Army: क्या अगले 25 साल भारत के लिए आसान होंगे? लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने अशांत पड़ोस के बीच गिनाए खतरे
Lieutenant General Manjinder Singh Statememt: सेना के वरिष्ठ कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा है कि भारत की अगले 25 साल की यात्रा शांतिपूर्ण नहीं होगी। वैश्विक अस्थिरता, अशांत पड़ोस और हाइब्रिड व साइबर खतरों से निपटने के लिए रणनीति में किए गए बड़े बदलावों को भी उन्होंने बताया.
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भारत के भविष्य को लेकर सेना की शीर्ष कमान ने स्पष्ट और सख्त चेतावनी दी है। सेना की दक्षिण-पश्चिम कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह ने कहा है कि देश की अगले 25 वर्षों की यात्रा शांतिपूर्ण नहीं रहने वाली है। आने वाले समय में भारत को अलग-अलग दिशाओं से सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिनके लिए सेना को हर स्तर पर तैयार रहना होगा।
रक्षा मंत्रालय के पॉडकास्ट ‘रक्षा सूत्र’ में बातचीत के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि दुनिया तेजी से अस्थिर हो रही है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है, जब 52 देश किसी न किसी संघर्ष में उलझे हुए हैं। वैश्विक व्यवस्था बदल रही है और भारत का पड़ोस पहले से अधिक अशांत है। ऐसे माहौल में सुरक्षा खतरे बढ़ना स्वाभाविक है।
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हाइब्रिड और साइबर युद्ध की आशंका क्यों?
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि आने वाले खतरे केवल पारंपरिक युद्ध तक सीमित नहीं होंगे। हाइब्रिड युद्ध, साइबर हमले और तकनीकी मोर्चों पर भी चुनौतियां सामने आ सकती हैं। उन्होंने बताया कि 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब देश की सुरक्षा मजबूत रहे। इसके लिए सेना को हर तरह के खतरे के लिए तैयार रहना जरूरी है।
सेना ने अपनी तैयारी कैसे बदली?
- प्रशिक्षण का 70 प्रतिशत हिस्सा अब रात के समय कराया जा रहा है।
- ऑपरेशन सिंदूर के अनुभव से सीखा गया कि ज्यादातर खतरे रात में सामने आते हैं।
- लॉजिस्टिक्स को अंडरग्राउंड किया जा रहा है, ताकि दुश्मन नुकसान न पहुंचा सके।
- मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के लिए तकनीक और प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया है।
- आपात खरीद के तहत 15 तरह के नए सैन्य उपकरण लिए गए हैं, जो मार्च-अप्रैल तक कमान में शामिल होंगे।
युद्ध के बदलते स्वरूप पर सेना का फोकस
लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि सेना अपने तौर-तरीकों, तकनीक और प्रक्रियाओं को लगातार अपडेट कर रही है। उद्देश्य यही है कि दुश्मन से हमेशा चार कदम आगे रहा जाए। शांतिकाल हो, युद्ध जैसी स्थिति हो या पूर्ण युद्ध, हर हाल में सेना को विजयी बनाकर लौटना है। इसके लिए प्रशिक्षण और तैयारी में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।
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जयपुर में क्यों होगा सेना दिवस का भव्य आयोजन?
उन्होंने बताया कि इस बार सेना दिवस का मुख्य समारोह जयपुर के जगतपुरा स्थित महल रोड पर होगा। चार दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों के जरिए सेना 108 स्कूलों और 200 कॉलेजों तक अपना संदेश पहुंचा चुकी है। खुले आयोजन में पांच से छह लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। 15 जनवरी को होने वाली 78वीं सेना दिवस परेड दक्षिण-पश्चिम कमान की अगुवाई में होगी।
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