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डेल्सी रोड्रिगेज का भारत दौरा: 'भारत-वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग की मजबूत संभावनाएं', MEA ने क्या-क्या कहा?
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 04 Jun 2026 04:14 PM IST
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सार
विदेश मंत्रालय ने एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत और वेनेजुएला ने ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और निवेश समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। मंत्रालय वेनेजुएला भारत को दीर्घकालिक और भरोसेमंद ऊर्जा साझेदार मानता है, जबकि दोनों देशों ने खनन, कृषि, परिवहन और दवा उद्योग में भी नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। पढ़िए रिपोर्ट-
रुद्रेंद्र टंडन, सचिव (पूर्व), विदेश मंत्रालय
- फोटो : एक्स/विदेश मंत्रालय/स्क्रीन ग्रैब
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विस्तार
भारत और वेनेजुएला ने गुरुवार को उच्चस्तरीय वार्ता कर द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक संबंधों के विस्तार पर खास जोर दिया गया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय में आयोजित विशेष ब्रीफिंग में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज एक बड़े मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच आधिकारिक दोपहर के भोज के दौरान विस्तृत चर्चा हुई।
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टंडन ने कहा कि इस महीने वेनेजुएला भारत को कच्चा तेल आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करना था।
'भारत वेनेजुएला का भरोसेमंद उपभोक्ता'
उन्होंने कहा, भारत और वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र में एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों देश अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में मिलकर काम कर सकते हैं। वेनेजुएला भारत को आने वाले कई वर्षों तक एक भरोसेमंद और स्थिर उपभोक्ता के रूप में देखता है, जो दीर्घकालिक सहयोग का मजबूत आधार है। ऊर्जा क्षेत्र के अलावा, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग के अन्य अवसरों पर भी चर्चा की। टंडन ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध वेनेजुएला अब स्थिर आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
ये भी पढ़ें: पीएम से वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने की मुलाकात, राजघाट भी पहुंचीं
सकारात्मक माहौल में हुई दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच चर्चा
उन्होंने बताया कि ऊर्जा के अलावा खनन, पशुपालन, परिवहन, कृषि उपकरण, ऑटोमोबाइल और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि भारतीय कंपनियां इन क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी कैसे बढ़ा सकती हैं। टंडन ने वार्ता को बेहद सार्थक और कारोबारी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच सकारात्मक माहौल रहा। वेनेजुएला ने भी माना कि भारत ने अच्छे और कठिन दोनों समय में उसका साथ दिया है।
पीएम मोदी और रोड्रिगेज के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला भारत को भविष्य के लिए एक पसंदीदा साझेदार मानता है, जिससे दोनों देशों के संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है। इससे पहले, गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच व्यापक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और ऑटोमोबाइल समेत कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय में आयोजित विशेष ब्रीफिंग में सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज एक बड़े मंत्री स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच आधिकारिक दोपहर के भोज के दौरान विस्तृत चर्चा हुई।
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(पीएम मोदी के साथ वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज। फोटो स्रोत: एक्स/एमईए)
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टंडन ने कहा कि इस महीने वेनेजुएला भारत को कच्चा तेल आपूर्ति करने वाला तीसरा सबसे बड़ा देश बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि बातचीत का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच ऊर्जा साझेदारी को और मजबूत करना था।
'भारत वेनेजुएला का भरोसेमंद उपभोक्ता'
उन्होंने कहा, भारत और वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र में एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों देश अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम गतिविधियों में मिलकर काम कर सकते हैं। वेनेजुएला भारत को आने वाले कई वर्षों तक एक भरोसेमंद और स्थिर उपभोक्ता के रूप में देखता है, जो दीर्घकालिक सहयोग का मजबूत आधार है। ऊर्जा क्षेत्र के अलावा, दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग के अन्य अवसरों पर भी चर्चा की। टंडन ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध वेनेजुएला अब स्थिर आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
ये भी पढ़ें: पीएम से वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति रोड्रिगेज ने की मुलाकात, राजघाट भी पहुंचीं
सकारात्मक माहौल में हुई दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच चर्चा
उन्होंने बताया कि ऊर्जा के अलावा खनन, पशुपालन, परिवहन, कृषि उपकरण, ऑटोमोबाइल और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि भारतीय कंपनियां इन क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी कैसे बढ़ा सकती हैं। टंडन ने वार्ता को बेहद सार्थक और कारोबारी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच सकारात्मक माहौल रहा। वेनेजुएला ने भी माना कि भारत ने अच्छे और कठिन दोनों समय में उसका साथ दिया है।
पीएम मोदी और रोड्रिगेज के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वेनेजुएला भारत को भविष्य के लिए एक पसंदीदा साझेदार मानता है, जिससे दोनों देशों के संबंधों के और मजबूत होने की उम्मीद है। इससे पहले, गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच व्यापक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य सेवा और ऑटोमोबाइल समेत कई क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा की।