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Hindi-Marathi Row: 'संभाजी महाराज ने सीखी थीं 16 भाषाएं', ठाकरे बंधुओं की रैली पर बरसे शिंदे गुट के विधायक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छत्रपति संभाजीनगर
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 06 Jul 2025 05:44 PM IST
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सार
Hindi-Marathi Row: शिवसेना शिंदे गुट के विधायक ने संभाजी महाराज को बहुभाषी विद्वान बताते हुए राज और उद्धव ठाकरे पर करारा हमला बोला है। दरअसल, एक दिन पहले ठाकरे बंधुओं ने हिंदी थोपे जाने के खिलाफ रैली की थी। जिस पर बोलते हुए संजय गायकवाड़ ने कहा – संभाजी महाराज ने 16 भाषाएं सीखी थीं। उन्होंने ये भी कहा कि भाषा के मुद्दे पर राजनीति करना गलत है।
संजय गायकवाड़, विधायक, शिवसेना
- फोटो : ANI
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विस्तार
हिंदी और मराठी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच महाराष्ट्र के बुलढाणा से एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने शनिवार को उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने छत्रपति संभाजी महाराज का उदाहरण देते हुए कहा कि क्या वे मूर्ख थे जो उन्होंने 16 भाषाएं सीखी थीं?
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राज-उद्धव की रैली पर बरसे शिवसेना विधायक
संजय गायकवाड़ ने कहा, 'छत्रपति संभाजी महाराज ने 16 भाषाओं में ज्ञान हासिल किया था। क्या वे मूर्ख थे? तारा बाई और जिजाबाई ने भी कई भाषाएं सीखी थीं, जिनमें हिंदी भी शामिल है। क्या वे भी मूर्ख थीं?' उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शनिवार को मुंबई में एक संयुक्त रैली की थी।
20 साल बाद एक साथ मंच पर आए दोनों भाई
यह दोनों ठाकरे भाइयों की 20 साल बाद पहली साझा रैली थी। इस रैली में उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकार की तरफ से लागू की गई तीन भाषा नीति और अंग्रेजी व मराठी माध्यम स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने की योजना का विरोध किया। इस रैली में दोनों भाइयों ने कहा कि वे महाराष्ट्र में हिंदी थोपने और मराठी को पीछे करने के हर प्रयास का विरोध करते रहेंगे।
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भाषा के मुद्दे पर राजनीति करना गलत- संजय
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय गायकवाड़ ने कहा, 'हमें जितनी ज्यादा भाषाएं आती हों, उतना अच्छा है। भाषा के मुद्दे पर राजनीति करना गलत है। अगर हमें आतंकवाद रोकना है तो हमें उर्दू भी सीखनी चाहिए। मैंने यह बात कई बार कही है।' इतिहासकारों के अनुसार, छत्रपति संभाजी महाराज एक अत्यंत विद्वान और बहुभाषी शासक थे। उन्हें संस्कृत, मराठी और हिंदुस्तानी समेत कई भाषाओं में गहरी पकड़ थी। उनकी रचनाएं आज भी विद्वानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। संजय गायकवाड़ का कहना है कि भाषाएं सीखना ज्ञान और समझ का प्रतीक है, न कि किसी भाषा को थोपने या विरोध करने का मुद्दा।
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राज-उद्धव की रैली पर बरसे शिवसेना विधायक
संजय गायकवाड़ ने कहा, 'छत्रपति संभाजी महाराज ने 16 भाषाओं में ज्ञान हासिल किया था। क्या वे मूर्ख थे? तारा बाई और जिजाबाई ने भी कई भाषाएं सीखी थीं, जिनमें हिंदी भी शामिल है। क्या वे भी मूर्ख थीं?' उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने शनिवार को मुंबई में एक संयुक्त रैली की थी।
20 साल बाद एक साथ मंच पर आए दोनों भाई
यह दोनों ठाकरे भाइयों की 20 साल बाद पहली साझा रैली थी। इस रैली में उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकार की तरफ से लागू की गई तीन भाषा नीति और अंग्रेजी व मराठी माध्यम स्कूलों में पहली कक्षा से हिंदी पढ़ाने की योजना का विरोध किया। इस रैली में दोनों भाइयों ने कहा कि वे महाराष्ट्र में हिंदी थोपने और मराठी को पीछे करने के हर प्रयास का विरोध करते रहेंगे।
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भाषा के मुद्दे पर राजनीति करना गलत- संजय
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय गायकवाड़ ने कहा, 'हमें जितनी ज्यादा भाषाएं आती हों, उतना अच्छा है। भाषा के मुद्दे पर राजनीति करना गलत है। अगर हमें आतंकवाद रोकना है तो हमें उर्दू भी सीखनी चाहिए। मैंने यह बात कई बार कही है।' इतिहासकारों के अनुसार, छत्रपति संभाजी महाराज एक अत्यंत विद्वान और बहुभाषी शासक थे। उन्हें संस्कृत, मराठी और हिंदुस्तानी समेत कई भाषाओं में गहरी पकड़ थी। उनकी रचनाएं आज भी विद्वानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। संजय गायकवाड़ का कहना है कि भाषाएं सीखना ज्ञान और समझ का प्रतीक है, न कि किसी भाषा को थोपने या विरोध करने का मुद्दा।
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