राम मंदिर दान विवाद: महाराष्ट्र में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन आज से शुरू, कहा- भक्तों की आस्था से हुआ खिलवाड़
अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित अनियमितताओं को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस मंगलवार से राज्यव्यापी सत्याग्रह शुरू करेगी। नासिक के कालाराम मंदिर से इसकी शुरुआत होगी। कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर आस्था से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अयोध्या राम मंदिर में दान की कथित अनियमितताओं को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस मंगलवार से राज्यव्यापी सत्याग्रह शुरू करेगी। नासिक के कालाराम मंदिर से इसकी शुरुआत होगी। कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर आस्था से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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महाराष्ट्र कांग्रेस अयोध्या राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के विरोध में भाजपा और आरएसएस के खिलाफ मंगलवार से राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी। राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने सोमवार को कहा था, 'राम भक्तों ने अयोध्या में भगवान राम मंदिर को सोने और चांदी के आभूषणों के साथ लाखों रुपये दान किए हैं।'
कांग्रेस नेता ने क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए दान को लूटा गया है। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और आरएसएस की भी कड़ी आलोचना की। कांग्रेस नेता ने कहा, 'यह केवल धन या दान की लूट नहीं है, बल्कि लाखों भक्तों की आस्था के विरुद्ध श्री राम के नाम पर की गई लूट है।'
विरोध प्रदर्शन कहां से शुरू होगा?
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी सजा की मांग करेगी। वहीं, आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ने भगवान राम का अपमान किया है। उन्होंने आगे कहा कि विरोध प्रदर्शन मंगलवार को सुबह 11 बजे नासिक के ऐतिहासिक कालाराम मंदिर में आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा।
इसके बाद, 9 से 14 जुलाई तक राज्यव्यापी 'रघुपति राघव राजा राम' सत्याग्रह सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा। सपकाल ने बताया कि सत्याग्रह जिला मुख्यालयों में स्थित स्थानीय राम, शिव या हनुमान मंदिरों में आयोजित किया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान क्या होगा?
विरोध प्रदर्शन के दौरान, सपकाल ने कहा कि देवता से प्रार्थना की जाएगी कि वे 'मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के नाम पर धन हड़पने वाले धोखेबाज लोगों को विवेक और समझदारी प्रदान करें'। कांग्रेस पार्टी की यह घोषणा शिवसेना (यूबीटी) द्वारा 5 जुलाई को अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और दान के गबन के विरोध में राज्यव्यापी "राम रक्षा आंदोलन" शुरू करने के एक दिन बाद आई है।
शिवसेना यूबीटी ने कहां ेसे शुरू किया आंदोलन
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में आंदोलन की शुरुआत की, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और अयोध्या से आए साधुओं के एक समूह के साथ राम रक्षा महा आरती का नेतृत्व किया। यह विरोध प्रदर्शन राम रक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा के एक साथ पाठ पर केंद्रित था, जिसे पार्टी विभिन्न जिलों में दोहराने का इरादा रखती है।
आंदोलन में क्या मांग की?
यूबीटी के प्रमुख प्रवक्ताओं और नेताओं ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की। इसके साथ ही जोर देकर कहा कि पवित्र निधियों पर मानक प्रशासनिक जवाबदेही लागू की जानी चाहिए। उद्धव ठाकरे और सांसद संजय राउत ने सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ तीखा हमला बोला।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
राउत ने विशिष्ट आरोप लगाते हुए दावा किया कि नकदी के अलावा, भक्तों द्वारा माता सीता को अर्पित किए गए बहुमूल्य सोने के आभूषण, एक स्वर्ण रामचरितमानस और एक स्वर्ण मंगलसूत्र भी गायब हो गए हैं। ठाकरे ने जनता को मूल राम जन्मभूमि आंदोलन में शिवसेना के इतिहास की याद दिलाते हुए कहा, 'हम कट्टर और देशभक्त हिंदू हैं। हिंदू निर्दोष हैं, लेकिन मूर्ख नहीं हैं। अगर कोई हमारी आस्था का फायदा उठाकर मंदिर लूटता है, तो हिंदू उसे माफ नहीं करेंगे।'