{"_id":"69aa974c42650aec8c08e178","slug":"governor-reshuffle-controversy-rn-ravi-west-bengal-tmc-criticises-centre-federalism-row-india-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Bengal: राज्यपालों के फेरबदल पर तृणमूल कांग्रेस का सरकार पर हमला, कहा- राजभवन बन गए हैं भाजपा के वॉर रूम","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
West Bengal: राज्यपालों के फेरबदल पर तृणमूल कांग्रेस का सरकार पर हमला, कहा- राजभवन बन गए हैं भाजपा के वॉर रूम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:29 PM IST
विज्ञापन
सार
तृणमूल कांग्रेस ने कई राज्यों में गवर्नरों के हालिया फेरबदल को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी का आरोप है कि यह कदम संवैधानिक संघवाद की भावना के खिलाफ है। पश्चिम बंगाल में आर एन रवि की नियुक्ति और सी वी आनंद बोस के इस्तीफे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
टीएमसी नेता का नोटों के बंडल के साथ वीडियो पर बवाल
- फोटो : ANI
विज्ञापन
विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कई राज्यों में राज्यपालों के फेरबदल को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि यह फेरबदल मोदी सरकार के संवैधानिक संघवाद के प्रति अनादर को दर्शाता है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राजभवनों को भाजपा के वॉर रूम में बदल दिया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार देर रात कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल बदल दिए। इस बड़े फेरबदल के तहत आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने सी.वी. आनंद बोस की जगह ली है। आनंद बोस ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति में राज्य सरकारों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने सरकारिया और पुंछी कमीशन की सिफारिशों का हवाला दिया। रॉय के मुताबिक, इन रिपोर्टों में साफ कहा गया है कि राज्यपाल चुनने के लिए एक पैनल बनना चाहिए। साथ ही संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री से सलाह लेना जरूरी है। राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लिए बिना पूछे नया राज्यपाल चुनना गलत है।
ये भी पढ़ें: Bengal Governor Resignation: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने इस्तीफा दिया, विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से ठीक पहले आनंद बोस का इस्तीफा चर्चा का विषय बन गया है। बोस ने फोन पर बताया कि वह साढ़े तीन साल से बंगाल के राज्यपाल थे और अब उनके लिए इतना समय काफी है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में राजनीतिक फायदे के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने बोस पर दबाव डाला होगा।
आर.एन. रवि इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल थे। वहां उनका मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार के साथ अक्सर विवाद रहता था। अब रवि के बंगाल आने के बाद केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
पुंछी कमीशन ने 2010 में सुझाव दिया था कि राज्यपाल की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री को भी शामिल करना चाहिए। वहीं, सरकारिया कमीशन ने भी मुख्यमंत्री से सलाह लेने की बात कही थी। टीएमसी का कहना है कि केंद्र सरकार इन सभी लोकतांत्रिक नियमों को ताक पर रख रही है। पार्टी ने साफ किया कि राज्यों के अधिकारों को नजरअंदाज करना संविधान का अपमान है।
अन्य वीडियो-
Trending Videos
यह विवाद तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार देर रात कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल बदल दिए। इस बड़े फेरबदल के तहत आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है। उन्होंने सी.वी. आनंद बोस की जगह ली है। आनंद बोस ने गुरुवार को अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
टीएमसी नेता सुखेंदु शेखर रॉय ने कहा कि राज्यपालों की नियुक्ति में राज्य सरकारों को शामिल करना चाहिए। उन्होंने सरकारिया और पुंछी कमीशन की सिफारिशों का हवाला दिया। रॉय के मुताबिक, इन रिपोर्टों में साफ कहा गया है कि राज्यपाल चुनने के लिए एक पैनल बनना चाहिए। साथ ही संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री से सलाह लेना जरूरी है। राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने भी इसे लोकतंत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल के लिए बिना पूछे नया राज्यपाल चुनना गलत है।
ये भी पढ़ें: Bengal Governor Resignation: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने इस्तीफा दिया, विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से ठीक पहले आनंद बोस का इस्तीफा चर्चा का विषय बन गया है। बोस ने फोन पर बताया कि वह साढ़े तीन साल से बंगाल के राज्यपाल थे और अब उनके लिए इतना समय काफी है। हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव में राजनीतिक फायदे के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने बोस पर दबाव डाला होगा।
आर.एन. रवि इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल थे। वहां उनका मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सरकार के साथ अक्सर विवाद रहता था। अब रवि के बंगाल आने के बाद केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर तमिलनाडु का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
पुंछी कमीशन ने 2010 में सुझाव दिया था कि राज्यपाल की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री को भी शामिल करना चाहिए। वहीं, सरकारिया कमीशन ने भी मुख्यमंत्री से सलाह लेने की बात कही थी। टीएमसी का कहना है कि केंद्र सरकार इन सभी लोकतांत्रिक नियमों को ताक पर रख रही है। पार्टी ने साफ किया कि राज्यों के अधिकारों को नजरअंदाज करना संविधान का अपमान है।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
कमेंट
कमेंट X