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Amit Shah: 'शिवसेना-शिंदे गुट कहने का दौर खत्म', अंबाबाई कॉरिडोर के मंच से शाह बोले- अब सिर्फ एक ही शिवसेना

Sat, 20 Jun 2026 01:47 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 20 Jun 2026 01:47 PM IST
सार

Amit Shah Rally: कोल्हापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब 'शिवसेना-शिंदे गुट' जैसा कोई अस्तित्व नहीं है और केवल एक ही शिवसेना है। उन्होंने अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना, राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। शाह ने कहा कि देश में विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा रहा है। आइए, विस्तार से जानते हैं उन्होनें रैली में और क्या कुछ कहा...
 

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HM Amit Shah at rally in Kolhapur says There is only one Shiv Sena, which is headed by Eknath Shinde
अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना की पहचान और नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। कोल्हापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पहले लोगों को एकनाथ शिंदे का नाम लेते समय 'शिवसेना-शिंदे गुट' कहना पड़ता था, लेकिन अब कोई गुट नहीं बचा है और केवल एक ही शिवसेना है। अमित शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं और शिवसेना की विरासत को लेकर सियासी चर्चा जारी है। शाह ने अपने भाषण में महाराष्ट्र सरकार के विकास कार्यों और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को भी प्रमुखता से रखा।
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अमित शाह ने शिवसेना को लेकर क्या कहा?

कोल्हापुर की जनसभा में अमित शाह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले दल को 'शिवसेना-शिंदे गुट' के नाम से जाना जाता था। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और केवल एक शिवसेना ही अस्तित्व में है। उनके इस बयान को महाराष्ट्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शाह ने सीधे तौर पर यह संदेश देने की कोशिश की कि शिवसेना को लेकर जो भ्रम या विभाजन की चर्चा थी, वह अब समाप्त हो चुकी है। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति और गठबंधन की मजबूती के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
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अंबाबाई कॉरिडोर परियोजना को लेकर क्या घोषणा हुई?

अमित शाह ने अपने संबोधन में कोल्हापुर स्थित माता अंबाबाई मंदिर के जीर्णोद्धार और कॉरिडोर निर्माण कार्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। शाह के अनुसार, अंबाबाई कॉरिडोर परियोजना पर करीब 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे लाखों श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। शाह ने इसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

मोदी सरकार के 12 वर्षों को लेकर शाह ने क्या कहा?

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में ऐसे कई काम हुए हैं जिन्हें कभी असंभव माना जाता था। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले लोग मानते थे कि उनके जीवनकाल में राम मंदिर का निर्माण नहीं हो पाएगा। शाह ने कहा कि 2014 में भाजपा सरकार बनने और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। उन्होंने इसे देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।

सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों पर क्या बोले अमित शाह?

अमित शाह ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के पुनर्विकास सहित कई धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया गया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का स्वर्ण निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है और मां कामाख्या कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है। शाह ने कहा कि अब अंबाबाई कॉरिडोर भी उसी श्रृंखला का हिस्सा बनने जा रहा है। उनके अनुसार, 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ देशभर में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास का काम किया जा रहा है।

विकसित भारत और भाजपा के विस्तार पर क्या कहा?

अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत का इतिहास जब भी लिखा जाएगा, तब इन वर्षों को विकसित भारत, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा के लिए याद किया जाएगा। शाह ने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विकास और सांस्कृतिक विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास जारी रहेगा।

 
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