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India Japan Relations: भारत-जापान की नजदीकी बढ़ी, जानें क्वाड से लेकर आपूर्ति श्रृंखला तक क्या-क्या तय हुआ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Fri, 16 Jan 2026 06:31 PM IST
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सार
भारत और जापान के रिश्तों में नई ऊर्जा दिख रही है। जापान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत को इस साल की पहली विदेश यात्रा के लिए चुना गया। क्वाड, एफओआईपी, आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला जैसे अहम मुद्दों पर सहमति बनी। अगले साल दोनों देश कूटनीतिक संबंधों के 75 साल मनाएंगे। आइए जानते हैं, क्वाड से लेकर आपूर्ति श्रृंखला तक क्या-क्या तय हुआ।
तोशिहिरो कितामुरा ,विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत और जापान के रिश्तों में एक बार फिर नई गर्माहट दिखी है। जापान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा को टोक्यो ने बेहद अहम माना है। जापान का साफ संदेश है कि भारत उसके लिए केवल रणनीतिक साझेदार नहीं, बल्कि भविष्य का स्वाभाविक सहयोगी है। इसी यात्रा के दौरान दोनों देशों ने क्वाड, वैश्विक दक्षिण, आर्थिक सुरक्षा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात की।
जापान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तोशिहिरो ने कहा कि यह इस साल जापान के विदेश मंत्री की पहली विदेश यात्रा है और इसके लिए भारत को चुना गया। उनका कहना है कि जापान समान सोच वाले देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना चाहता है और भारत इस दिशा में उसका प्राकृतिक भागीदार है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ताइवान से जुड़ा मुद्दा बातचीत और संवाद से ही सुलझाया जाना चाहिए।
भारत को क्यों चुना जापान ने?
जापान का मानना है कि भारत वैश्विक दक्षिण में उसकी नीति का अहम स्तंभ है। प्रवक्ता के अनुसार, भारत के साथ मजबूत साझेदारी से पूरे क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरे में दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। खासतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और नियम आधारित व्यवस्था को लेकर दोनों की सोच काफी हद तक एक जैसी बताई गई।
ये भी पढ़ें- ईरान संकट खत्म करने की कवायद तेज? नेतन्याहू से चर्चा कर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति को मिलाया फोन
क्वाड और FOIP पर क्या सहमति बनी?
आर्थिक सुरक्षा पर नई पहल क्या होगी?
जापान और भारत ने आर्थिक सुरक्षा को लेकर नई बातचीत शुरू करने का फैसला किया है। पहली बार निजी क्षेत्र के साथ आर्थिक सुरक्षा संवाद आयोजित करने की तैयारी है। इसके साथ ही दोनों सरकारें दूसरे आर्थिक सुरक्षा संवाद की भी योजना बना रही हैं। अहम खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह बनाने पर चर्चा हुई, ताकि मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला खड़ी की जा सके। रक्षा सहयोग से जुड़े UNICORN प्रोजेक्ट को लेकर भी बातचीत शुरू हो चुकी है, हालांकि इसे अभी जमीन पर उतारना बाकी है।
75 साल के रिश्तों को कैसे मनाया जाएगा?
अगले साल भारत और जापान अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे करेंगे। दोनों देशों के नेताओं ने अगले वर्ष को औपचारिक रूप से 75वीं वर्षगांठ के तौर पर मनाने पर सहमति जताई है। इसका मकसद लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को तेज करना और रिश्तों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
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जापान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तोशिहिरो ने कहा कि यह इस साल जापान के विदेश मंत्री की पहली विदेश यात्रा है और इसके लिए भारत को चुना गया। उनका कहना है कि जापान समान सोच वाले देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना चाहता है और भारत इस दिशा में उसका प्राकृतिक भागीदार है। उन्होंने यह भी साफ किया कि ताइवान से जुड़ा मुद्दा बातचीत और संवाद से ही सुलझाया जाना चाहिए।
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भारत को क्यों चुना जापान ने?
जापान का मानना है कि भारत वैश्विक दक्षिण में उसकी नीति का अहम स्तंभ है। प्रवक्ता के अनुसार, भारत के साथ मजबूत साझेदारी से पूरे क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरे में दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा की। खासतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और नियम आधारित व्यवस्था को लेकर दोनों की सोच काफी हद तक एक जैसी बताई गई।
ये भी पढ़ें- ईरान संकट खत्म करने की कवायद तेज? नेतन्याहू से चर्चा कर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति को मिलाया फोन
क्वाड और FOIP पर क्या सहमति बनी?
- क्वाड को क्षेत्र में अमेरिका की सक्रिय भागीदारी के लिए बेहद जरूरी ढांचा माना गया।
- दोनों पक्ष क्वाड की मौजूदा पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए।
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए FOIP को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- FOIP की 10वीं वर्षगांठ के मौके पर सहयोग को ज्यादा ठोस रूप देने का फैसला हुआ।
- आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए नए रास्ते तलाशने पर सहमति बनी।
आर्थिक सुरक्षा पर नई पहल क्या होगी?
जापान और भारत ने आर्थिक सुरक्षा को लेकर नई बातचीत शुरू करने का फैसला किया है। पहली बार निजी क्षेत्र के साथ आर्थिक सुरक्षा संवाद आयोजित करने की तैयारी है। इसके साथ ही दोनों सरकारें दूसरे आर्थिक सुरक्षा संवाद की भी योजना बना रही हैं। अहम खनिजों पर संयुक्त कार्य समूह बनाने पर चर्चा हुई, ताकि मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला खड़ी की जा सके। रक्षा सहयोग से जुड़े UNICORN प्रोजेक्ट को लेकर भी बातचीत शुरू हो चुकी है, हालांकि इसे अभी जमीन पर उतारना बाकी है।
75 साल के रिश्तों को कैसे मनाया जाएगा?
अगले साल भारत और जापान अपने कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे करेंगे। दोनों देशों के नेताओं ने अगले वर्ष को औपचारिक रूप से 75वीं वर्षगांठ के तौर पर मनाने पर सहमति जताई है। इसका मकसद लोगों के बीच संपर्क बढ़ाना, सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान को तेज करना और रिश्तों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
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