पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
फ्री ई-पेपर
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Gujarat High Court Order 2008 Ahmedabad Serial Blasts No relief death sentenced and life imprisonment convicts

2008 Ahmedabad Serial Blast: 38 दोषियों को सजा-ए-मौत और 11 को उम्रकैद से राहत नहीं, हाईकोर्ट ने क्या कहा?

Tue, 07 Jul 2026 12:13 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 07 Jul 2026 12:13 PM IST
सार

गुजरात उच्च न्यायालय ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में 38 दोषियों की मौत की सजा को बरकरार रखा है। अदालत में इस मामले के 11 अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा से राहत देने से भी इनकार कर दिया।

विज्ञापन
Gujarat High Court Order 2008 Ahmedabad Serial Blasts No relief death sentenced and life imprisonment convicts
बड़ी खबर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात उच्च न्यायालय ने मंगलवार को 2008 के सीरियल ब्लास्ट मामले में विशेष अदालत के फैसले को बरकरार रखा। इस मामले में 56 लोग मारे गए थे और 246 घायल हुए थे। उच्च न्यायालय ने 38 दोषियों की मौत की सजा और 11 अन्य को आजीवन कारावास की सजा में राहत देने से इनकार कर दिया।

विज्ञापन


अदालत ने राज्य सरकार को पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आदेश दिया। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 5 लाख रुपये और सामान्य रूप से घायलों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे। यह भुगतान 31 मार्च, 2027 तक किया जाना अनिवार्य है।
विज्ञापन


धमाका कब हुआ, जांच में क्या साबित हुआ?
26 जुलाई, 2008 को अहमदाबाद शहर में कई ब्लास्ट हुए थे। इसके दो दिन बाद सूरत में भी बम मिले थे। शहर की क्राइम ब्रांच की जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया था। कुल 78 लोगों पर मुकदमा चलाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेष अदालत के फैसले में क्या?
फरवरी 2022 में, एक विशेष अदालत ने 49 लोगों को दोषी पाया था। वहीं, 28 अन्य को बरी कर दिया गया था। बरी किए गए लोगों में मुबीन शेख और मंसूर पीरभॉय शामिल थे। इन पर साजिश रचने और धमकी भरे ईमेल भेजने का आरोप था। उन्होंने आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। ट्रायल कोर्ट ने एक अप्रूवर को माफ कर दिया था। चार अन्य अप्रूवर, जिन्होंने बाद में अपने बयान वापस ले लिए थे, उन्हें दोषी ठहराया गया।

18 पहले हुए हमलों का मकसद क्या था?
2008 के ब्लास्ट अस्पतालों पर पहला हमला थे। आरोपियों द्वारा भेजे गए ईमेल में दावा किया गया था कि यह 2002 के गोधरा-बाद के गुजरात हिंसा का बदला था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed