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Russia: आतंक के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए, रूस में सुरक्षा सम्मेलन के दौरान बोले NSA डोभाल
Media Solutions Initiative
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 28 May 2026 07:02 PM IST
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सार
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने गुरुवार को मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।
ब्रिक्स एनएसए सम्मेलन में भाग लेते भारत के एनएसए अजीत डोभाल।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनसए) अजीत डोभाल ने गुरुवार को कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए और सभी देशों को इस खतरे के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। डोभाल ने मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के समर्थकों, वित्तपोषकों और उसे बढ़ावा देने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता और इस मुद्दे पर चयन कर के कार्रवाई करने का रवैया वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरनाक है। डोभाल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ साझा और समन्वित रणनीति अपनाने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता और इस मुद्दे पर चयन कर के कार्रवाई करने का रवैया वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरनाक है। डोभाल ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ साझा और समन्वित रणनीति अपनाने की जरूरत है।
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एनएसए डोभाल ने साइबर सुरक्षा, कट्टरपंथ और उभरते सुरक्षा खतरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन अपने नेटवर्क फैलाने और युवाओं को प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं, जिससे देशों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। डोभाल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत लगातार सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी ढांचे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सख्त रुख अपनाने की वकालत करता रहा है।
इस मंच में अलग-अलग देशों के सुरक्षा सलाहकारों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और बहुपक्षीय समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
इस मंच में अलग-अलग देशों के सुरक्षा सलाहकारों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और बहुपक्षीय समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।