West Bengal: घरेलू सहायिका से मंत्री तक, कलिता माझी की यात्रा बनी मिसाल; कहा बड़ी जिम्मेदारी मिली
कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली कलिता माझी ने पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। आउसग्राम सीट से विधायक बनीं माझी ने अपनी सफलता का श्रेय जनता के समर्थन और वर्षों के संघर्ष को दिया।
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पश्चिम बंगाल सरकार में आज मंत्री पद की शपथ लेने वाली 37 वर्षीय कलिता माझी की राजनीतिक यात्रा संघर्ष, मेहनत और सामाजिक प्रतिबद्धता का उदाहरण है। कभी घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली माझी का मंत्री पद तक पहुंचना भाजपा द्वारा जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने की नीति का प्रतीक माना जा रहा है।
पूर्व बर्धमान जिले की आउसग्राम विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाली कलिता माझी हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों की सबसे चर्चित विजेताओं में शामिल रहीं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 12,535 मतों के अंतर से हरा दिया।
कितना मुश्किल था मंत्री पद तक पहुंचना
माझी के लिए मंत्री पद तक पहुंचने का यह सफर गुसकारा के माझपुकुर पाड़ा से शुरू हुआ, जहां उन्होंने वर्षों तक घरेलू जिम्मेदारियों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संतुलन बनाते हुए संघर्षपूर्ण जीवन बिताया। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि उनके जीवन में इतना बड़ा परिवर्तन आएगा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ने हर चरण पर उन पर विश्वास जताया और आगे बढ़ने के अवसर दिया।
गुसकारा नगरपालिका क्षेत्र की निवासी कलिता माझी अपने प्लंबर पति और पुत्र के साथ रहती हैं। सक्रिय राजनीति में आने से पहले उन्होंने परिवार के भरण-पोषण के लिए स्थानीय घरों में घरेलू सहायिका के रूप में कार्य किया। वह एक दशक से अधिक समय से सक्रिय राजनीति से जुड़ी हुई हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अनुसूचित जाति आरक्षित आउसग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि उस चुनाव में उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा, लेकिन पार्टी ने उन पर भरोसा बनाए रखा और 2026 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर उम्मीदवार बनाया।पार्टी का यह निर्णय सफल साबित हुआ और कलिता माझी ने एक लाख से अधिक मत प्राप्त कर यह सीट तृणमूल कांग्रेस से छीन ली।
क्षेत्र के लोगों का साथ भी मिला
अपने चुनाव अभियान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों तथा उन परिवारों का समर्थन उनकी जीत में महत्वपूर्ण रहा, जिनके घरों में उन्होंने वर्षों तक काम किया था। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने पूरे चुनाव अभियान के दौरान उनका साथ दिया और उन्हें निरंतर प्रोत्साहित किया।
माझी ने कहा कि लोगों के घरों में काम करने के अनुभव ने उन्हें गरीब और वंचित वर्गों की समस्याओं को निकट से समझने का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के संघर्षों को बहुत करीब से देखा है और इसी कारण उनकी प्राथमिकता बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल सुविधाएं और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने युवाओं के लिए रोजगार सृजन तथा महिलाओं के कल्याण और सुरक्षा को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। माझी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान लोगों ने रोजगार, महिला सुरक्षा और सामाजिक कल्याण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था और वह इन क्षेत्रों में ठोस कार्य करना चाहती हैं।
मंत्री बनने के बाद पूरे बंगाल की जिम्मेदारी कंधो पर
मंत्री के रूप में अपनी नई जिम्मेदारियों के बारे में उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए उनका ध्यान मुख्य रूप से अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर केंद्रित था, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी पूरे पश्चिम बंगाल के प्रति है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुसार कार्य करेंगी। माझी ने यह भी कहा कि पद और जिम्मेदारी बढ़ने के बावजूद उनके जीवन मूल्यों में कोई बदलाव नहीं आएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भविष्य में भी इसी प्रकार बनी रहेगी और वह समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।