Andhra Bus Fire: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में छह महीने में चार बड़े सड़क हादसे, क्यों आग का गोला बन रहीं बसें?
आंध्र प्रदेश में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई है। अब तक आंध्र प्रदेश और तेलंगाना छह महीने में चार बड़े सड़क हादसे हुए है। आइए जानतें हैं बसें क्यों आग का गोला बन रही है।
विस्तार
आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में गुरुवार को भीषण बस अग्निकांड में 14 लोगों की मौत हो गई। इसमें 22 लोग घायल हो गए। यह घटना तेलुगु राज्यों में बसों से जुड़ी घातक दुर्घटनाओं की श्रृंखला में सबसे हालिया है। पिछले छह महीनों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों में कम से कम चार बड़ी बस दुर्घटनाएं हुई हैं।
24 अक्तूबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर के पास एक दुर्घटना के बाद सड़क पर पड़ी एक मोटरसाइकिल को कुचलने के बाद एक निजी बस में आग लग गई। इसमें 19 लोग जलकर मर गए। एक निजी टूर ऑपरेटर की बस जिसमें 46 लोग सवार थे। वह हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही थी, तभी कुरनूल के बाहरी इलाके में चिन्नटेकुर गांव के पास यह भयावह दुर्घटना हुई। इसमें दो बच्चों सहित 19 यात्री जलकर मर गए। वहीं, दोनों ड्राइवरों सहित 27 यात्री कांच की खिड़कियां तोड़कर बच निकले।
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बसें क्यों बन रही है आग का गोला?
पुलिस की जांच में पता चला कि बस ने सड़क पर पड़ी एक मोटरसाइकिल को कुचल दिया, जिसे सवार ने डिवाइडर से टकरा दिया था। बस मोटरसाइकिल को लगभग 200 मीटर तक घसीटती रही। इसके बाद घर्षण और मोटरसाइकिल से ईंधन के रिसाव के कारण भीषण आग लग गई। जिसने देखते ही देखते पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि बाइक सवार बी. शिव शंकर (22) की मौत डिवाइडर से टकराने के बाद हुई। वहीं, उसका दोस्त एर्रिसवामी उर्फ नानी, जो पीछे बैठा था। वह मामूली चोटों के साथ बच गया। वह बस को आग की लपटों में देखकर घबराकर घटनास्थल से भाग गया। पुलिस ने बस चालक मिरियाला लक्ष्मैया और वी. कावेरी ट्रेवल्स के मालिक वेमुरी विनोद कुमार को लापरवाही या तेज गति से वाहन चलाने के कारण मौत का कारण बनने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
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ट्रक टीजीएसआरटीसी की बस को मारी टक्कर
वहीं, 3 नवंबर, 2025 को तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में एक बस-ट्रक की टक्कर में 19 लोगों की मौत हो गई। इसमेंं 24 अन्य घायल हो गए। बजरी से लदे टिपर ट्रक ने विपरीत दिशा से आ रही तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) की बस को टक्कर मार दी। बस में सवार 72 लोग तांदूर से हैदराबाद आ रहे थे। मृतकों में 10 महिलाएं और एक 10 महीने का बच्चा शामिल हैं। आमने-सामने की टक्कर में टीजीएसआरटीसी बस और ट्रक दोनों के चालकों की मौत हो गई। टिपर ट्रक के बस में घुसते ही पहली छह पंक्तियों में बैठे यात्री बजरी के नीचे दब गए और कुचल गए। उसी दिन आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले में एक निजी बस पलट गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब भारती ट्रेवल्स की यह बस एलुरु से हैदराबाद की ओर जा रही थी और जुबली नगर में मोड़ लेते समय पलट गई।
मुख्यमंत्री ने हादसों की वजह का पता लगाने का दिया आदेश
4 नवंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में एक निजी बस की ट्रक से टक्कर में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं, आठ अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना चेन्नाकोथापल्ले मंडल के धमाजीपल्ली के पास हुई, जब जब्बार ट्रेवल्स की बस मोड़ लेते समय पीछे से ट्रक से टकरा गई। 22 जनवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के नंदीयाल जिले में एक निजी बस की कंटेनर लॉरी से टक्कर के बाद उसमें आग लग गई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। टायर फटने के बाद बस अनियंत्रित हो गई और सड़क विभाजक को पार करते हुए विपरीत दिशा से आ रही एक लॉरी से टकरा गई। आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से हैदराबाद जा रही बस और मोटरसाइकिलों से लदे कंटेनर ट्रक में टक्कर के बाद आग लग गई। पुलिस ने बताया कि दोनों वाहनों के चालक और लॉरी का सफाईकर्मी मारे गए। सभी यात्री बच गए। लॉरी में सवार 36 यात्रियों में से चार को मामूली फ्रैक्चर हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सड़क हादसों में हो रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पिछले साल नवंबर में अधिकारियों को सड़क हादसों के कारणों का पता लगाने के लिए तृतीय-पक्ष ऑडिट कराने का निर्देश दिया था।
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सड़क दुर्घटनाओं के मामलें में आंध्र प्रदेश आठवें स्थान पर
तीसरे पक्ष की ओर से की जाने वाली ऑडिटिंग से यह पता लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है कि क्या कोई दुर्घटना वाहन में किसी खराबी, चालक की लापरवाही या सड़क इंजीनियरिंग कार्यों में खामियों के कारण हुई थी। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025 के दौरान 15,462 सड़क दुर्घटनाओं में 6,433 लोगों की मौत पर चिंता व्यक्त की। देश में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में आंध्र प्रदेश आठवें स्थान पर है।अधिकारियों ने बताया कि एक तिहाई दुर्घटनाएं दोपहिया वाहनों के कारण हुईं, और 53 प्रतिशत दुर्घटनाएं कारों और दोपहिया वाहनों से जुड़ी स्व-दुर्घटनाएं थीं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को नेल्लोर, तिरुपति, पालनाडु, अन्नामय्या और काकीनाडा जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की उच्च संख्या के कारणों की जांच करने का निर्देश दिया। अधिकारियों ने यह भी बताया कि 79 प्रतिशत दुर्घटनाएं तेज गति से वाहन चलाने के कारण, तीन प्रतिशत गलत दिशा से वाहन चलाने के कारण और एक प्रतिशत शराब और मोबाइल फोन के इस्तेमाल के कारण होती हैं। वहीं 42 प्रतिशत दुर्घटनाएं राष्ट्रीय राजमार्गों पर होती हैं। इसके साथ ही 21 प्रतिशत दुर्घटनाएं राज्य राजमार्गों पर होती हैं।