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'देश चलाना है तो कानून भी बनेंगे': संसद में प्रदर्शन पर सख्त रिजिजू; बोले- 'पूरा समय दिया, अब शिकायत क्यों?

Fri, 31 Jul 2026 06:07 PM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 31 Jul 2026 06:07 PM IST
सार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में विपक्ष के हंगामे, बिना चर्चा के विधेयक पारित होने के आरोप, सांसद पप्पू यादव के विरोध के तरीके और लगातार चुनाव हारने वाली पार्टियों की राजनीति पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाकर जरूरी विधेयकों और राष्ट्रीय महत्व के कार्यों को पूरा करना है।

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If country run laws will be made Rijiju firm on protests in Parliament asks Ample time given why complain now
किरेन रिजिजू - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया है जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बिना चर्चा किए नए बिलों को संसद से पास करा दिया। विपक्ष के इन आरोपों का जवाब देते हुए रिजिजू ने कहा कि ऐसे आरोप कोई नई बात नहीं हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार इस तरह के आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता सूचीबद्ध विधेयकों को पारित कराना और संसद के तय कामकाज को पूरा करना है। आखिर देश को आगे बढ़ाने के लिए कानून बनाने पड़ते हैं। 

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संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा?
संसद को बजट और अन्य महत्वपूर्ण मामलों को भी मंजूरी देनी होती है। अगर लगातार हंगामे के कारण सरकार जरूरी विधेयक भी पारित नहीं करा पाए, तो फिर संसद चलाने का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा? उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पारित कराती रहेगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि विपक्ष बाद में यह आरोप न लगाए कि बिना चर्चा के बिल पारित किए गए, क्योंकि चर्चा के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।
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क्या संसद वेशभूषा बदलने की जगह है?
सांसद पप्पू यादव के विरोध-प्रदर्शन के तरीके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि लोकसभा स्पीकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि संसद वेशभूषा बदलकर प्रदर्शन करने का मंच नहीं है। उन्होंने कहा कि सांसदों को अपनी गरिमा और गंभीरता बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई सांसद है, तो उसका व्यवहार भी उसी गरिमा के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद नाटकबाजी की जगह नहीं है और स्पीकर इस बारे में पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं, इसलिए उन्हें इसे दोहराने की जरूरत नहीं है।
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बार-बार चुनाव हारने वाली पार्टियां संसद में बाधा डाल रही हैं?
रिजिजू ने कहा कि उनका मानना है कि जो राजनीतिक दल लगातार चुनाव हार रहे हैं, उन्हें दूसरों या छात्रों के मुद्दों को ढाल बनाकर संसद की कार्यवाही बाधित नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई दल ईमानदारी से मेहनत करेगा, तो जनता निश्चित रूप से उसका समर्थन करेगी। लेकिन मेहनत करने के बजाय इस तरह का व्यवहार अपनाने से जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। उनके मुताबिक, ऐसी राजनीति को लोग गंभीरता से नहीं लेते।


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कौन-सा विधेयक सरकार के लिए सबसे ज्यादा अहम है?
रिजिजू ने कहा कि सरकार के लिए हर विधेयक महत्वपूर्ण है। उदाहरण के तौर पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़े विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कई महत्वपूर्ण बिल लंबित हैं, जिन्हें संसद से पारित कराना बेहद जरूरी है। इसलिए सरकार चाहती है कि सदन सुचारु रूप से चले और सभी आवश्यक विधायी कार्य समय पर पूरे हों।

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