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Parliament: राहुल के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी सरकार, शाम 5 बजे तक मांगा जवाब; गलत बयानी के आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 11 Feb 2026 03:40 PM IST
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सार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने और निराधार आरोप लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। रिजिजू के मुताबिक, संसद में किसी भी गंभीर आरोप के लिए नियमों और प्रमाणों का पालन अनिवार्य है।

Government to move breach of privilege motion against Rahul Gandhi, accused of misrepresentation in Parliament
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज भी गलतबयानी कर सदन को गुमराह किया है, इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही संचालन और आचरण से जुड़े स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले विधिवत नोटिस देना होता है और ठोस प्रस्ताव लाना पड़ता है।

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संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई
उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना और प्रमाण के इस तरह के आरोप लगाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। रिजिजू के अनुसार, सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सदन के भीतर उन्होंने स्वयं राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों और आरोपों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।
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संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण पद पर आसीन व्यक्ति अपेक्षित गंभीरता और आचरण नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने निर्णय लिया है कि सदन के बाहर राहुल गांधी के बयानों का राजनीतिक जवाब दिया जाएगा, जबकि सदन के भीतर संसदीय नियमों के तहत औपचारिक नोटिस दिया जाएगा। रिजिजू ने बताया कि स्पीकर को पहला नोटिस सौंपा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने अपने बयानों को प्रमाणित करने का आश्वासन दिया है, लेकिन उनके अनुसार यह संभव नहीं होगा क्योंकि जो बातें सदन में कही गईं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि सदन के भीतर गलत जानकारी दी गई।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी बोला हमला
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे सदन के नियमों और परंपराओं को समझें। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि संसद कोई ऐसा मंच नहीं है जहां निराधार या अप्रमाणित दावे किए जाएं। उन्होंने कहा कि सदन में बोले गए हर शब्द का संवैधानिक महत्व होता है और उसे तथ्यों, रिकॉर्ड और जवाबदेही के साथ रखा जाना चाहिए।

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आरोप लगाएं तो दस्तावेज भी रखें
प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे किसी पर आरोप लगाना चाहते हैं, तो उचित दस्तावेज सदन की मेज पर रखें। उन्होंने कहा अगर आप कोई भी आरोप लगाते हैं तो प्रमाणित रिकॉर्ड पेश करें। अपने दावों पर हस्ताक्षर करें और हर शब्द की जिम्मेदारी लें। केवल बार-बार दोहराने से कोई बात सच नहीं हो जाती। उनका यह बयान संसद में हालिया आरोप-प्रत्यारोप के बीच आया है, जिसने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है।

चेयर का सम्मान करने की नसीहत
जोशी ने यह भी कहा कि सदन की अध्यक्षता करने वाले व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा क्यों न रहा हो। राहुल गांधी द्वारा चेयर को पूर्व कांग्रेस व्यक्ति कहे जाने पर उन्होंने इसे सीधे तौर पर चेयर पर हमला बताया। चेयर की गरिमा पर सवाल उठाना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।

सदन की गरिमा से समझौता नहीं होगा
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सदन के सदस्यों पर अक्सर बिना प्रमाण के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने इसे गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार देते हुए कहा कि राजनीतिक नाटकीयता के लिए संसद की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा। जोशी ने दो टूक कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार है, लेकिन वह तथ्यों और नियमों के दायरे में होना चाहिए।

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