सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian researcher ronaldo laishram names newly discovered galaxy structure after Manipur Loktak Lake

Research: नई गैलेक्सी को मिला ‘लोकटक’ नाम, मणिपुर के डॉ रोनाल्डो लैशराम ने बताई इसके पीछे की वजह

पीटीआई, इम्फाल Published by: अमन तिवारी Updated Tue, 26 May 2026 06:07 PM IST
विज्ञापन
सार

जापान में भारतीय वैज्ञानिक डॉ रोनाल्डो लैशराम ने आकाशगंगाओं की एक विशाल संरचना खोजी है। उन्होंने इसका नाम मणिपुर की 'लोकटक झील' रखा है। इसका उद्देश्य दुनिया में मणिपुर की पहचान को अमर करना और विज्ञान के प्रति रुचि जगाना है। यह खोज 12.6 अरब साल पुरानी है।

Indian researcher ronaldo laishram names newly discovered galaxy structure after Manipur Loktak Lake
आकाशगंगा (फाइल फोटो) - फोटो : Istock
विज्ञापन

विस्तार

जापान में कार्यरत भारतीय शोधकर्ता डॉ रोनाल्डो लैशराम और उनकी टीम ने अंतरिक्ष में आकाशगंगाओं की एक नई और विशाल संरचना की खोज की है। उन्होंने इस संरचना का नाम मणिपुर की प्रसिद्ध 'लोकटक झील' के नाम पर रखा है। उनका उद्देश्य पूर्वोत्तर के इस राज्य की पहचान को दुनिया में हमेशा के लिए अमर करना है। डॉ रोनाल्डो जापान के नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी (NAOJ) में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता के रूप में एक अंतरराष्ट्रीय टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।


इस महत्वपूर्ण संरचना का अध्ययन हवाई में स्थित सुबारू टेलीस्कोप और जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से किया गया। यह शोध कार्य अक्टूबर 2024 में शुरू हुआ था और इस महीने 'एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स' में प्रकाशित हुआ है। रोनाल्डो ने बताया कि खोज के तुरंत बाद ही उनके मन में लोकटक झील का नाम आया। उनके अनुसार, लोकटक मणिपुर का दर्पण और जीवन रेखा है। यह केवल एक झील नहीं है, बल्कि वहां के लोगों की कहानियों और पहचान से गहराई से जुड़ी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


29 वर्षीय रोनाल्डो मणिपुर के थौबल जिले के खंगाबोक गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि वह मणिपुर के इतिहास से जुड़े 'ताओरोइनाई' (एक पौराणिक सांप) जैसे कई नामों पर विचार कर रहे थे। लेकिन जब उन्होंने चार अलग-अलग आकाशगंगाओं के समूह को एक साथ जुड़े देखा, तो उन्हें लोकटक नाम सबसे स्वाभाविक लगा। झील की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा, लोकटक पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है और यह हजारों मछुआरों को आजीविका देती है। यहां दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ नेशनल पार्क है, जहां दुर्लभ 'संगाई' हिरण रहते हैं।
विज्ञापन
Trending Videos


ये भी पढ़ें: West Bengal: चुनावी हार के बाद टीएमसी में बढ़ी बेचैनी, सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने उठाया 'अराजकता' का मुद्दा

इस खोज के वैज्ञानिक महत्व पर बात करते हुए रोनाल्डो ने कहा कि 12.6 अरब साल पहले भी आकाशगंगाओं के विकास पर उनके आसपास के वातावरण का प्रभाव पड़ता था। उस समय ब्रह्मांड की उम्र केवल 1.2 अरब साल थी। इस नामकरण से विदेशी वैज्ञानिकों में भी मणिपुर और लोकटक झील को लेकर उत्सुकता बढ़ी है।

रोनाल्डो लैशराम के पिता का नाम लैशराम महाजोन सिंह और माता का नाम लैशराम सनाहनबी देवी है। उन्होंने मैसूर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की और फिर जापान की तोहोकू यूनिवर्सिटी से एस्ट्रोनॉमी में पीएचडी पूरी की। उन्हें बचपन से ही आसमान के सितारों को देखने का शौक था। उन्होंने 2025 में 'मणिपुर एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी' की स्थापना भी की है ताकि अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि रखने वालों को एक मंच मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed