लैट-दुकान खरीदारों को दिया धोखा, 85 करोड़ रुपये का नुकसान; इंग्लैंड में जब्त की आरोपी की अचल संपत्ति
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 17 Jul 2025 07:33 PM IST
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- फोटो : Adobe Stock
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई जोनल कार्यालय ने 16 जुलाई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत विनोद तन्ना और उनकी पत्नी से संबंधित इंग्लैंड (यूके) में अचल संपत्ति जब्त की है। पीएमएलए जांच से पता चला है कि जब्त संपत्ति, भूमि और भवन के रूप में, जयेश तन्ना द्वारा वर्ष 2017 में (अपराध अवधि के दौरान) जीबीपी 2.07 लाख की अपराध आय को यूके में स्थानांतरित करके हासिल की गई थी। जांच में पता चला है कि इस मामले में वास्तविक निवेशकों / फ्लैट खरीदारों को धोखा देकर उक्त संपत्ति अर्जित की गई थी।
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ईडी ने जयेश तन्ना, दीप तन्ना (साई समूह की संस्थाओं के प्रमोटर) और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर 2024 में जांच शुरू की थी। जांच के दौरान सामने आया है कि साईं समूह की संस्थाओं के प्रमोटरों ने अपने प्रस्तावित पुनर्विकास परियोजनाओं में फ्लैट/दुकान खरीदारों के लिए योजना प्रारंभ की थी। इसके लिए खूब विज्ञापन दिया गया।
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जब बहुत से निवेशकों ने उक्त प्रोजेक्ट में पैसा लगाया तो प्रमोटरों ने उस धन को अपने फायदे के लिए दूसरे कार्यों में डायवर्ट कर दिया। इसके लिए उन्होंने विभिन्न कदाचारों का सहारा लिया। इसके कारण वे परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाईं। इस प्रकार मुंबई के डीएन नगर, अंधेरी, कांदिवली और गोरेगांव क्षेत्रों में विभिन्न परियोजनाओं में खरीदारों, पुराने किरायेदारों (मूल सोसायटी सदस्यों) और निवेशकों को 85.75 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ। अब तक इस मामले में ईडी ने 35.65 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। मामले की जांच जारी है।
Flat shop buyers were cheated, loss of Rs 85 crore accused's property