Gurdaspur Killings: क्या पंजाब को अशांत करने की रची जा रही साजिश? गुरदासपुर हमले के बाद अलर्ट पर खुफिया एजेंसी
गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद टीटीएच नाम के संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली है। एजेंसियां इसे बड़ी साजिश मान रही हैं। आईएसआई पर खालिस्तान आंदोलन को फिर से हवा देने का शक है। ऐसे में सवाल उठता है क्या पंजाब में हिंसा का नया दौर शुरू होने वाला है? फिलहाल एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
विस्तार
पंजाब में गुरदासपुर बॉर्डर चौकी पर दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। एक कम-ज्ञात संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान यानी टीटीएच ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ एक हमला है या पंजाब को अस्थिर करने की बड़ी साजिश की शुरुआत। खुफिया एजेंसियां इसे टैक्टिकल एस्केलेशन यानी सोची-समझी बढ़ोतरी की रणनीति मान रही हैं।
22 फरवरी को भारत-पाकिस्तान सीमा के पास गुरदासपुर की एक चौकी पर ड्यूटी दे रहे पंजाब पुलिस के एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड अशोक कुमार गोली लगने से मृत पाए गए। जांच जारी है, लेकिन टीटीएच के दावे ने मामले को जटिल बना दिया है। एजेंसियां कहती हैं कि टीटीएच कोई स्थापित संगठन नहीं है। नाम भले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी जैसा लगे, पर इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि टीटीपी और टीटीएच के बीच संबंध का कोई सबूत नहीं है।
क्या यह सोची-समझी साजिश है?
अधिकारियों के मुताबिक यह ऑपरेशन स्पष्ट रूप से भारतीय सुरक्षा तंत्र को निशाना बनाने के लिए किया गया। मौजूदा हालात में आईएसआई और टीटीपी के रिश्तों को देखते हुए यह संभावना कम बताई जा रही है कि पाकिस्तान ने सीधे टीटीपी या उसके प्रॉक्सी के जरिए यह हमला कराया हो। लेकिन एजेंसियों का मानना है कि आईएसआई पंजाब में खालिस्तान आंदोलन को फिर से जिंदा करने की कोशिश में है। ऐसे में यह हमला दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
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क्या खालिस्तानी नेटवर्क और गैंगस्टर-टेरर गठजोड़ सक्रिय है?
- खुफिया सूत्रों का कहना है कि तथाकथित टीटीएच किसी पाकिस्तानी आतंकी समूह का प्रॉक्सी हो सकता है।
- गुरदासपुर हमला किसी खालिस्तान से जुड़े समूह द्वारा भी किया गया हो सकता है।
- पंजाब पुलिस ने टीटीएच की भूमिका से इनकार किया है।
- सभी एंगल, जैसे तस्करी, सीमा-पार आतंकी कनेक्शन और निजी रंजिश, जांच में शामिल हैं।
- हाल के महीनों में अजनाला, नवांशहर, मजीठा, बटाला, अमृतसर और गुरदासपुर में विस्फोटक हमले हुए हैं।
- एनआईए गैंगस्टर-टेरर नेक्सस से जुड़े कई मामलों की जांच कर रही है।
क्या ड्रोन और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से बढ़ा खतरा?
एजेंसियों का कहना है कि आईएसआई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, विदेश-आधारित हैंडलर और गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर पंजाब में शांति भंग करने की कोशिश की है। हाल के समय में पाकिस्तान की एजेंसियों ने उन्नत ड्रोन तकनीक का उपयोग बढ़ाया है। इन ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और मादक पदार्थ पंजाब में गिराए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि ड्रोन गतिविधियों की आवृत्ति बढ़ सकती है, क्योंकि आईएसआई बड़े स्तर पर खालिस्तान आंदोलन को हवा देने की जल्दी में है।
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क्या गुरदासपुर हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था?
सूत्रों के मुताबिक यह हमला बेहद सुनियोजित था। जिस पोस्ट पर हमला हुआ, वहां आम तौर पर दो स्थानीय पुलिसकर्मी और दो बीएसएफ जवान तैनात रहते हैं। घटना वाले दिन अमृतसर के पास विभागीय कार्यक्रम के कारण बीएसएफ जवान मौजूद नहीं थे। हमलावरों को यह जानकारी थी। पोस्ट पर सीसीटीवी कवरेज भी नहीं था। इससे स्पष्ट है कि हमलावरों ने पहले से रेकी की थी। एजेंसियां चेतावनी दे रही हैं कि सुरक्षा बलों को आगे भी निशाना बनाया जा सकता है। पंजाब में उभरता पैटर्न बताता है कि यह कोई अलग-थलग घटना नहीं, बल्कि व्यापक रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
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