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Jaishankar: पश्चिम एशिया संकट के बीच चौथी बार हुई जयशंकर-अराघची की बातचीत, होर्मुज से मिल रही अच्छी खबर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nitin Gautam Updated Fri, 13 Mar 2026 02:51 PM IST
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सार

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार की रात ईरानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की। यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीति समुद्री मार्ग को ईरान ने आंशिक रूप से बाधित किया हुआ है। 

Foreign minister s jaishankar speaks with iran counterpart amid west asia energy crisis hormuj strait
अब्बास अराघची, एस जयशंकर - फोटो : एक्स/डॉ. एस. जयशंकर
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विस्तार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची से बात की। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद यह दोनों नेताओं की चौथी बातचीत थी। जयशंकर और अराघची के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 28 व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए नई दिल्ली द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।  
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पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद से चौथी बार हुई बातचीत
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच बीती रात फोन पर बातचीत हुई। बीती 28 फरवरी को जब अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी, उसके बाद भी जयशंकर ने अराघची से बात की थी। पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच बीती 5 मार्च और फिर 10 मार्च को भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। बीते करीब 15 दिनों में दोनों के बीच गुरुवार रात को चौथी बार बात हुई है। 
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होर्मुज जलडमरूमध्य से मिल रही अच्छी खबर
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा, 'कल रात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक और बातचीत हुई। इस बातचीत में द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा हुई।' भारत, होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक शिपिंग मार्ग से भारतीय ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका और इस्राइल के साथ संघर्ष बढ़ने के बाद तेहरान ने इस मार्ग को आंशिक रूप से अवरुद्ध कर दिया है। जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। हालांकि गुरुवार को एक अच्छी खबर सामने आई कि एक भारतीय जहाज सुरक्षित भारत पहुंचा। इसे भारत के कूटनीतिक प्रयासों का नतीजा माना जा रहा है। 



ईरान ने जारी किया बयान
ईरान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष को अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए हमलों से पैदा हुई स्थिति और क्षेत्र तथा दुनिया की स्थिरता और सुरक्षा पर इसके परिणामों के बारे में जानकारी दी। ईरानी विदेश मंत्री ने जयशंकर के सामने आत्मरक्षा के वैध अधिकार के इस्तेमाल के तेहरान के दृढ़ संकल्प पर जोर दिया।

बयान में कहा गया, अराघची ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मंचों और संगठनों द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रमण की निंदा किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। बहुपक्षीय सहयोग विकसित करने के एक मंच के रूप में ब्रिक्स की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने मौजूदा समय में क्षेत्र और दुनिया में स्थिरता और सुरक्षा का समर्थन करने में ब्रिक्स की अहम भूमिका पर जोर दिया। 



 
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