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क्या संसद में खत्म होगा गतिरोध?: अमित शाह पेश करेंगे FCRA बिल, नीट आंदोलन में बल प्रयोग पर दे सकते हैं बयान
Fri, 07 Aug 2026 04:01 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Fri, 07 Aug 2026 04:01 AM IST
सार
महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने की कोशिश कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस सिलसिले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लगातार संपर्क किया है। सूत्रों के अनुसार, अगर सहमति बनती है तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर संसद में बयान दे सकते हैं, जिससे गतिरोध समाप्त होने की संभावना है।
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संसद में अमित शाह दे सकते हैं बयान
- फोटो : ANI-अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मौजूदा मानसून सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन बिल को पारित कराने के लिए केंद्र सरकार अपनी अंतिम कोशिशों में जुट गई है। संसद में जारी गतिरोध खत्म करने के लिए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने तीन दिन में तीसरी बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बात कर मनाने का प्रयास किया।
सूत्रों के अनुसार, नीट पेपर लीक आंदोलन में बल प्रयोग पर गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान दे सकते हैं, जिसके बाद गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। हालांकि, राहुल ने पुरानी शर्तों को दोहराते हुए इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की सलाह दी है। वहीं, राज्यसभा के सभापति ने भी रिजिजू से गतिरोध तोड़ने के लिए विपक्ष की भावनाएं शाह तक पहुंचाने को कहा है।
एफसीआरए बिल शाह पेश करेंगे
परिसीमन-महिला आरक्षण पर सहमति बनने पर अमित शाह आंदोलनकारियों पर हुए बल प्रयोग पर संसद में बयान दे सकते हैं। शाह ही एफसीआरए बिल पेश करेंगे। इससे सदन में आने और नीट मामले में बयान देने की विपक्ष की मांग भी पूरी हो जाएगी। माना जा रहा है कि इससे गतिरोध टूटेगा और परिसीमन की राह निकलेगी।
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संसद में गतिरोध खत्म करने की कवायद
सरकार की रणनीति : विपक्ष राजी तो विशेष सत्र
विपक्ष अगर गतिरोध तोड़ने पर राजी हो जाता है, तो सरकार की रणनीति मानसून सत्र का कार्यकाल बढ़ाने या स्वतंत्रता दिवस के तत्काल बाद विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन व महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने की है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए जरूरी दो तिहाई सांसदों के समर्थन का रोडमैप तैयार है। डीएमके और एनसीपी (एसपी) ने सरकार को सकारात्मक संदेश दिया है। तमिलनाडु के सीएम विजय ने परिसीमन और इसके प्रभाव पर चर्चा के लिए आठ अगस्त को राज्य के सभी सांसदों की बैठक बुलाई है।
क्यों जल्दबाजी कर रही सरकार?
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सूत्रों के अनुसार, नीट पेपर लीक आंदोलन में बल प्रयोग पर गृह मंत्री अमित शाह संसद में बयान दे सकते हैं, जिसके बाद गतिरोध खत्म होने की उम्मीद है। हालांकि, राहुल ने पुरानी शर्तों को दोहराते हुए इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की सलाह दी है। वहीं, राज्यसभा के सभापति ने भी रिजिजू से गतिरोध तोड़ने के लिए विपक्ष की भावनाएं शाह तक पहुंचाने को कहा है।
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एफसीआरए बिल शाह पेश करेंगे
परिसीमन-महिला आरक्षण पर सहमति बनने पर अमित शाह आंदोलनकारियों पर हुए बल प्रयोग पर संसद में बयान दे सकते हैं। शाह ही एफसीआरए बिल पेश करेंगे। इससे सदन में आने और नीट मामले में बयान देने की विपक्ष की मांग भी पूरी हो जाएगी। माना जा रहा है कि इससे गतिरोध टूटेगा और परिसीमन की राह निकलेगी।
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संसद में गतिरोध खत्म करने की कवायद
- सूत्रों के मुताबिक, रिजिजू ने राहुल से फोन कॉल में परिसीमन पर कांग्रेस का समर्थन मांगा और कहा कि महिला आरक्षण का रास्ता साफ नहीं होने पर आधी आबादी में गलत संदेश जाएगा। यह भी कहा कि हम वैचारिक विरोधी हैं, दुश्मन नहीं। ऐसे में गतिरोध को खत्म करना चाहिए।
- राहुल ने सदन में गृह मंत्री शाह के बयान व राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चर्चा की पुरानी शर्त दोहराई। एफसीआरए पर भी राय रखी। परिसीमन से जुड़े बिल पर सर्वदलीय बैठक बुलाने को भी कहा।
सरकार की रणनीति : विपक्ष राजी तो विशेष सत्र
विपक्ष अगर गतिरोध तोड़ने पर राजी हो जाता है, तो सरकार की रणनीति मानसून सत्र का कार्यकाल बढ़ाने या स्वतंत्रता दिवस के तत्काल बाद विशेष सत्र बुलाकर परिसीमन व महिला आरक्षण का रास्ता साफ करने की है। सरकार के सूत्रों का कहना है कि इसके लिए जरूरी दो तिहाई सांसदों के समर्थन का रोडमैप तैयार है। डीएमके और एनसीपी (एसपी) ने सरकार को सकारात्मक संदेश दिया है। तमिलनाडु के सीएम विजय ने परिसीमन और इसके प्रभाव पर चर्चा के लिए आठ अगस्त को राज्य के सभी सांसदों की बैठक बुलाई है।
क्यों जल्दबाजी कर रही सरकार?
- परिसीमन में लोकसभा व विधानसभा की सीटों में 50% की बढ़ोतरी होगी। आयोग के गठन में देरी हुई, तो 2029 तक महिला आरक्षण का रास्ता साफ नहीं हो पाएगा। आयोग को रिपोर्ट देने में दो-तीन साल का समय लग सकते हैं।
- माना जा रहा है कि इसी वजह से रिजिजू ने राहुल से पहले मंगलवार को फोन पर बात की। फिर बुधवार को 50 मिनट लंबी बैठक की। बृहस्पतिवार को रिजिजू ने फिर से फोन पर राहुल से बात की। उन्होंने संसद में जारी गतिरोध खत्म करने के साथ महिला आरक्षण व परिसीमन बिल पर चर्चा की।