Karnataka: 'राम मंदिर बनाने का श्रेय लिया, तो चंदा चोरी का भी लें': प्रियांक खरगे ने RSS पर क्या-क्या कहा?
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने के साथ चंदा गबन की जिम्मेदारी लेने की चुनौती दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से नीट पेपर लीक,ओएसएस अनियमितताओं और पिछले 10 वर्षों में कथित 90 पेपर लीक पर जवाब मांगा।
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने आरएसएस पर राम मंदिर निर्माण का श्रेय लेने के साथ चंदा गबन की जिम्मेदारी लेने की चुनौती दी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से नीट पेपर लीक,ओएसएस अनियमितताओं और पिछले 10 वर्षों में कथित 90 पेपर लीक पर जवाब मांगा।
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कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने राम मंदिर की स्थापना का श्रेय लिया है, तो संघ को चंदे की चोरी की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
प्रियांक खरगे ने क्या कहा?
उन्होंने कहा 'अगर आपने राम मंदिर के निर्माण का श्रेय लिया है, तो चंदा चोरी का श्रेय भी लें। पंजीकृत न होने और दक्षिणा लेने के कारण आपको इसमें से कितना मिला है? बंद कमरे में बहस करने के बजाय, सार्वजनिक रूप से सामने आएं। हमें बताएं कि चोर कौन हैं, आपको कितना मिला है, और आप और प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? एक खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस करें, मैं मोहन भगवत और बाकी सभी को चुनौती देता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी से क्या पूछा?
यह घटना राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले के बीच सामने आई है, जिसने देशव्यापी विवाद को जन्म दिया है। इसके अलावा, खरगे ने विभिन्न परीक्षाओं में जारी अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की जमकर आलोचना की। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि वे कब प्रधानमंत्री मोदी की परीक्षा पे चर्चा पहल की तरह नीट पेपर लीक पे चर्चा या ओएसएम पे चर्चा करेंगे।
पिछले 10 साल में कितने पेपर लीक हुए?
उन्होंने सवाल उठाया 'सरकार की अक्षमता के कारण लाखों छात्रों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है? धर्मेंद्र प्रधान कहां हैं? उन्होंने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? पिछले 10 वर्षों में करीब 90 पेपर लीक हुए हैं। सरकार को इसकी कोई परवाह नहीं है।
नीट पेपर लीक पर चर्चा कब?
उन्होंने आगे कहा कि क्या आप भारत के भविष्य के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं? क्या आप उस जनसंख्या के साथ ऐसा ही व्यवहार करते हैं जिसे विकसित भारत का निर्माण करना है? प्रधानमंत्री 'परीक्षा पर चर्चा' करने में इतने मशगूल हैं, तो वे 'नीट पेपर लीक पर चर्चा' कब करेंगे? 'ओएसएम पर चर्चा' कब करेंगे?'
ये टिप्पणियां ऐसे समय में आईं जब देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताएं देखी गईं, जैसे कि NEET-UG 2026 पेपर लीक, महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक, कथित पेपर लीक के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग-राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (UGC-NET) का रद्द होना, और CBSE की मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) संबंधी अनियमितताएं।