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India Pakistan Border: सीमावर्ती इलाकों में डीएम और एसपी होंगे सक्रिय, घुसपैठिये-ड्रोन-नार्को की पहचान करेंगे
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 30 May 2026 04:23 PM IST
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सार
देश में जनसांख्यिकी बदलाव को लेकर सरकार सख्त है। शनिवार को गुजरात के भुज में केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमा सुरक्षा को लेकर समीक्षा बैठक की, जिसमें सीमावर्ती इलाकों में डीएम और एसपी को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के भुज में भारत-पाकिस्तान सीमा (आईपीबी) से लगे क्षेत्रों एवं तटीय जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी विषयों पर समीक्षा बैठक की है। इनमें उन्होंने कई अहम बातें कही हैं। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में डीएम और एसपी की सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका पर बल दिया है। वे अपने क्षेत्र में घुसपैठिये-ड्रोन-नार्को की पहचान करना सुनिश्चित करेंगे। हर जिले में एक सुरक्षा समन्वय समूह बनाया जाए, जिसमें बीएसएफ, तटरक्षक, इनकम टैक्स, ईडी और लीड बैंक के मैनेजर को शामिल किया जाए।
गुजरात में घुसपैठ बंद हुई
शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। राज्य में घुसपैठ तथा बॉर्डर पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखकर उसे समाप्त किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथ के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
डीएम को जनसांख्यिकी बदलाव की सख्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश
सीमावर्ती जिलों में डीएम को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त मॉनिटरिंग एवं नियमित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने के कारण हो रहा रिवर्स माइग्रेशन स्वागत योग्य है। शाह ने कहा कि पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन एसओपी तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को की पहचान करना सुनिश्चित हो। शाह ने कहा कि इनकम टैक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डीएम, एसपी और आईजी बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए।
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अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों में हवाला ट्रांजैक्शन, लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और जीएसटी कलेक्शन पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए और आयकर विभाग, आरबीआई के साथ मिलकर सर्वे की बड़ी मुहिम चलाई जाए। अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को ध्यान में रखते हुए तटीय सुरक्षा और भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है। इसके लिए वाइब्रेंट विलेजेज के साथ-साथ भारत सरकार व राज्य सरकार की हर योजना का सीमांत गांवों में 100% सैचुरेशन सुनिश्चित हों।
गुजरात में घुसपैठ बंद हुई
शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति से गुजरात के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है। राज्य में घुसपैठ तथा बॉर्डर पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखकर उसे समाप्त किया जाए। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में कट्टरपंथ के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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डीएम को जनसांख्यिकी बदलाव की सख्त मॉनिटरिंग करने के निर्देश
सीमावर्ती जिलों में डीएम को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त मॉनिटरिंग एवं नियमित रिपोर्टिंग करनी चाहिए। इन क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने के कारण हो रहा रिवर्स माइग्रेशन स्वागत योग्य है। शाह ने कहा कि पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में पुलिस स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं। उन्होंने कहा कि हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन एसओपी तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को की पहचान करना सुनिश्चित हो। शाह ने कहा कि इनकम टैक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डीएम, एसपी और आईजी बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए।
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