सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   government has issued rules for artificially generated content

AI: अब एआई-जनित सामग्री की देनी होगी स्पष्ट जानकारी, सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए जारी किया आदेश

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 10 Feb 2026 05:10 PM IST
विज्ञापन
सार

AI: सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के के लिए आदेश जारी किया कि वे एआई-जनित सामग्री पर स्पष्ट रूप से लेबल लगाएं, गैरकानूनी, यौन शोषण वाली या धोखाधड़ी वाली एआई सामग्री रोकने में मदद मिल सके। पढ़ें रिपोर्ट-

government has issued rules for artificially generated content
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विज्ञापन

विस्तार

केंद्र सरकार ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि ये प्लेटफॉर्म एआई-जनित सामग्री पर स्पष्ट रूप से लेबल (वाटरमार्क) लगाएं। ऐसी सामग्री में पहचान के लिए संकेत जरूर होने चाहिए। सरकार ने कहा कि एक बार एआई लेबल या मेटा डाटा लगाने के बाद उसे हटाया या दबाया नहीं जा सकता।
Trending Videos


सरकार ने कहा कि अब मानव निर्मित या कृत्रिम रूप से बनाई गई जानकारी को स्पष्ट रूप से पहचान योग्य लेबल (वाटरमार्क) के साथ दिखाना अनिवार्य होगा। इसमें ऑडियो, वीडियो, फोटो या ग्राफिक सहित किसी भी डिजिटल सामग्री को शामिल किया गया है, जिसे कंप्यूटर या किसी संसाधन से बनाया गया, संशोधित किया गया या बदला गया हो।
विज्ञापन
विज्ञापन


सामग्री के गैरकानूनी इस्तेमाल पर रोक सुनिश्चित करें प्लेटफॉर्म
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी यूजर ऐसी सामग्री का गलत इस्तेमाल न करे। अगर कोई यूजर गैरकानूनी, अश्लील, धोखाधड़ी या बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री बनाए या साझा करे, तो प्लेटफॉर्म्स उसे रोकने के लिए स्वचालित (ऑटोमेटेड) तकनीक का इस्तेमाल करेंगे।
 


ये भी पढ़ें: मेघालय में आयोजित हुआ से की पूर्वी कमान का अलंकरण समारोह, जवानों को प्रदान किए गए वीरता पुरस्कार

हर तीन महीने में यूजर के लिए जारी करनी होगी चेतावनी
प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स को कम से कम हर तीन महीने में चेतावनी देनी होगी कि नियमों का उल्लंघन करने पर दंड या सजा हो सकती है। यदि कोई नियम तोड़े, तो उसका खाता निलंबित किया जा सकता है या सामग्री को हटाया जा सकता है।

नियमों के उल्लंघन पर तीन घंटे में सूचना देना अनिवार्य
सरकार ने कार्रवाई की समयसीमा भी घटा दी है। पहले 36 घंटे में कार्रवाई करनी थी, अब तीन घंटे में सूचना देना अनिवार्य है। उल्लंघन होने पर प्लेटफॉर्म्स को तुरंत उचित कार्रवाई करनी होगी। यह कदम डिजिटल मीडिया में सुरक्षा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इससे यूजर्स को यह पता चलेगा कि कौन-सी जानकारी वास्तविक है और कौन-सी कृत्रिम रूप से बनाई गई है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed